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Sirmour News: छात्राओं ने मॉडल बनाकर दिया जल संरक्षण का संदेश
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सचित्र-
छात्राओं ने मॉडल बनाकर दिया जल संरक्षण का संदेश
कन्या स्कूल नाहन में जल संरक्षण और कचरा प्रबंधन पर लगी मॉडल प्रर्दशनी
जलचक्र, एसिड रेन, मानव उत्सर्जन यंत्र, कचरा प्रबंधन जैसे बनाए मॉडल
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नाहन की छात्राओं ने एक से बढ़कर एक मॉडल बनाकर जल संरक्षण और कचरा प्रबंधन का संदेश दिया। छात्राओं ने अनुपयोगी सामग्री से बनाए अपने मॉडलों में वातावरण में फैल रहे प्रदूषण, कम होता पीने योग्य पानी, मानव उत्सर्जन यंत्र, जलचक्र, पानी संचय और कचरे को किस प्रकार ठिकाने लगाना चाहिए आदि विषय को बखूबी प्रदर्शित किया।
दरअसल, स्कूल में इको क्लब की ओर से जल संरक्षण और कचरा प्रबंधन पर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। छात्राओं ने बेकार पड़ी वस्तुओं जिसमें प्लास्टिक बोतल, कागज, गत्ते, आइसक्रीम स्टिक, कागज के कपों की मदद से सुंदर-सुंदर मॉडल बनाए।
विज्ञान अध्यापिका और इको क्लब की प्रभारी सीमा भाटिया, युवा इको क्लब के प्रभारी हुकुम की देखरेख में लगी इस प्रदर्शनी का शुभारंभ खंड परियोजना अधिकारी और प्रधानाचार्य डाॅ. आशिमा राघव ने किया। उन्होंने मॉडलों के बारे में भी छात्राओं से जानकारी ली और उनकी प्रतिभा को सराहा।
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प्रदर्शनी में छठी से 12वीं कक्षा की छात्राओं ने हिस्सा लिया। मॉडल प्रदर्शनी के दौरान खुशी और प्रिया ने डस्टबीन, सुदीप्ति ने मानव उत्सर्जन यंत्र, मीनाक्षी ने एसिड रेन, रूद्राक्षी व कल्पना ने जल चक्र के मॉडल बनाए। इसके अलावा पादग कोशिका, वृक्ष बचाओ समेत कई मॉडल भी आकर्षण का केंद्र रहे।
इस दौरान प्रधानाचार्य डाॅ. आशिमा राघव ने कहा कि राजस्थान का मरुस्थलीय भाग हरियाणा की ओर बढ़ रहा है, क्योंकि हम तेजी से निकासी के साथ भूजल को कम कर रहे हैं और हमारे पास वर्षा जल संरक्षण करने के लिए कोई उचित प्रबंधन और तकनीक नहीं है। अब पानी की बर्बादी को रोकने का समय आ गया है। जल प्रबंधन के नियमों को विनियमित करने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है। इस दौरान शिक्षिका ज्योत्सना सोलंकी भी मौजूद रहीं।
-- -- -- संवाद
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छात्राओं ने मॉडल बनाकर दिया जल संरक्षण का संदेश
कन्या स्कूल नाहन में जल संरक्षण और कचरा प्रबंधन पर लगी मॉडल प्रर्दशनी
जलचक्र, एसिड रेन, मानव उत्सर्जन यंत्र, कचरा प्रबंधन जैसे बनाए मॉडल
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नाहन की छात्राओं ने एक से बढ़कर एक मॉडल बनाकर जल संरक्षण और कचरा प्रबंधन का संदेश दिया। छात्राओं ने अनुपयोगी सामग्री से बनाए अपने मॉडलों में वातावरण में फैल रहे प्रदूषण, कम होता पीने योग्य पानी, मानव उत्सर्जन यंत्र, जलचक्र, पानी संचय और कचरे को किस प्रकार ठिकाने लगाना चाहिए आदि विषय को बखूबी प्रदर्शित किया।
दरअसल, स्कूल में इको क्लब की ओर से जल संरक्षण और कचरा प्रबंधन पर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। छात्राओं ने बेकार पड़ी वस्तुओं जिसमें प्लास्टिक बोतल, कागज, गत्ते, आइसक्रीम स्टिक, कागज के कपों की मदद से सुंदर-सुंदर मॉडल बनाए।
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विज्ञान अध्यापिका और इको क्लब की प्रभारी सीमा भाटिया, युवा इको क्लब के प्रभारी हुकुम की देखरेख में लगी इस प्रदर्शनी का शुभारंभ खंड परियोजना अधिकारी और प्रधानाचार्य डाॅ. आशिमा राघव ने किया। उन्होंने मॉडलों के बारे में भी छात्राओं से जानकारी ली और उनकी प्रतिभा को सराहा।
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प्रदर्शनी में छठी से 12वीं कक्षा की छात्राओं ने हिस्सा लिया। मॉडल प्रदर्शनी के दौरान खुशी और प्रिया ने डस्टबीन, सुदीप्ति ने मानव उत्सर्जन यंत्र, मीनाक्षी ने एसिड रेन, रूद्राक्षी व कल्पना ने जल चक्र के मॉडल बनाए। इसके अलावा पादग कोशिका, वृक्ष बचाओ समेत कई मॉडल भी आकर्षण का केंद्र रहे।
इस दौरान प्रधानाचार्य डाॅ. आशिमा राघव ने कहा कि राजस्थान का मरुस्थलीय भाग हरियाणा की ओर बढ़ रहा है, क्योंकि हम तेजी से निकासी के साथ भूजल को कम कर रहे हैं और हमारे पास वर्षा जल संरक्षण करने के लिए कोई उचित प्रबंधन और तकनीक नहीं है। अब पानी की बर्बादी को रोकने का समय आ गया है। जल प्रबंधन के नियमों को विनियमित करने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है। इस दौरान शिक्षिका ज्योत्सना सोलंकी भी मौजूद रहीं।