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भू-वैज्ञानिकों की टीम लगाएगी भूस्खलन के कारणों का पता
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पांवटा साहिब- शिलाई मार्ग पर बड़वास में हुए भूस्खलन की जांच करने पहुंचे चंढीगढ़ के भू-विज्ञानिक।
- फोटो : NAHAN
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नाहन (सिरमौर)। पांवटा साहिब-शिलाई-हाटकोटी नेशनल हाईवे 707 पर बड़वास के समीप कालीढांक में हुए भूस्खलन के क्या कारण रहे। भूस्खलन रोकने के लिए यहां क्या कदम उठाए जा सकते हैं और सड़क मार्ग के लिए भू-भाग का कौन सा हिस्सा सही रहेगा। ऐसे तमाम सवालों का जवाब तलाशने के लिए भारतीय भू-वैज्ञानिकों की एक टीम सिरमौर पहुंच गई है। चंडीगढ़ से आई यह टीम दो दिनों तक बड़वास की पहाड़ियों का अध्ययन करेगी।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले पांवटा साहिब-शिलाई सड़क मार्ग पर एक पहाड़ी ढह गई थी। पहाड़ी गिरने से करीब 150 मीटर सड़क भी खाई में समा गई है। इस वजह से इस सड़क मार्ग पर यातायात पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था भी की गई है। पहाड़ी धंसने के बाद उस क्षेत्र में सुरक्षा की दृष्टि से कौन सा भू-भाग सड़क के लिए उपयुक्त रहेगा। इसकी जांच के लिए टीम कार्य करेगी।
उपायुक्त सिरमौर राम कुमार गौतम ने बताया कि यह टीम मंगलवार और बुधवार को भूस्खलन स्थल का अध्ययन करेगी और बुधवार दोपहर में उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत करवाएगी। इस टीम में निदेशक इंजीनियरिंग भू-विज्ञान मनोज कुमार, भू-विज्ञानी पी. जगन और सहायक भू-विज्ञानी ए. पुनिया शामिल हैं। उपायुक्त ने लोगों से बरसात के मौसम में अपने घरों में रहने और गैर जरूरी यात्राएं स्थगित करने की अपील की है। उन्होंने यह भी अपील की है कि बरसात के इस मौसम में नदी-नालों से दूर रहें।
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गौरतलब है कि कुछ दिन पहले पांवटा साहिब-शिलाई सड़क मार्ग पर एक पहाड़ी ढह गई थी। पहाड़ी गिरने से करीब 150 मीटर सड़क भी खाई में समा गई है। इस वजह से इस सड़क मार्ग पर यातायात पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था भी की गई है। पहाड़ी धंसने के बाद उस क्षेत्र में सुरक्षा की दृष्टि से कौन सा भू-भाग सड़क के लिए उपयुक्त रहेगा। इसकी जांच के लिए टीम कार्य करेगी।
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उपायुक्त सिरमौर राम कुमार गौतम ने बताया कि यह टीम मंगलवार और बुधवार को भूस्खलन स्थल का अध्ययन करेगी और बुधवार दोपहर में उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत करवाएगी। इस टीम में निदेशक इंजीनियरिंग भू-विज्ञान मनोज कुमार, भू-विज्ञानी पी. जगन और सहायक भू-विज्ञानी ए. पुनिया शामिल हैं। उपायुक्त ने लोगों से बरसात के मौसम में अपने घरों में रहने और गैर जरूरी यात्राएं स्थगित करने की अपील की है। उन्होंने यह भी अपील की है कि बरसात के इस मौसम में नदी-नालों से दूर रहें।
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