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Sirmour News: पांवटा साहिब-शिलाई एनएच पर बार-बार दरक रहे पहाड़, एसडीएम ने डीसी को लिखा पत्र
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पांवटा साहिब-शिलाई एनएच 707 के निर्माण के लिए हो रही पहाड़ों की कटाई। संवाद
सचित्र
पांवटा साहिब-शिलाई एनएच पर बार-बार दरक रहे पहाड़
, एसडीएम ने डीसी को लिखा पत्र
90 डिग्री एंगल पर कटिंग के आरोप, जोखिम में लोगों की जान
एनएच पर हर समय हादसे की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
सतौन (सिरमौर)। पांवटा साहिब-शिलाई-गुम्मा एनएच 707 के चौड़ीकरण के कार्य के चलते लगातार भूस्खलन हो रहा है। एनएच के निर्माण में जुटी कंपनियों पर लगातार अवैज्ञानिक तरीके से पहाड़ों की कटाई के आरोप भी लगते आ रहे हैं। इसे लेकर क्षेत्र के लोगों में भी काफी गुस्सा है। कई जगह 90 डिग्री एंगल पर कटाई होने से पहाड़ दरक रहे हैं। ऐसे में इस एनएच पर लगातार हादसे की आशंका बन रही है।
बीते दिन भी शिल्ला के समीप पहाड़ दरकने से निकला मलबा व पत्थर सरकारी स्कूल के भवन पर जा गिरे जिससे तीन कमरों में दरारें आ गईं। पहले भी ग्रामीणों ने संबंधित कंपनी को पहाड़ों की कटाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध करने की गुहार लगाई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।
इस मामले में अब स्थानीय प्रशासन भी हरकत में आ गया है। एसडीएम कफोटा ने मोर्थ और संबंधित कंपनी की शिकायत उपायुक्त सिरमौर को भेजी है जिसमें पहाड़ों की अवैज्ञानिक तरीके से कटिंग और सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता न होने की बात कही है।
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बता दें कि पांवटा से गुम्मा तक 103 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण का कार्य चार फेज में चला हुआ है। आखिरी फेज पूरा हो चुका है। जबकि तीन फेज पर कार्य प्रगति पर है। इन फेज में कुछ जगह आज भी स्लाइडिंग जोन में है, जिसमें मुख्यतः चीलोन, कमरऊ, शिल्ला, गंगटोली आदि क्षेत्र शामिल हैं जहां मनमर्जी और अवैज्ञानिक तरीके से कटिंग करना बताया जा रहा है।
इन क्षेत्रों में पहाड़ी कभी भी किसी भी समय दरक सकती है, जिससे कोई भी हादसा हो सकता है। कई जगह तो कटिंग के दौरान बैरिकेड्स तक नहीं लगाए जाते।
एसडीएम कफोटा राजेश वर्मा ने बताया कि अवैज्ञानिक तरीके से कटिंग की शिकायत उपायुक्त सिरमौर को भेज दी है। उन्होंने बताया कि मोर्थ और निजी कंपनी के अधिकारी मौके पर बुलाने पर भी नहीं आते। इसके अलावा कटिंग के दौरान सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
उधर दूसरे फेज पर कार्य कर रही कंपनी आरजीबी के प्रबंध निदेशक राहुल डे ने बताया कि डीपीआर के तहत सरकार ने जितनी जमीन उपलब्ध कराई गई है, उसी के तहत कटिंग की जा रही है। इसके चलते खड़ी कटिंग करनी पड़ रही है।
...
यहां जारी है भूस्खलन
पांवटा और सतौन के मध्य कच्ची ढांक में पिछले तीन साल से भूस्खलन निरंतर जारी है। बारिश के दौरान सड़क धंस रही है। 2019 से इसका धंसना जारी है, जिसका एनएचएआई आजतक कोई विकल्प नहीं निकाल पाया।
हेवना में खड़ी पहाड़ी से कटिंग हो रही है। जहां एक छोटा पत्थर भी हादसे का कारण बन सकता है। शिल्ला गांव के आसपास भूस्खलन के कई स्पॉट हैं जहां एक बार भूस्खलन हो जाए तो कई दिन तक सड़क बंद रहती है। पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
गंगटोली के पास सड़क बहुत संकरी है, जहां पिछले महीने बस की बॉडी तक क्षतिग्रस्त हुई है। वहां कई दिनों तक सड़क यातायात के लिए बंद थी।
...
मैदान में लगीं कक्षाएं, कहीं और स्कूल चलाने की मांगी अनुमति
सतौन (सिरमौर)। एनएच- 707 पर कफोटा उपमंडल के शिल्ला में सोमवार को हुए भूस्खलन से माध्यमिक पाठशाला शिल्ला क्षतिग्रस्त होने के चलते मंगलवार को कक्षाएं खेल मैदान के एक छोर पर लगानी पड़ीं। इस बीच भी शिक्षकों और बच्चों में भय की स्थिति बनी रही।
स्कूल प्रबंधन को खेल मैदान के एक और सुरक्षित स्थान पर दिनभर सभी कक्षाओं के संचालन करना। स्कूल प्रशासन और प्रबंधन समिति ने शिक्षा विभाग से प्राथमिक पाठशाला शिल्ला और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कफोटा के लिए अनुमति मांगी है।
प्राथमिक पाठशाला शिल्ला में पहले ही छात्रों की संख्या अधिक है जहां माध्यमिक स्कूल के संचालन में परेशानी आएगी। इसके अलावा कफोटा स्कूल की दूरी अधिक है। लेकिन इसके अलावा कोई विकल्प दिखाई नहीं दे रहा है।
स्कूल प्रभारी गणेश शर्मा में बताया कि विभाग को वैकल्पिक तौर पर अन्य जगह स्कूल चलाने की अनुमति मांगी गई है, जिसके लिए प्राथमिक पाठशाला शिल्ला और कफोटा स्कूल का चयन किया गया है।
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पांवटा साहिब-शिलाई एनएच पर बार-बार दरक रहे पहाड़
, एसडीएम ने डीसी को लिखा पत्र
90 डिग्री एंगल पर कटिंग के आरोप, जोखिम में लोगों की जान
एनएच पर हर समय हादसे की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
सतौन (सिरमौर)। पांवटा साहिब-शिलाई-गुम्मा एनएच 707 के चौड़ीकरण के कार्य के चलते लगातार भूस्खलन हो रहा है। एनएच के निर्माण में जुटी कंपनियों पर लगातार अवैज्ञानिक तरीके से पहाड़ों की कटाई के आरोप भी लगते आ रहे हैं। इसे लेकर क्षेत्र के लोगों में भी काफी गुस्सा है। कई जगह 90 डिग्री एंगल पर कटाई होने से पहाड़ दरक रहे हैं। ऐसे में इस एनएच पर लगातार हादसे की आशंका बन रही है।
बीते दिन भी शिल्ला के समीप पहाड़ दरकने से निकला मलबा व पत्थर सरकारी स्कूल के भवन पर जा गिरे जिससे तीन कमरों में दरारें आ गईं। पहले भी ग्रामीणों ने संबंधित कंपनी को पहाड़ों की कटाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध करने की गुहार लगाई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।
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इस मामले में अब स्थानीय प्रशासन भी हरकत में आ गया है। एसडीएम कफोटा ने मोर्थ और संबंधित कंपनी की शिकायत उपायुक्त सिरमौर को भेजी है जिसमें पहाड़ों की अवैज्ञानिक तरीके से कटिंग और सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता न होने की बात कही है।
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बता दें कि पांवटा से गुम्मा तक 103 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण का कार्य चार फेज में चला हुआ है। आखिरी फेज पूरा हो चुका है। जबकि तीन फेज पर कार्य प्रगति पर है। इन फेज में कुछ जगह आज भी स्लाइडिंग जोन में है, जिसमें मुख्यतः चीलोन, कमरऊ, शिल्ला, गंगटोली आदि क्षेत्र शामिल हैं जहां मनमर्जी और अवैज्ञानिक तरीके से कटिंग करना बताया जा रहा है।
इन क्षेत्रों में पहाड़ी कभी भी किसी भी समय दरक सकती है, जिससे कोई भी हादसा हो सकता है। कई जगह तो कटिंग के दौरान बैरिकेड्स तक नहीं लगाए जाते।
एसडीएम कफोटा राजेश वर्मा ने बताया कि अवैज्ञानिक तरीके से कटिंग की शिकायत उपायुक्त सिरमौर को भेज दी है। उन्होंने बताया कि मोर्थ और निजी कंपनी के अधिकारी मौके पर बुलाने पर भी नहीं आते। इसके अलावा कटिंग के दौरान सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
उधर दूसरे फेज पर कार्य कर रही कंपनी आरजीबी के प्रबंध निदेशक राहुल डे ने बताया कि डीपीआर के तहत सरकार ने जितनी जमीन उपलब्ध कराई गई है, उसी के तहत कटिंग की जा रही है। इसके चलते खड़ी कटिंग करनी पड़ रही है।
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यहां जारी है भूस्खलन
पांवटा और सतौन के मध्य कच्ची ढांक में पिछले तीन साल से भूस्खलन निरंतर जारी है। बारिश के दौरान सड़क धंस रही है। 2019 से इसका धंसना जारी है, जिसका एनएचएआई आजतक कोई विकल्प नहीं निकाल पाया।
हेवना में खड़ी पहाड़ी से कटिंग हो रही है। जहां एक छोटा पत्थर भी हादसे का कारण बन सकता है। शिल्ला गांव के आसपास भूस्खलन के कई स्पॉट हैं जहां एक बार भूस्खलन हो जाए तो कई दिन तक सड़क बंद रहती है। पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
गंगटोली के पास सड़क बहुत संकरी है, जहां पिछले महीने बस की बॉडी तक क्षतिग्रस्त हुई है। वहां कई दिनों तक सड़क यातायात के लिए बंद थी।
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मैदान में लगीं कक्षाएं, कहीं और स्कूल चलाने की मांगी अनुमति
सतौन (सिरमौर)। एनएच- 707 पर कफोटा उपमंडल के शिल्ला में सोमवार को हुए भूस्खलन से माध्यमिक पाठशाला शिल्ला क्षतिग्रस्त होने के चलते मंगलवार को कक्षाएं खेल मैदान के एक छोर पर लगानी पड़ीं। इस बीच भी शिक्षकों और बच्चों में भय की स्थिति बनी रही।
स्कूल प्रबंधन को खेल मैदान के एक और सुरक्षित स्थान पर दिनभर सभी कक्षाओं के संचालन करना। स्कूल प्रशासन और प्रबंधन समिति ने शिक्षा विभाग से प्राथमिक पाठशाला शिल्ला और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कफोटा के लिए अनुमति मांगी है।
प्राथमिक पाठशाला शिल्ला में पहले ही छात्रों की संख्या अधिक है जहां माध्यमिक स्कूल के संचालन में परेशानी आएगी। इसके अलावा कफोटा स्कूल की दूरी अधिक है। लेकिन इसके अलावा कोई विकल्प दिखाई नहीं दे रहा है।
स्कूल प्रभारी गणेश शर्मा में बताया कि विभाग को वैकल्पिक तौर पर अन्य जगह स्कूल चलाने की अनुमति मांगी गई है, जिसके लिए प्राथमिक पाठशाला शिल्ला और कफोटा स्कूल का चयन किया गया है।

पांवटा साहिब-शिलाई एनएच 707 के निर्माण के लिए हो रही पहाड़ों की कटाई। संवाद

पांवटा साहिब-शिलाई एनएच 707 के निर्माण के लिए हो रही पहाड़ों की कटाई। संवाद