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Sirmour News: गर्मी बढ़ने के साथ अस्पतालों में आने लगे डिहाइड्रेशन के मामले
Thu, 30 May 2024 11:31 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
Updated Thu, 30 May 2024 11:31 PM IST
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क्षेत्रीय अस्पताल में मेडिसिन ओपीडी के बाहर बारी के इंतजार में मरीज। संवाद
रोजाना अस्पताल में आ रहे 10 पीड़ित मरीज
बीबीएन और परवाणू में अधिक दिख रहा लोगों में असर
चिकित्सक ने भी जारी किया अलर्ट, धूप में न निकलें बाहर
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में 35 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान होने के साथ ही अस्पतालों में स्ट्रोक डिहाइड्रेशन और थकान के मामले बढ़ने शुरू हो गए हैं। रोजाना अस्पताल में धूप के कारण बीमारी से पीड़ित होकर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। अधिकतर मामले बीबीएन और परवाणू में आ रहे हैं। जहां पर धूप की तपिश से लोग अब परेशानी में आ रहे हैं। इसी के साथ बीमार होना भी शुरू हो गए हैं।
अस्पताल में रोजाना करीब 10 पीड़ित मरीज आ रहे हैं। इन मरीजों को चिकित्सक उपचार दे रहे हैं। खास बात यह है कि अभी सामान्य मरीज आ रहे हैं। इस कारण अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ रही है। लेकिन चिकित्सक मरीजों पर नजर बनाए हुए हैं। चिकित्सकों ने मामले आने के बाद अलर्ट भी जारी कर दिया है। साथ ही लोगों को धूप में बाहर न निकलने की सलाह भी दे रहे हैं।
गौर रहे कि इन दिनों तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके चलते मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले के अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में भी डिहाइड्रेशन की वजह से सिर-हाथ-पैर में दर्द और चक्कर की शिकायत चिकित्सकों से कर रहे हैं। इस प्रकार की स्थिति पिछले तीन दिनों से बनी है। गर्मी आते ही अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। बच्चों में भी इस प्रकार के मामले आ रहे हैं। वीरवार को भी अधिक गर्मी होने के कारण मेडिसिन ओपीडी में डिहाइड्रेशन के मामले आए हैं। हालांकि सोलन में मरीजों की संख्या अधिक नहीं हैं।
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इनसेट
डिहाइड्रेशन के लक्षण
-उल्टी दस्त होना
-चक्कर आना
-चिड़चिड़ापन महसूस होना
-सिर दर्द
-पेट में दर्द उठना
-मुंह सूखना।
इनसेट
इस तरह से करें बचाव
-पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं
-समय-समय पर ओआरएस का घोल पीते रहें
-साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें
-बाहर का खाना खाने से बचें।
-तरल पेय पदार्थों का खूब सेवन करें
-धूप में घर से बाहर निकलते समय टोपी आदि पहन कर निकलें।
इनसेट
तापमान लगातार बढ़ने के कारण गर्मी ज्यादा हो गई है। लोगों से आग्रह है कि वह अपना ध्यान रखें और डिहाइड्रेशन होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।
-डॉ. अमित रंजन तलवाड़
जिला स्वास्थ्य अधिकारी
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बीबीएन और परवाणू में अधिक दिख रहा लोगों में असर
चिकित्सक ने भी जारी किया अलर्ट, धूप में न निकलें बाहर
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में 35 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान होने के साथ ही अस्पतालों में स्ट्रोक डिहाइड्रेशन और थकान के मामले बढ़ने शुरू हो गए हैं। रोजाना अस्पताल में धूप के कारण बीमारी से पीड़ित होकर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। अधिकतर मामले बीबीएन और परवाणू में आ रहे हैं। जहां पर धूप की तपिश से लोग अब परेशानी में आ रहे हैं। इसी के साथ बीमार होना भी शुरू हो गए हैं।
अस्पताल में रोजाना करीब 10 पीड़ित मरीज आ रहे हैं। इन मरीजों को चिकित्सक उपचार दे रहे हैं। खास बात यह है कि अभी सामान्य मरीज आ रहे हैं। इस कारण अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ रही है। लेकिन चिकित्सक मरीजों पर नजर बनाए हुए हैं। चिकित्सकों ने मामले आने के बाद अलर्ट भी जारी कर दिया है। साथ ही लोगों को धूप में बाहर न निकलने की सलाह भी दे रहे हैं।
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गौर रहे कि इन दिनों तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके चलते मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले के अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में भी डिहाइड्रेशन की वजह से सिर-हाथ-पैर में दर्द और चक्कर की शिकायत चिकित्सकों से कर रहे हैं। इस प्रकार की स्थिति पिछले तीन दिनों से बनी है। गर्मी आते ही अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। बच्चों में भी इस प्रकार के मामले आ रहे हैं। वीरवार को भी अधिक गर्मी होने के कारण मेडिसिन ओपीडी में डिहाइड्रेशन के मामले आए हैं। हालांकि सोलन में मरीजों की संख्या अधिक नहीं हैं।
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डिहाइड्रेशन के लक्षण
-उल्टी दस्त होना
-चक्कर आना
-चिड़चिड़ापन महसूस होना
-सिर दर्द
-पेट में दर्द उठना
-मुंह सूखना।
इनसेट
इस तरह से करें बचाव
-पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं
-समय-समय पर ओआरएस का घोल पीते रहें
-साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें
-बाहर का खाना खाने से बचें।
-तरल पेय पदार्थों का खूब सेवन करें
-धूप में घर से बाहर निकलते समय टोपी आदि पहन कर निकलें।
इनसेट
तापमान लगातार बढ़ने के कारण गर्मी ज्यादा हो गई है। लोगों से आग्रह है कि वह अपना ध्यान रखें और डिहाइड्रेशन होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।
-डॉ. अमित रंजन तलवाड़
जिला स्वास्थ्य अधिकारी