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Sirmour News: किराये की चिंता छोड़ पढ़ाई की राह पर बढ़े कदम, सिरमौर में हिम बस कार्ड बना सहारा
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-11,855 लोगों को मिला लाभ, किसी का 4500 से घटा 670 रुपये तो किसी का 1380 से 230 रुपये हुआ मासिक किराया
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। घर से संस्थान तक पहुंचने के लिए हर महीने हजारों रुपये खर्च करने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रदेश सरकार की ‘हिम बस कार्ड’ योजना बड़ी राहत प्रदान कर रही है। योजना के तहत विद्यार्थियों, महिलाओं, दिव्यांगजनों सहित विभिन्न वर्गों को सस्ती और निशुल्क बस यात्रा सुविधा मिल रही है।
जिला सिरमौर में अब तक 11,855 हिम बस कार्ड जारी किए जा चुके हैं। एचआरटीसी की नाहन और पांवटा साहिब इकाइयों के माध्यम से दूरदराज क्षेत्रों तक इस सुविधा को पहुंचाया जा रहा है। योजना से न केवल लोगों की जेब पर पड़ने वाला किराये का बोझ कम हुआ है, बल्कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े लोगों के लिए आवागमन भी आसान हुआ है।
हिम बस कार्ड योजना का सबसे बड़ा लाभ विद्यार्थियों को मिला है। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नाहन में प्रशिक्षण ले रहे छात्र बताते हैं कि पहले रोजाना आने-जाने में बड़ी राशि खर्च हो जाती थी, लेकिन अब रियायती बस पास ने यह बोझ काफी कम कर दिया है। देवका गांव की आईटीआई प्रशिक्षु रिया चौहान ने बताया कि पहले उन्हें संस्थान आने-जाने के लिए हर माह करीब 1380 रुपये बस किराये के रूप में खर्च करने पड़ते थे। हिम बस पास बनने के बाद अब यही सफर करीब 230 रुपये प्रतिमाह में हो रहा है। वहीं कौलांवाला भूड़ की शिवानी और वंशिका ने बताया कि पहले उनका मासिक बस किराया करीब 4500 रुपये तक पहुंच जाता था, लेकिन अब यह खर्च घटकर करीब 670 रुपये रह गया है। इससे परिवारों पर पढ़ाई का आर्थिक दबाव कम हुआ है।
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इनसेट-1
29 श्रेणियों के लोगों को मिल रही सुविधा
‘हिम बस कार्ड’ योजना के तहत जिला में 29 श्रेणियों के पात्र लोगों को लाभ दिया जा रहा है। इसमें पहली से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थी, महाविद्यालय छात्र, सरकारी एवं निगम-बोर्ड कर्मचारी, मान्यता प्राप्त पत्रकार, स्वतंत्रता सेनानी, शौर्य पुरस्कार विजेता सैनिक, युद्ध विधवाएं, दिव्यांगजन और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग शामिल हैं। विद्यार्थियों को खेलकूद, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए एचआरटीसी की साधारण बसों में यात्रा किराये पर 50 प्रतिशत रियायत भी दी जा रही है।
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इनसेट-2
5332 महिलाओं, 1909 सरकारी स्कूल विद्यार्थियों ने बनवाए कार्ड
एचआरटीसी नाहन इकाई की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार अभी तक 11,855 लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाया है। इसमें 5332 महिलाओं, 1909 सरकारी स्कूल विद्यार्थियों और 991 सरकारी महाविद्यालय विद्यार्थियों को हिम बस पास जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा 30 दृष्टिबाधित व्यक्तियों, 883 ऐसे दिव्यांगजनों जिनकी दिव्यांगता 40 प्रतिशत या अधिक है तथा 293 गंभीर दिव्यांगता वाले लोगों को भी योजना का लाभ मिला है। एचआरटीसी की विशेष टीम दूरदराज क्षेत्रों में पहुंचकर घर-द्वार पर हिम बस कार्ड बना रही है, जिससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।-- -- -- --
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। घर से संस्थान तक पहुंचने के लिए हर महीने हजारों रुपये खर्च करने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रदेश सरकार की ‘हिम बस कार्ड’ योजना बड़ी राहत प्रदान कर रही है। योजना के तहत विद्यार्थियों, महिलाओं, दिव्यांगजनों सहित विभिन्न वर्गों को सस्ती और निशुल्क बस यात्रा सुविधा मिल रही है।
जिला सिरमौर में अब तक 11,855 हिम बस कार्ड जारी किए जा चुके हैं। एचआरटीसी की नाहन और पांवटा साहिब इकाइयों के माध्यम से दूरदराज क्षेत्रों तक इस सुविधा को पहुंचाया जा रहा है। योजना से न केवल लोगों की जेब पर पड़ने वाला किराये का बोझ कम हुआ है, बल्कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े लोगों के लिए आवागमन भी आसान हुआ है।
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हिम बस कार्ड योजना का सबसे बड़ा लाभ विद्यार्थियों को मिला है। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नाहन में प्रशिक्षण ले रहे छात्र बताते हैं कि पहले रोजाना आने-जाने में बड़ी राशि खर्च हो जाती थी, लेकिन अब रियायती बस पास ने यह बोझ काफी कम कर दिया है। देवका गांव की आईटीआई प्रशिक्षु रिया चौहान ने बताया कि पहले उन्हें संस्थान आने-जाने के लिए हर माह करीब 1380 रुपये बस किराये के रूप में खर्च करने पड़ते थे। हिम बस पास बनने के बाद अब यही सफर करीब 230 रुपये प्रतिमाह में हो रहा है। वहीं कौलांवाला भूड़ की शिवानी और वंशिका ने बताया कि पहले उनका मासिक बस किराया करीब 4500 रुपये तक पहुंच जाता था, लेकिन अब यह खर्च घटकर करीब 670 रुपये रह गया है। इससे परिवारों पर पढ़ाई का आर्थिक दबाव कम हुआ है।
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इनसेट-1
29 श्रेणियों के लोगों को मिल रही सुविधा
‘हिम बस कार्ड’ योजना के तहत जिला में 29 श्रेणियों के पात्र लोगों को लाभ दिया जा रहा है। इसमें पहली से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थी, महाविद्यालय छात्र, सरकारी एवं निगम-बोर्ड कर्मचारी, मान्यता प्राप्त पत्रकार, स्वतंत्रता सेनानी, शौर्य पुरस्कार विजेता सैनिक, युद्ध विधवाएं, दिव्यांगजन और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग शामिल हैं। विद्यार्थियों को खेलकूद, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए एचआरटीसी की साधारण बसों में यात्रा किराये पर 50 प्रतिशत रियायत भी दी जा रही है।
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5332 महिलाओं, 1909 सरकारी स्कूल विद्यार्थियों ने बनवाए कार्ड
एचआरटीसी नाहन इकाई की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार अभी तक 11,855 लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाया है। इसमें 5332 महिलाओं, 1909 सरकारी स्कूल विद्यार्थियों और 991 सरकारी महाविद्यालय विद्यार्थियों को हिम बस पास जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा 30 दृष्टिबाधित व्यक्तियों, 883 ऐसे दिव्यांगजनों जिनकी दिव्यांगता 40 प्रतिशत या अधिक है तथा 293 गंभीर दिव्यांगता वाले लोगों को भी योजना का लाभ मिला है। एचआरटीसी की विशेष टीम दूरदराज क्षेत्रों में पहुंचकर घर-द्वार पर हिम बस कार्ड बना रही है, जिससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।