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लंबित मांगों को लेकर कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति तल्ख
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नाहन बस स्टेंड पर गेट मीटिंग के दौरान अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते एचआरटीसी के कर्मचारी।
- फोटो : NAHAN
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नाहन(सिरमौर)। हिमाचल पथ परिवहन निगम प्रबंधन की ओर से हिमाचल परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के साथ किए गए समझौतों पर अमल न किए जाने पर समिति ने गहरा रोष प्रकट किया है। शनिवार को इसके रोष स्वरूप हिमाचल परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति ने नाहन बस स्टैंड पर गेट मीटिंग कर निगम प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
साथ ही निर्णय लिया कि समिति लंबित मांगों को लेकर 18 अक्तूबर को एक दिवसीय काम छोड़ आंदोलन करेगी। समिति के सदस्यों ने कहा कि प्रबंधन की ओर से उनकी लंबित मांगों पर अभी तक गौर नहीं किया गया है।
जनवरी 2016 से 13 प्रतिशत आईआर, 15 प्रतिशत डीए, 32 महीनों का नाइट ओवर टाइम, पेंशन, ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन, लीव इन कैशमेंट, जीपीएफ और कई प्रकार के एरियर आदि कर्मचारियों के लगभग 500 करोड़ के रुपये के वित्तीय भुगतान लंबित हैं। इससे कर्मचारी अपने को ठगा सा महसूस कर रहा है। कर्मचारियों के वित्तीय बकाया राशी का भुगतान दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
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वित्तीय मांगों के अतिरिक्त भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करना, पीस मील कर्मचारियों को एकमुश्त अनुबंध पर लाना, चालकों का पूर्व की भांति 9880 रुपये का आरंभिक वेतनमान बहाल करना, निजी रूट परमिट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना और बेवजह कर्मचारियों को प्रताड़ित और उकसाने के लिए की गई कार्रवाई को रद्द करना आदि मांगे हैं जो पूरी नहीं हुई हैं।
इस मौके पर हिमाचल परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति नाहन डिपो के राजेंद्र, सुरेंद्र कुमार, श्याम, मोहम्मद नासिर, मदन लाल, दलगंजन ठाकुर, सुखराम, धर्मेंद्र, प्रीतम और राकेश सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
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साथ ही निर्णय लिया कि समिति लंबित मांगों को लेकर 18 अक्तूबर को एक दिवसीय काम छोड़ आंदोलन करेगी। समिति के सदस्यों ने कहा कि प्रबंधन की ओर से उनकी लंबित मांगों पर अभी तक गौर नहीं किया गया है।
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जनवरी 2016 से 13 प्रतिशत आईआर, 15 प्रतिशत डीए, 32 महीनों का नाइट ओवर टाइम, पेंशन, ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन, लीव इन कैशमेंट, जीपीएफ और कई प्रकार के एरियर आदि कर्मचारियों के लगभग 500 करोड़ के रुपये के वित्तीय भुगतान लंबित हैं। इससे कर्मचारी अपने को ठगा सा महसूस कर रहा है। कर्मचारियों के वित्तीय बकाया राशी का भुगतान दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
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वित्तीय मांगों के अतिरिक्त भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करना, पीस मील कर्मचारियों को एकमुश्त अनुबंध पर लाना, चालकों का पूर्व की भांति 9880 रुपये का आरंभिक वेतनमान बहाल करना, निजी रूट परमिट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना और बेवजह कर्मचारियों को प्रताड़ित और उकसाने के लिए की गई कार्रवाई को रद्द करना आदि मांगे हैं जो पूरी नहीं हुई हैं।
इस मौके पर हिमाचल परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति नाहन डिपो के राजेंद्र, सुरेंद्र कुमार, श्याम, मोहम्मद नासिर, मदन लाल, दलगंजन ठाकुर, सुखराम, धर्मेंद्र, प्रीतम और राकेश सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।