{"_id":"694a80723b816772b501a201","slug":"hindu-boy-murder-in-bangla-desh-not-acceptable-nahan-news-c-177-1-ssml1028-167701-2025-12-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: बांग्लादेश में हिंदू को जलाने की घटना अस्वीकार्य और पीड़ादायक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: बांग्लादेश में हिंदू को जलाने की घटना अस्वीकार्य और पीड़ादायक
विज्ञापन
शकील अहमद शेख, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, ऑल हिमाचल मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी।
सचित्र--
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। बांग्लादेश में उग्र भीड़ की तरफ से अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के युवक को जिंदा जलाने की घटना की ऑल हिमाचल मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने कड़ी निंदा की है। प्रेस को जारी बयान में सोसायटी के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता शकील अहमद शेख ने कहा कि जिस तरह मुस्लिमों की भीड़ ने हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की पिटाई करके उसे जिंदा जलाया ये अमानवीय घटना नाकाबिले बर्दाश्त है।
उन्होंने कहा कि ये घटना पूरी तरह से अस्वीकार्य और पीड़ादायक है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हमले की घटनाओं से भारत जैसे शांति प्रिय देश के अमन-शांति और भाईचारे को भी ठेस पहुंची है।
उन्होंने मांग की कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के कदम उठाए जाएं। हत्या की पारदर्शी जांच की जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को न होने दिया जाए। उन्होंने भारत सरकार से इस मामले में सख्ती से हस्तक्षेप करते हुए इस अमानवीय कार्य के लिए जिम्मेदारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की भी मांग की है।
विज्ञापन
-- -- संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। बांग्लादेश में उग्र भीड़ की तरफ से अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के युवक को जिंदा जलाने की घटना की ऑल हिमाचल मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने कड़ी निंदा की है। प्रेस को जारी बयान में सोसायटी के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता शकील अहमद शेख ने कहा कि जिस तरह मुस्लिमों की भीड़ ने हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की पिटाई करके उसे जिंदा जलाया ये अमानवीय घटना नाकाबिले बर्दाश्त है।
उन्होंने कहा कि ये घटना पूरी तरह से अस्वीकार्य और पीड़ादायक है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हमले की घटनाओं से भारत जैसे शांति प्रिय देश के अमन-शांति और भाईचारे को भी ठेस पहुंची है।
विज्ञापन
उन्होंने मांग की कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के कदम उठाए जाएं। हत्या की पारदर्शी जांच की जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को न होने दिया जाए। उन्होंने भारत सरकार से इस मामले में सख्ती से हस्तक्षेप करते हुए इस अमानवीय कार्य के लिए जिम्मेदारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की भी मांग की है।
विज्ञापन