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Sirmour News: चार वर्षों बाद भी शहरी गंदे नाले का काम नहीं हुआ शुरू
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-निजी भूमि मालिकों और नाले ढकने को मिला है करीब चार करोड़ रुपये का बजट
-क्षेत्रवासी बोले, केवल चुनाव समीप आने पर इस मुद्दे की रहती है सुगबुगाहट
सुुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पूर्व भाजपा सरकार के दौरान पांवटा शहरी गंदे नाले की योजना को करीब चार करोड़ रुपये बजट का प्रावधान हुआ। इसमें भूमि मालिकों तथा नाले के चेनेलाइजेशन व ढकने का कार्य होना है। इससे नाले के दोनों तरफ वार्ड-7 व वार्ड- 5 निवासी वाल्मिकी बस्ती के तीन दर्जन से अधिक परिवार काफी परेशानी झेलने को मजबूर हैं, लेकिन चार वर्ष से अधिक समय होने के बावजूद शहर की ज्वलंत समस्या का समाधान होना अब भी बाकी है।
बता दें कि पिछले दो दशकों से अधिक समय से पांवटा साहिब शहरी क्षेत्र के गंदे नाले को ढकने की समस्या उठाई जाती रही है। स्थानीय निवासी अमित कुमार, विनोद कुमार, ललित, कुनाल, मनीष प्रकाश व बंटी कहना है कि पिछले काफी समय से हर नगर परिषद व अन्य चुनावों में गंदा नाला मुख्य मुद्दों में शामिल रहता है। दोनों वार्डों के दर्जनों परिवार नरकीय सा जीवन व्यतीत कर रहे हैं। इस नाले को ढकने की मांग काफी समय से उठाई जाती रही।
पांच वर्ष पहले पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के संज्ञान में मामला लाया गया। उन्होंने प्रशासन को गंदे नालों को ढकने की योजना, वन सरकारी व निजी भूमि मालिकों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। चार वर्ष पहले भाजपा की पूर्व प्रदेश सरकार ने बजट का भी प्रावधान कर दिया था, लेकिन पांवटा शहरी क्षेत्र में नगर परिषद के वार्ड नंबर 5 और 7 की वाल्मीकि बस्ती के बीचों-बीच बह रहे गंदे खुले नाले से लोगों को अब भी काफी दिक्कतें उठानी पड़ रहीं हैं। खास कर गर्मियों के दिनों में मच्छर व मक्खियों के चलते दिक्कतें व विभिन्न रोगों के फैलने की आशंका रहती है।
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नाले के आसपास रहने वाले दर्जनों परिवारों के लोगों का कहना है कि करीब 2.14 करोड़ निजी भूमि मालिकों से भूमि अधिग्रहण के लिए तथा 1.87 करोड़ बजट भी चार वर्ष से भी अधिक अवधि पहले पांवटा नगर परिषद को मिल चुका है, लेकिन काम नहीं हो पा रहा है।
बाक्स...
आसपास के परिवार बेहद खफा
स्थानीय निवासी अमित कुमार और विनोद कुमार ने बताया कि दो वार्डों के बीच से शहरी गंदा नाला गुजरता है। बजट का समाधान नहीं होने पर परिवार नाराज है। आगामी नगर परिषद के चुनाव का बहिष्कार या फिर अपना प्रत्याशी उतारने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।
बाक्स...
समाधान निकालने के हो रहे प्रयास : एसडीएम
एसडीएम पांवटा साहिब गुंजीत सिंह चीमा ने बताया कि इस योजना को बजट का प्रावधान तो काफी पहले हो चुका है। इस योजना के लिए बीच में निजी भूमि आती है। इस पर विवाद रहा है। भू-मालिकों के साथ बैठक कर भूमि मालिकों को मनाने का प्रयास होंगे।
संवाद
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-क्षेत्रवासी बोले, केवल चुनाव समीप आने पर इस मुद्दे की रहती है सुगबुगाहट
सुुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पूर्व भाजपा सरकार के दौरान पांवटा शहरी गंदे नाले की योजना को करीब चार करोड़ रुपये बजट का प्रावधान हुआ। इसमें भूमि मालिकों तथा नाले के चेनेलाइजेशन व ढकने का कार्य होना है। इससे नाले के दोनों तरफ वार्ड-7 व वार्ड- 5 निवासी वाल्मिकी बस्ती के तीन दर्जन से अधिक परिवार काफी परेशानी झेलने को मजबूर हैं, लेकिन चार वर्ष से अधिक समय होने के बावजूद शहर की ज्वलंत समस्या का समाधान होना अब भी बाकी है।
बता दें कि पिछले दो दशकों से अधिक समय से पांवटा साहिब शहरी क्षेत्र के गंदे नाले को ढकने की समस्या उठाई जाती रही है। स्थानीय निवासी अमित कुमार, विनोद कुमार, ललित, कुनाल, मनीष प्रकाश व बंटी कहना है कि पिछले काफी समय से हर नगर परिषद व अन्य चुनावों में गंदा नाला मुख्य मुद्दों में शामिल रहता है। दोनों वार्डों के दर्जनों परिवार नरकीय सा जीवन व्यतीत कर रहे हैं। इस नाले को ढकने की मांग काफी समय से उठाई जाती रही।
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पांच वर्ष पहले पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के संज्ञान में मामला लाया गया। उन्होंने प्रशासन को गंदे नालों को ढकने की योजना, वन सरकारी व निजी भूमि मालिकों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। चार वर्ष पहले भाजपा की पूर्व प्रदेश सरकार ने बजट का भी प्रावधान कर दिया था, लेकिन पांवटा शहरी क्षेत्र में नगर परिषद के वार्ड नंबर 5 और 7 की वाल्मीकि बस्ती के बीचों-बीच बह रहे गंदे खुले नाले से लोगों को अब भी काफी दिक्कतें उठानी पड़ रहीं हैं। खास कर गर्मियों के दिनों में मच्छर व मक्खियों के चलते दिक्कतें व विभिन्न रोगों के फैलने की आशंका रहती है।
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नाले के आसपास रहने वाले दर्जनों परिवारों के लोगों का कहना है कि करीब 2.14 करोड़ निजी भूमि मालिकों से भूमि अधिग्रहण के लिए तथा 1.87 करोड़ बजट भी चार वर्ष से भी अधिक अवधि पहले पांवटा नगर परिषद को मिल चुका है, लेकिन काम नहीं हो पा रहा है।
बाक्स...
आसपास के परिवार बेहद खफा
स्थानीय निवासी अमित कुमार और विनोद कुमार ने बताया कि दो वार्डों के बीच से शहरी गंदा नाला गुजरता है। बजट का समाधान नहीं होने पर परिवार नाराज है। आगामी नगर परिषद के चुनाव का बहिष्कार या फिर अपना प्रत्याशी उतारने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।
बाक्स...
समाधान निकालने के हो रहे प्रयास : एसडीएम
एसडीएम पांवटा साहिब गुंजीत सिंह चीमा ने बताया कि इस योजना को बजट का प्रावधान तो काफी पहले हो चुका है। इस योजना के लिए बीच में निजी भूमि आती है। इस पर विवाद रहा है। भू-मालिकों के साथ बैठक कर भूमि मालिकों को मनाने का प्रयास होंगे।
संवाद