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आसमान उगल रहा आग, तापमान बढ़ने से फलों पर संकट
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पांवटा क्षेत्र में आम पेड़ों पर आया अंकुर (कौर)।
- फोटो : NAHAN
पुरुवाला (सिरमौर)। जिला के मैदानी इलाकों में आसमान आग उगल रहा है। तापमान में हो रही वृद्धि से आम, लीची, आड़ू, पल्म और खुमानी की फसल पर संकट मंडराने लगा है। इस वर्ष आम और लीची में बड़ी मात्रा में अंकुर (कौर) फूटा है। बागवानों को उम्मीद थी कि इस बार फसल अधिक होगी लेकिन पहले मार्च और अब अप्रैल में तापमान में तेजी से वृद्धि होने के कारण बागवानों और इस व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों और अग्रिम बगीचा खरीदने वाले लोगों की चिंता बढ़ने लगी है।
उन्हें फलों के पेड़ पर आया अंकुर झड़ने का डर सताने लगा है। पांवटा क्षेत्र के भगानी, अंबोया, कंडेला, सालवाला, आमवाला, शिवपुर, बेहराल, माजरा, जामनीवाला, किशनपुरा, शुभखेड़ा आदि गांवों के प्रगतिशील बागवान किसान चमेल, नैन सिंह, जगत राम, राजेश शर्मा, अनुज, रजनीश आदि ने बताया कि मार्च में तापमान बढ़ते हुए दिन में 35 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया था। अप्रैल में भी यही हाल है। इससे आम और लीची के लिए मुश्किल पैदा हो सकती है। वहीं गेहूं की फसल पकने के अंतिम दौर पर है। ऐसे में तेज हवा, तूफान व बारिश से सिंचित क्षेत्र में गेहूं को नुकसान जरूर हो सकता है लेकिन धूप से नहीं। जबकि धूप से फलों के पेड़ों पर आया अंकुर झड़ सकता है।
उद्यान विभाग पांवटा के अधिकारी अमित बख्शी ने बताया कि अभी तक जो तापमान है उससे किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। किसानों को बगीचे में नमी बरकरार रखने की जरूरत है। अभी आम और लीची के अंकुर पर प्रभाव नहीं पड़ेगा लेकिन पल्म, खुमानी, आड़ू आदि की गुठली बढ़ने से फर्क पड़ना शुरू हो जाएगा।
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उन्हें फलों के पेड़ पर आया अंकुर झड़ने का डर सताने लगा है। पांवटा क्षेत्र के भगानी, अंबोया, कंडेला, सालवाला, आमवाला, शिवपुर, बेहराल, माजरा, जामनीवाला, किशनपुरा, शुभखेड़ा आदि गांवों के प्रगतिशील बागवान किसान चमेल, नैन सिंह, जगत राम, राजेश शर्मा, अनुज, रजनीश आदि ने बताया कि मार्च में तापमान बढ़ते हुए दिन में 35 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया था। अप्रैल में भी यही हाल है। इससे आम और लीची के लिए मुश्किल पैदा हो सकती है। वहीं गेहूं की फसल पकने के अंतिम दौर पर है। ऐसे में तेज हवा, तूफान व बारिश से सिंचित क्षेत्र में गेहूं को नुकसान जरूर हो सकता है लेकिन धूप से नहीं। जबकि धूप से फलों के पेड़ों पर आया अंकुर झड़ सकता है।
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उद्यान विभाग पांवटा के अधिकारी अमित बख्शी ने बताया कि अभी तक जो तापमान है उससे किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। किसानों को बगीचे में नमी बरकरार रखने की जरूरत है। अभी आम और लीची के अंकुर पर प्रभाव नहीं पड़ेगा लेकिन पल्म, खुमानी, आड़ू आदि की गुठली बढ़ने से फर्क पड़ना शुरू हो जाएगा।
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