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गिरि पुल के निर्माण पर रोक, वन विभाग ने ठेकेदार को दिया नोटिस
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ददाहू में गिरि नदी पर निर्माणाधीन पुल। संवाद
- फोटो : NAHAN
ददाहू (सिरमौर)। नियमों की अवहेलना पर वन विभाग ने गिरि नदी पर बन रहे डबल लेन पुल के निर्माण पर रोक लगा दी है। इससे अब पुल के निर्माण में बड़ी अड़चन पैदा हो गई है। इस पुल का निर्माण एफआरए की स्वीकृति के बिना ही किया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि पुल का एक पिल्लर वन विभाग की परिधि में है लेकिन लोक निर्माण विभाग ने वन विभाग से स्वीकृति लिए बगैर ही पुल का निर्माण शुरू करवा दिया। इसको लेकर वन अधिकारियों ने वन अधिनियम की अवहेलना का हवाला देकर पुल का कार्य रोक दिया है। इससे लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार के हाथ-पांव फूल गए हैं।
बीते सोमवार को ही वन अधिकारियों ने संबंधित ठेकेदार नोटिस जारी करने के साथ ही निर्माण स्थल पर पहुंचकर पुल का कार्य तत्काल बंद करवा दिया। लोक निर्माण के अधिकारी वन विभाग की स्वीकृति संबंधी कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाए हैं।
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उल्लेखनीय है कि ददाहू में करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से 165 मीटर लंबे आधुनिक व डबललेन पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह पुल पूरे रेणुका विधानसभा क्षेत्र की हजारों की आबादी को जिला मुख्यालय से जोड़ेगा। दशकों पहले यहां बने पुल के साथ ही इसका निर्माण किया जा रहा है। इस पुल के दो में से एक पिल्लर को भूमिगत करने का कार्य भी पूर्ण हो चुका है।
दूसरे पिल्लर के निर्माण के दौरान कठोर भूमिगत चट्टान के फंसने से यह कार्य पिछले छह महीने से ही अधर में लटका है। इस कठोर चट्टान को तोड़ने में ठेकेदार के पसीने तक छूट चुके हैं। पुल का निर्माण कार्य निश्चित समय अवधि में पूरा नहीं किया जा सका है। ठेकेदार की लेटलतीफी लोक निर्माण विभाग पर भी अब भारी पड़ गई है।
डीएफओ रेणुका उर्वशी ठाकुर ने बताया कि पुल का निर्माण उनकी नाक तले हो रहा है लेकिन उसके बावजूद भी लोक निर्माण विभाग ने वन विभाग की अनुमति लेना उचित नहीं समझा। वन अधिनियम (एफआरए) की अवहेलना करने पर पुल के निर्माण कार्य को रोका गया है। बीते एक साल में विभाग व संबंधित ठेकेदार ने वन स्वीकृति लेने में कोई दिलचस्पी नहीं ली।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता दिलीप तोमर ने बताया कि पुल निर्माण स्थल की निशानदेही के लिए राजस्व विभाग से समय मांगा गया है।
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बताया जा रहा है कि पुल का एक पिल्लर वन विभाग की परिधि में है लेकिन लोक निर्माण विभाग ने वन विभाग से स्वीकृति लिए बगैर ही पुल का निर्माण शुरू करवा दिया। इसको लेकर वन अधिकारियों ने वन अधिनियम की अवहेलना का हवाला देकर पुल का कार्य रोक दिया है। इससे लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार के हाथ-पांव फूल गए हैं।
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बीते सोमवार को ही वन अधिकारियों ने संबंधित ठेकेदार नोटिस जारी करने के साथ ही निर्माण स्थल पर पहुंचकर पुल का कार्य तत्काल बंद करवा दिया। लोक निर्माण के अधिकारी वन विभाग की स्वीकृति संबंधी कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाए हैं।
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उल्लेखनीय है कि ददाहू में करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से 165 मीटर लंबे आधुनिक व डबललेन पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह पुल पूरे रेणुका विधानसभा क्षेत्र की हजारों की आबादी को जिला मुख्यालय से जोड़ेगा। दशकों पहले यहां बने पुल के साथ ही इसका निर्माण किया जा रहा है। इस पुल के दो में से एक पिल्लर को भूमिगत करने का कार्य भी पूर्ण हो चुका है।
दूसरे पिल्लर के निर्माण के दौरान कठोर भूमिगत चट्टान के फंसने से यह कार्य पिछले छह महीने से ही अधर में लटका है। इस कठोर चट्टान को तोड़ने में ठेकेदार के पसीने तक छूट चुके हैं। पुल का निर्माण कार्य निश्चित समय अवधि में पूरा नहीं किया जा सका है। ठेकेदार की लेटलतीफी लोक निर्माण विभाग पर भी अब भारी पड़ गई है।
डीएफओ रेणुका उर्वशी ठाकुर ने बताया कि पुल का निर्माण उनकी नाक तले हो रहा है लेकिन उसके बावजूद भी लोक निर्माण विभाग ने वन विभाग की अनुमति लेना उचित नहीं समझा। वन अधिनियम (एफआरए) की अवहेलना करने पर पुल के निर्माण कार्य को रोका गया है। बीते एक साल में विभाग व संबंधित ठेकेदार ने वन स्वीकृति लेने में कोई दिलचस्पी नहीं ली।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता दिलीप तोमर ने बताया कि पुल निर्माण स्थल की निशानदेही के लिए राजस्व विभाग से समय मांगा गया है।