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Sirmour News: भूमि से बेदखली मुद्दे को लेकर पांवटा साहिब में किसान सभा का धरना
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-किसान सभा पांवटा साहिब में भूमि से बेदखली मुददे को लेकर धरना प्रदर्शन करते हुए: संवाद
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भूमि से बेदखली मुद्दे को लेकर पांवटा साहिब में किसान सभा का धरना
आगामी विधानसभा सत्र के दौरान हजारों किसान धरना देंगे : राजेंद्र ठाकुर
पांवटा साहिब में धरना प्रदर्शन कर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजा गया ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब(सिरमौर)। हिमाचल किसान सभा ने भूमिहीन परिवारों के साथ अपनी मांगों को लेकर पांवटा साहिब में धरना प्रदर्शन किया। इसमें जमीन से बेदखली एवं इससे संबंधित अन्य मुद्दों को लेकर जमकर नारेबाजी की गई। एसडीएम के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया है जिसमें भूमिहीनों को मालिकाना हक देने की मांग रखी है। मांगे पूरी नहीं करने पर आगामी विधानसभा सत्र के दौरान विरोध करने का अल्टीमेटम दिया है।
हिमाचल किसान सभा से राजेंद्र ठाकुर, सूरत सिंह, दिनेश कुमार, इंद्रजीत कौर, दीपक, सन्नी सुमार, निशा, सुखदेव, रामकुमार, अशोक, भूपेंद्र व संत राम समेत धरना प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बताया कि 11 फरवरी को पूरे प्रदेश के एसडीएम व तहसील कार्यालयों में जाकर ज्ञापन सौंप जाने का फैसला किया गया है। इसके चलते मंगलवार को पांवटा साहिब विश्राम गृह में बैठक के बाद धरना प्रदर्शन शुरू किया गया।
राजेंद्र कुमार ने कहा कि प्रदेश में वन विभाग पिछले कुछ समय से कार्रवाई कर रहा है। इसमें भूमि से बेदखली करने का विरोध किया जा रहा है। सरकार ने वर्ष 2000 में 1953 का भूमि राजस्व एक्ट की धारा-163 (लेंड रेवेन्यू एक्ट की धारा-163) को संशोधित कर धारा 163 एक जोड़ा था। तब प्रदेश में करीब 1.67 लाख लोगों ने शपथ पत्र दाखिल किए थे। प्रदेश सरकार से मांग है कि प्रदेश के करीब साढ़े चार लाख गरीब परिवारों को परेशान नहीं किया जाए। आने वाले विधानसभा सत्र में सचिवालय के बाहर विरोध प्रदर्शन के लिए हजारों की संख्या में किसान व भूमिहीन पहुंचेंगे। मांगपत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को 11 सूत्री ज्ञापन भेज दिया गया है।
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आगामी विधानसभा सत्र के दौरान हजारों किसान धरना देंगे : राजेंद्र ठाकुर
पांवटा साहिब में धरना प्रदर्शन कर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजा गया ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब(सिरमौर)। हिमाचल किसान सभा ने भूमिहीन परिवारों के साथ अपनी मांगों को लेकर पांवटा साहिब में धरना प्रदर्शन किया। इसमें जमीन से बेदखली एवं इससे संबंधित अन्य मुद्दों को लेकर जमकर नारेबाजी की गई। एसडीएम के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया है जिसमें भूमिहीनों को मालिकाना हक देने की मांग रखी है। मांगे पूरी नहीं करने पर आगामी विधानसभा सत्र के दौरान विरोध करने का अल्टीमेटम दिया है।
हिमाचल किसान सभा से राजेंद्र ठाकुर, सूरत सिंह, दिनेश कुमार, इंद्रजीत कौर, दीपक, सन्नी सुमार, निशा, सुखदेव, रामकुमार, अशोक, भूपेंद्र व संत राम समेत धरना प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बताया कि 11 फरवरी को पूरे प्रदेश के एसडीएम व तहसील कार्यालयों में जाकर ज्ञापन सौंप जाने का फैसला किया गया है। इसके चलते मंगलवार को पांवटा साहिब विश्राम गृह में बैठक के बाद धरना प्रदर्शन शुरू किया गया।
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राजेंद्र कुमार ने कहा कि प्रदेश में वन विभाग पिछले कुछ समय से कार्रवाई कर रहा है। इसमें भूमि से बेदखली करने का विरोध किया जा रहा है। सरकार ने वर्ष 2000 में 1953 का भूमि राजस्व एक्ट की धारा-163 (लेंड रेवेन्यू एक्ट की धारा-163) को संशोधित कर धारा 163 एक जोड़ा था। तब प्रदेश में करीब 1.67 लाख लोगों ने शपथ पत्र दाखिल किए थे। प्रदेश सरकार से मांग है कि प्रदेश के करीब साढ़े चार लाख गरीब परिवारों को परेशान नहीं किया जाए। आने वाले विधानसभा सत्र में सचिवालय के बाहर विरोध प्रदर्शन के लिए हजारों की संख्या में किसान व भूमिहीन पहुंचेंगे। मांगपत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को 11 सूत्री ज्ञापन भेज दिया गया है।
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-किसान सभा पांवटा साहिब में भूमि से बेदखली मुददे को लेकर धरना प्रदर्शन करते हुए: संवाद