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Sirmour News: शुद्ध उच्चारण का तरीका बताया
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राजगढ़ कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में मौजूद विद्यार्थी और स्टाफ। स्रोत : कॉलेज
राजगढ़ कॉलेज में ध्वन्यात्मक प्रतिलेखन पर कार्यशाला
डिजिटल युग में भाषा और संवाद कौशल को मजबूत बनाने पर जोर
डॉ. हीरा छेत्री ने अंग्रेजी उच्चारण की बारीकियां समझाईं
संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। राजकीय महाविद्यालय राजगढ़ के अंग्रेजी विभाग के लिटरेरी क्लब ने महाविद्यालय परिसर में ध्वन्यात्मक प्रतिलेखन एवं शुद्ध उच्चारण विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य डिजिटल युग में विद्यार्थियों के भाषाई ज्ञान और उच्चारण कौशल को सुदृढ़ बनाना था।
मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ. मीनू भास्कर जीवन ने कहा कि डिजिटल दौर में भाषाओं का ज्ञान तथा शुद्ध उच्चारण व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ प्रभावी संवाद के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से कार्यशाला का अधिकतम लाभ उठाकर अपने संचार कौशल को बेहतर बनाने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता डॉ. हीरा छेत्री ने ध्वन्यात्मक प्रतिलेखन (फोनेटिक्स ट्रांसक्रिप्शन) और शुद्ध उच्चारण पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने अंग्रेजी शब्दों के सही उच्चारण के नियम, ध्वन्यात्मक संकेतों और उच्चारण की बारीकियों की जानकारी दी। साथ ही व्यावहारिक उदाहरणों से उच्चारण संबंधी सामान्य त्रुटियों को समझाते हुए उनके सुधार के उपाय भी बताए, जिससे विद्यार्थियों को विषय की बेहतर समझ मिली।
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कार्यशाला में वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रो. जगमोहन, प्रो. रमेश कुमार, प्रो. प्रमोद, प्रो. अंकुर सूद, प्रो. अमिता मेहता, डॉ. पंकज शर्मा, डॉ. विपिन ठाकुर, डॉ. शशि किरण, प्रो. पूनम, प्रो. विनोद, राकेश तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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डिजिटल युग में भाषा और संवाद कौशल को मजबूत बनाने पर जोर
डॉ. हीरा छेत्री ने अंग्रेजी उच्चारण की बारीकियां समझाईं
संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। राजकीय महाविद्यालय राजगढ़ के अंग्रेजी विभाग के लिटरेरी क्लब ने महाविद्यालय परिसर में ध्वन्यात्मक प्रतिलेखन एवं शुद्ध उच्चारण विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य डिजिटल युग में विद्यार्थियों के भाषाई ज्ञान और उच्चारण कौशल को सुदृढ़ बनाना था।
मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ. मीनू भास्कर जीवन ने कहा कि डिजिटल दौर में भाषाओं का ज्ञान तथा शुद्ध उच्चारण व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ प्रभावी संवाद के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से कार्यशाला का अधिकतम लाभ उठाकर अपने संचार कौशल को बेहतर बनाने का आह्वान किया।
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मुख्य वक्ता डॉ. हीरा छेत्री ने ध्वन्यात्मक प्रतिलेखन (फोनेटिक्स ट्रांसक्रिप्शन) और शुद्ध उच्चारण पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने अंग्रेजी शब्दों के सही उच्चारण के नियम, ध्वन्यात्मक संकेतों और उच्चारण की बारीकियों की जानकारी दी। साथ ही व्यावहारिक उदाहरणों से उच्चारण संबंधी सामान्य त्रुटियों को समझाते हुए उनके सुधार के उपाय भी बताए, जिससे विद्यार्थियों को विषय की बेहतर समझ मिली।
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कार्यशाला में वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रो. जगमोहन, प्रो. रमेश कुमार, प्रो. प्रमोद, प्रो. अंकुर सूद, प्रो. अमिता मेहता, डॉ. पंकज शर्मा, डॉ. विपिन ठाकुर, डॉ. शशि किरण, प्रो. पूनम, प्रो. विनोद, राकेश तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।