{"_id":"69eb68ab79042abbc0059dbe","slug":"employees-union-demand-nahan-news-c-177-1-ssml1028-177143-2026-04-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: लंबित वित्तीय मामलों पर एक जुट हों प्रदेश के सभी कर्मचारी संगठन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: लंबित वित्तीय मामलों पर एक जुट हों प्रदेश के सभी कर्मचारी संगठन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। प्रदेश विद्यालय प्रवक्ता संघ के राज्य चेयरमैन और नई पेंशन योजना कर्मचारी संघ के जिला सिरमौर के अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर ने प्रदेश के सभी कर्मचारी संगठनों से कर्मचारियों के वर्षों से लंबित वित्तीय मामलों पर एकजुट होकर वार्ता अथवा संघर्ष की रणनीति बनाने की अपील की है। सुरेंद्र पुंडीर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के बाद कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के निवेदन पर सरकार की वित्तीय स्थिति नियंत्रण में लाने तक धैर्य भी रखा। बढ़ती महंगाई, एनपीएस और ओपीएस कर्मचारियों के मध्य उत्पन्न हुई लगभग 27 प्रतिशत की वेतन की विसंगति की खाई (जो अब बढ़ कर 29 प्रतिशत हो जाएगी) ने कर्मचारियों को चिंतन के लिए विवश कर दिया है।
उन्होंने कहा कि एनपीएस कर्मचारियों को 14 प्रतिशत एनएसडीएल में शेयर के रूप में और केंद्र के बराबर अतिरिक्त महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। जबकि प्रदेश के पुरानी पेंशन योजना के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों के वेतन से यद्यपि सरकार को 14 प्रतिशत शेयर न देकर सीधी बचत हो रही है वहीं उन्हें 15 प्रतिशत महंगाई भत्ता भी कम दिया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप प्रत्येक कर्मचारी को 5000 रुपये से लेकर 20,000 रुपये प्रतिमाह तक का कम वेतन मिल रहा है। इसके कारण पुरानी पेंशन बहाली के लिए संघर्ष करने वाले संगठन पर कर्मचारियों और पेंशन भोगी कर्मचारियों का दबाव बढ़ता जा रहा है।
प्रदेश में एक जनवरी 2026 से आठवें वेतन आयोग के लागू होने की आशा थी, जबकि अभी तक सातवें वेतन आयोग के संशोधित वेतनमान का एरियर लंबित है। यही नहीं, वेतन के साथ मिलने वाले भत्ते 2006 से ही नहीं बढ़े हैं। पुंडीर ने कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वह दलगत विचारधारा और निजी स्वार्थों को तिलांजलि देकर अपने उत्तरदायित्व का निर्भीकता और निष्पक्षता से निर्वहन करने के लिए आगे आएं अन्यथा हिमाचल प्रदेश में स्थापित कर्मचारी संगठनों का प्रभाव और वजूद ही समाप्त हो जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाली के लिए 2022 से पूर्व किए गए संयुक्त ऐतिहासिक आंदोलन की याद दिलाते हुए आह्वान किया कि वह सभी अपने पद और विभाग की सीमाओं को लांघ कर एकजुट हों और अपने-अपने संगठनों के प्रतिनिधियों पर लंबित वित्तीय लाभों की अदायगी के लिए एक सशक्त मंच तैयार करने और एक व्यावहारिक रणनीति बनाने का दबाव बनाए एवं स्वयं भी संघर्ष के लिए तैयार रहें। पुंडीर ने आशा व्यक्त की कि संगठनों के संयुक्त प्रयास कर्मचारियों के विभिन्न मुद्दों पर सरकार से वार्ता करने अथवा अन्य वैकल्पिक समाधान का माहौल तैयार करने में सफल होंगे।
-- -संवाद
विज्ञापन
नाहन (सिरमौर)। प्रदेश विद्यालय प्रवक्ता संघ के राज्य चेयरमैन और नई पेंशन योजना कर्मचारी संघ के जिला सिरमौर के अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर ने प्रदेश के सभी कर्मचारी संगठनों से कर्मचारियों के वर्षों से लंबित वित्तीय मामलों पर एकजुट होकर वार्ता अथवा संघर्ष की रणनीति बनाने की अपील की है। सुरेंद्र पुंडीर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के बाद कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के निवेदन पर सरकार की वित्तीय स्थिति नियंत्रण में लाने तक धैर्य भी रखा। बढ़ती महंगाई, एनपीएस और ओपीएस कर्मचारियों के मध्य उत्पन्न हुई लगभग 27 प्रतिशत की वेतन की विसंगति की खाई (जो अब बढ़ कर 29 प्रतिशत हो जाएगी) ने कर्मचारियों को चिंतन के लिए विवश कर दिया है।
उन्होंने कहा कि एनपीएस कर्मचारियों को 14 प्रतिशत एनएसडीएल में शेयर के रूप में और केंद्र के बराबर अतिरिक्त महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। जबकि प्रदेश के पुरानी पेंशन योजना के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों के वेतन से यद्यपि सरकार को 14 प्रतिशत शेयर न देकर सीधी बचत हो रही है वहीं उन्हें 15 प्रतिशत महंगाई भत्ता भी कम दिया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप प्रत्येक कर्मचारी को 5000 रुपये से लेकर 20,000 रुपये प्रतिमाह तक का कम वेतन मिल रहा है। इसके कारण पुरानी पेंशन बहाली के लिए संघर्ष करने वाले संगठन पर कर्मचारियों और पेंशन भोगी कर्मचारियों का दबाव बढ़ता जा रहा है।
विज्ञापन
प्रदेश में एक जनवरी 2026 से आठवें वेतन आयोग के लागू होने की आशा थी, जबकि अभी तक सातवें वेतन आयोग के संशोधित वेतनमान का एरियर लंबित है। यही नहीं, वेतन के साथ मिलने वाले भत्ते 2006 से ही नहीं बढ़े हैं। पुंडीर ने कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वह दलगत विचारधारा और निजी स्वार्थों को तिलांजलि देकर अपने उत्तरदायित्व का निर्भीकता और निष्पक्षता से निर्वहन करने के लिए आगे आएं अन्यथा हिमाचल प्रदेश में स्थापित कर्मचारी संगठनों का प्रभाव और वजूद ही समाप्त हो जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाली के लिए 2022 से पूर्व किए गए संयुक्त ऐतिहासिक आंदोलन की याद दिलाते हुए आह्वान किया कि वह सभी अपने पद और विभाग की सीमाओं को लांघ कर एकजुट हों और अपने-अपने संगठनों के प्रतिनिधियों पर लंबित वित्तीय लाभों की अदायगी के लिए एक सशक्त मंच तैयार करने और एक व्यावहारिक रणनीति बनाने का दबाव बनाए एवं स्वयं भी संघर्ष के लिए तैयार रहें। पुंडीर ने आशा व्यक्त की कि संगठनों के संयुक्त प्रयास कर्मचारियों के विभिन्न मुद्दों पर सरकार से वार्ता करने अथवा अन्य वैकल्पिक समाधान का माहौल तैयार करने में सफल होंगे।