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कामगार की संदिग्ध मौत पर कर्मचारियों का हंगामा
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पांवटा साहिब के एक दवा उद्योग के बाहर खड़े कामगार।
- फोटो : NAHAN
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पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा की एक प्रतिष्ठित दवा इकाई के कामगार की संदिग्ध मौत से इकाई कर्मचारी संघ आक्रोशित हैं। शुक्रवार को सैकड़ों कामगार काम पर नहीं गए। इकाई गेट के बाहर नारेबाजी की गई। इस दौरान थाना प्रभारी पांवटा के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर तैनात रही जिससे शांति व्यवस्था बनी रहे और किसी भी तरह की स्थिति से निपटा जा सके।
बद्रीपुर पंचायत के पूर्व प्रधान रामलाल शर्मा, मजदूर नेता प्रदीप चौहान ने कहा कि कर्मचारी यूनियन का मांगों को गंभीरता से लेना जरूरी है। इसके लिए इकाई प्रबंधन और प्रशासन को संयुक्त बैठक में विचार करना होगा जिसमें मजदूरों की मांगों और समस्याओं पर चर्चा हो। मजदूरों की प्रताड़ना से इस तरह अगर संदिग्ध मौत हुई है तो निष्पक्ष और उचित जांच होनी जरूरी है।
दवा इकाई कर्मचारी संघ अध्यक्ष शिशूपाल और महासचिव अजय कुमार ने कहा कि निदेशक (साइट हेड) दवा इकाई पांवटा, एसडीएम पांवटा, डीएसपी पांवटा और श्रमाधिकारी को लिखित पत्र भेज दिया गया है जिसमें कहा गया है कि मानव संसाधन द्वारा कुछ कामगारों को प्रताड़ित किया जा रहा है। वीरवार को श्रमिक साथी राकेश कुमार पुत्र रमेश चंद निवासी पंसाल कांगड़ा की संदिग्ध मौत हो गई है।
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दवा इकाई कर्मचारी संघ का आरोप है कि एचआर प्रबंधन वर्ग का रवैया प्रताड़ित करने वाला है। इस विषय में पहले ही कंपनी प्रबंधन और प्रशासन से पत्राचार के माध्यम से अवगत करवाया है। उचित कार्रवाई होती तो कामगार साथी आज साथ होता। इस तरह की घटना दोबारा नहीं हो इसके लिए ज्ञापन सौंपा गया है। कंपनी प्रबंधन का रवैया अड़ियल रहा है। मांगों पर विचार नहीं हो रही, श्रमिकों को डरा धमका कर इंक्रीमेंट लेटर रिसीव करवाया जा रहा है जिससे कामगार मानसिक प्रताड़ना के शिकार हो रहे हैं।
इस मामले में श्रमिकों और कंपनी हित को ध्यान में रखते हुए संघ के पदाधिकारियों से बातचीत की जाए जिससे भविष्य में इस तरह की घटना फिर से न हो और कंपनी का कार्य भी सुचारु रुप से चलता रहे।
दवा इकाई कर्मचारी संघ अध्यक्ष शिशुपाल ने कहा कि यूनिट हेड समेत प्रबंधन वर्ग से बैठक का अपनी मांगों और एचआर के कुछ अधिकारियों से हो रही समस्या के बारे में अवगत करवा दिया है। कोई ठोस फैसला नहीं लेने तक विरोध जारी रहेगा। वहीं, दवा इकाई प्रबंधन वर्ग का कहना है कि इस तरह के सभी आरोप बेबुनियाद है।
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बद्रीपुर पंचायत के पूर्व प्रधान रामलाल शर्मा, मजदूर नेता प्रदीप चौहान ने कहा कि कर्मचारी यूनियन का मांगों को गंभीरता से लेना जरूरी है। इसके लिए इकाई प्रबंधन और प्रशासन को संयुक्त बैठक में विचार करना होगा जिसमें मजदूरों की मांगों और समस्याओं पर चर्चा हो। मजदूरों की प्रताड़ना से इस तरह अगर संदिग्ध मौत हुई है तो निष्पक्ष और उचित जांच होनी जरूरी है।
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दवा इकाई कर्मचारी संघ अध्यक्ष शिशूपाल और महासचिव अजय कुमार ने कहा कि निदेशक (साइट हेड) दवा इकाई पांवटा, एसडीएम पांवटा, डीएसपी पांवटा और श्रमाधिकारी को लिखित पत्र भेज दिया गया है जिसमें कहा गया है कि मानव संसाधन द्वारा कुछ कामगारों को प्रताड़ित किया जा रहा है। वीरवार को श्रमिक साथी राकेश कुमार पुत्र रमेश चंद निवासी पंसाल कांगड़ा की संदिग्ध मौत हो गई है।
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दवा इकाई कर्मचारी संघ का आरोप है कि एचआर प्रबंधन वर्ग का रवैया प्रताड़ित करने वाला है। इस विषय में पहले ही कंपनी प्रबंधन और प्रशासन से पत्राचार के माध्यम से अवगत करवाया है। उचित कार्रवाई होती तो कामगार साथी आज साथ होता। इस तरह की घटना दोबारा नहीं हो इसके लिए ज्ञापन सौंपा गया है। कंपनी प्रबंधन का रवैया अड़ियल रहा है। मांगों पर विचार नहीं हो रही, श्रमिकों को डरा धमका कर इंक्रीमेंट लेटर रिसीव करवाया जा रहा है जिससे कामगार मानसिक प्रताड़ना के शिकार हो रहे हैं।
इस मामले में श्रमिकों और कंपनी हित को ध्यान में रखते हुए संघ के पदाधिकारियों से बातचीत की जाए जिससे भविष्य में इस तरह की घटना फिर से न हो और कंपनी का कार्य भी सुचारु रुप से चलता रहे।
दवा इकाई कर्मचारी संघ अध्यक्ष शिशुपाल ने कहा कि यूनिट हेड समेत प्रबंधन वर्ग से बैठक का अपनी मांगों और एचआर के कुछ अधिकारियों से हो रही समस्या के बारे में अवगत करवा दिया है। कोई ठोस फैसला नहीं लेने तक विरोध जारी रहेगा। वहीं, दवा इकाई प्रबंधन वर्ग का कहना है कि इस तरह के सभी आरोप बेबुनियाद है।