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Sirmour News: अपने क्षेत्र को बजट लाने के लिए जनप्रतिनिधि गंभीार नहीं
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श्री पांवटा साहिब विकास मंच ने डीएमएफटी बजट के वितरण पर जताया एतराज
-सर्वाधिक प्रभावित आसपास के गांवों के विकास पर नाममात्र राशि व्यय : ज्ञान चौहान
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। दो वर्षों के बाद विगत दस जुलाई को डीएमएफटी की बैठक हुई। इस बार जिले में कुल 9.70 करोड़ खर्च होगा। शिलाई विधानसभा क्षेत्र को सर्वाधिक 4.70 करोड़ तथा पांवटा साहिब के हिस्से में मात्र सवा दो करोड़ बजट ही मिल सका है। एक करोड़ रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र, नाहन विधानसभा क्षेत्र को 60 लाख तथा साढ़े सात लाख पच्छाद विधानसभा क्षेत्र को गया है। पांवटा साहिब क्षेत्र से सबसे अधिक डीएमएफटी राशि एकत्रित होती है। श्री पांवटा साहिब विकास मंच अध्यक्ष ज्ञान सिंह चौहान ने पत्रकारवार्ता में कहा कि डीएमएफटी बजट का ये बंटवारा न्यायसंगत नहीं है।
मंच के अध्यक्ष ने कहा कि डीएमएफटी के तय नियमों (गाइडलाइन) अनुसार इस एकत्रित राशि में से 70 फीसदी प्रभावित क्षेत्रों पर व 30 फीसदी अन्य क्षेत्रों में खर्च किया जाता है। जबकि यहां पर 40 फीसदी बजट दूसरे क्षेत्रों में खर्च किया जा रहा है। करीब 23 स्किल डेवलपमेंट सेंटर पर करीब 1.67 करोड़ बजट होने जा रहा है। खनन माइनों और क्रशर जोन से सीधे प्रभावित आसपास के गांवों पर 70 फीसदी बजट खर्च नहीं किया जा रहा है। पांवटा साहिब की 15 प्रभावित पंचायतों के हिस्से में केवल 20 फीसदी बजट आया है।
चौहान ने कहा कि चयनित स्थानीय जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र को बजट लाने में गंभीर नहीं है। पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र की अनदेखी हो रही है। सरकार पहले की विकास में अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि मंच का ऐतराज इस बात का है कि जो क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं, उन पर कम बजट खर्च हो रहा है। डीएमएफटी की मद से 60 लाख के सीसीटीवी कैमरे तथा 35 लाख की एक्सरे मशीन मेडिकल कॉलेज नाहन को जाएगी। स्थानीय एक माइनिंग चेक पोस्ट 25 लाख से बनेगा। पांवटा साहिब में विकास केवल हैंडपंप के आसपास घूम रही है। एमडीआर पांवटा साहिब डाकपत्थर को एमडीआर के 26 किलोमीटर मार्ग को मात्र बीस लाख से क्या कार्य हो सकेगा।-- -- -- -
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-सर्वाधिक प्रभावित आसपास के गांवों के विकास पर नाममात्र राशि व्यय : ज्ञान चौहान
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। दो वर्षों के बाद विगत दस जुलाई को डीएमएफटी की बैठक हुई। इस बार जिले में कुल 9.70 करोड़ खर्च होगा। शिलाई विधानसभा क्षेत्र को सर्वाधिक 4.70 करोड़ तथा पांवटा साहिब के हिस्से में मात्र सवा दो करोड़ बजट ही मिल सका है। एक करोड़ रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र, नाहन विधानसभा क्षेत्र को 60 लाख तथा साढ़े सात लाख पच्छाद विधानसभा क्षेत्र को गया है। पांवटा साहिब क्षेत्र से सबसे अधिक डीएमएफटी राशि एकत्रित होती है। श्री पांवटा साहिब विकास मंच अध्यक्ष ज्ञान सिंह चौहान ने पत्रकारवार्ता में कहा कि डीएमएफटी बजट का ये बंटवारा न्यायसंगत नहीं है।
मंच के अध्यक्ष ने कहा कि डीएमएफटी के तय नियमों (गाइडलाइन) अनुसार इस एकत्रित राशि में से 70 फीसदी प्रभावित क्षेत्रों पर व 30 फीसदी अन्य क्षेत्रों में खर्च किया जाता है। जबकि यहां पर 40 फीसदी बजट दूसरे क्षेत्रों में खर्च किया जा रहा है। करीब 23 स्किल डेवलपमेंट सेंटर पर करीब 1.67 करोड़ बजट होने जा रहा है। खनन माइनों और क्रशर जोन से सीधे प्रभावित आसपास के गांवों पर 70 फीसदी बजट खर्च नहीं किया जा रहा है। पांवटा साहिब की 15 प्रभावित पंचायतों के हिस्से में केवल 20 फीसदी बजट आया है।
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चौहान ने कहा कि चयनित स्थानीय जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र को बजट लाने में गंभीर नहीं है। पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र की अनदेखी हो रही है। सरकार पहले की विकास में अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि मंच का ऐतराज इस बात का है कि जो क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं, उन पर कम बजट खर्च हो रहा है। डीएमएफटी की मद से 60 लाख के सीसीटीवी कैमरे तथा 35 लाख की एक्सरे मशीन मेडिकल कॉलेज नाहन को जाएगी। स्थानीय एक माइनिंग चेक पोस्ट 25 लाख से बनेगा। पांवटा साहिब में विकास केवल हैंडपंप के आसपास घूम रही है। एमडीआर पांवटा साहिब डाकपत्थर को एमडीआर के 26 किलोमीटर मार्ग को मात्र बीस लाख से क्या कार्य हो सकेगा।
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