{"_id":"668d3c5bc4aa895c3f08d1fe","slug":"dc-meeting-in-nahan-on-heltha-issues-nahan-news-c-177-1-nhn1001-127960-2024-07-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिरमौर में 31 अगस्त तक चलेगा डायरिया नियंत्रण अभियान : सुमित खिमटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिरमौर में 31 अगस्त तक चलेगा डायरिया नियंत्रण अभियान : सुमित खिमटा
विज्ञापन
उपायुक्त सुमित खिमटा नाहन में डायरिया रोकथाम से सम्बन्धित स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता
सिरमौर में 31 अगस्त तक चलेगा डायरिया नियंत्रण अभियान : सुमित खिमटा
पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में डायरिया के फैलने की अत्यधिक संभावना
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सिरमौर जिले में वर्षा ऋतु के दौरान फैलने वाले डायरिया की रोकथाम के लिए एक जुलाई से 31 अगस्त 2024 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से जहां ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरुकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं वहीं पांच साल से कम आयु के बच्चों को ओआरएस घोल और जिंक टेबलेट की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उक्त जानकारी उपायुक्त सुमित खिमटा ने नाहन में डायरिया रोकथाम से संबंधित स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
उन्होंने कहा कि बरसात के दिनों में डायरिया के संक्रमण की संभावनाएं बढ़ जाती हैं इसलिए सभी को स्वच्छ जल, स्वच्छ शौचालय और साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में डायरिया के फैलने की अत्यधिक संभावना रहती हैं इसलिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस आयु वर्ग के बच्चों के लिए समुचित मात्रा में ओआरएस और जिंक टेबलेट मुहैया करवाए गए हैं।
सुमित खिमटा ने कहा कि बरसात के सीजन को देखते हुए जलशक्ति विभाग स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित बनाए तथा जल स्रोतों का कलोरीनेशन भी सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने कहा कि डायरिया की रोकथाम में शिक्षण संस्थान, पंचायतीराज संस्थान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अहम भूमिका निभा सकते हैं।
विज्ञापन
उपायुक्त ने इस अवसर पर यूनिवर्सल इम्यूनाईजेशन प्रोग्राम (यूआईपी) से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक की भी अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत सिरमौर जिले में अप्रैल 2023 से मार्च 2024 तक 6,473 नवजात शिशुओं में से 6,162 शिशुओं को बीसीजी, 6,011 को ओपीवीओ तथा 5,983 को एचईपीओ के टीके लगाए गए हैं। उन्होंने सभी माताओं से अपने-अपने शिशुओं को नियमित रूप से टीके लगाने का आह्वान किया है।
उपायुक्त ने बताया कि आयुष्मान भारत के तहत विभिन्न स्कूलों में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और पोषण आहार की जानकारी हासिल करने के लिए स्कूल हेल्थ वैलनेस कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा इस अभियान में विद्यार्थियों को स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, नागरिक अधिकार, सामाजिक सरोकार आदि 11 विषयों पर जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत प्रत्येक स्कूल में दो-दो अध्यापकों को स्कूल हेल्थ वैलनेस अंबेसडर नियुक्त किया गया है ताकि इन सभी विषयों की जानकारी विद्यार्थियों को प्राप्त हो सकें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. अजय पाठक ने इस अवसर पर डायरिया नियंत्रण, यूआईपी और स्कूल वैलनेस प्रोग्राम पर विस्तार से जानकारी प्रदान की।
स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. विनोद संगल ने इस अवसर पर पीपीटी के माध्यम से डायरिया नियंत्रण, यूआईपी और स्कूल वैलनेस प्रोग्राम की प्रगति पर जानकारी दी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक मेडिकल कॉलेज नाहन डाॅ. अमिताभ जैन, शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग के अलावा रोटरी क्लब के सदस्य मनीष जैन भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
विज्ञापन
पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में डायरिया के फैलने की अत्यधिक संभावना
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सिरमौर जिले में वर्षा ऋतु के दौरान फैलने वाले डायरिया की रोकथाम के लिए एक जुलाई से 31 अगस्त 2024 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से जहां ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरुकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं वहीं पांच साल से कम आयु के बच्चों को ओआरएस घोल और जिंक टेबलेट की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उक्त जानकारी उपायुक्त सुमित खिमटा ने नाहन में डायरिया रोकथाम से संबंधित स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
उन्होंने कहा कि बरसात के दिनों में डायरिया के संक्रमण की संभावनाएं बढ़ जाती हैं इसलिए सभी को स्वच्छ जल, स्वच्छ शौचालय और साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में डायरिया के फैलने की अत्यधिक संभावना रहती हैं इसलिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस आयु वर्ग के बच्चों के लिए समुचित मात्रा में ओआरएस और जिंक टेबलेट मुहैया करवाए गए हैं।
विज्ञापन
सुमित खिमटा ने कहा कि बरसात के सीजन को देखते हुए जलशक्ति विभाग स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित बनाए तथा जल स्रोतों का कलोरीनेशन भी सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने कहा कि डायरिया की रोकथाम में शिक्षण संस्थान, पंचायतीराज संस्थान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अहम भूमिका निभा सकते हैं।
विज्ञापन
उपायुक्त ने इस अवसर पर यूनिवर्सल इम्यूनाईजेशन प्रोग्राम (यूआईपी) से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक की भी अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत सिरमौर जिले में अप्रैल 2023 से मार्च 2024 तक 6,473 नवजात शिशुओं में से 6,162 शिशुओं को बीसीजी, 6,011 को ओपीवीओ तथा 5,983 को एचईपीओ के टीके लगाए गए हैं। उन्होंने सभी माताओं से अपने-अपने शिशुओं को नियमित रूप से टीके लगाने का आह्वान किया है।
उपायुक्त ने बताया कि आयुष्मान भारत के तहत विभिन्न स्कूलों में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और पोषण आहार की जानकारी हासिल करने के लिए स्कूल हेल्थ वैलनेस कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा इस अभियान में विद्यार्थियों को स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, नागरिक अधिकार, सामाजिक सरोकार आदि 11 विषयों पर जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत प्रत्येक स्कूल में दो-दो अध्यापकों को स्कूल हेल्थ वैलनेस अंबेसडर नियुक्त किया गया है ताकि इन सभी विषयों की जानकारी विद्यार्थियों को प्राप्त हो सकें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. अजय पाठक ने इस अवसर पर डायरिया नियंत्रण, यूआईपी और स्कूल वैलनेस प्रोग्राम पर विस्तार से जानकारी प्रदान की।
स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. विनोद संगल ने इस अवसर पर पीपीटी के माध्यम से डायरिया नियंत्रण, यूआईपी और स्कूल वैलनेस प्रोग्राम की प्रगति पर जानकारी दी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक मेडिकल कॉलेज नाहन डाॅ. अमिताभ जैन, शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग के अलावा रोटरी क्लब के सदस्य मनीष जैन भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।