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पुलिस ने महज दो घंटे में खोज निकाली तीन वर्षीय अंजु
Updated Sat, 04 Nov 2017 12:03 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
राजगढ़ (सिरमौर)।
जरा सोचिए, एक छोटी बच्ची कुछ ही मिनट में खेलते खेलते गुम जाए। ऐसी स्थिति में परिजनों की हालत का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। कुछ ऐसा ही मामला शुक्रवार को राजगढ़ में सामने आया। धूप सेंकने बिठाई गई बच्ची कुछ पल में ही गुम हो गई। गनीमत यह रही कि बच्ची को पुलिस की चौकसी से कुछ ही समय में बरामद कर लिया गया।
राजगढ़ पुलिस ने महज दो घंटे के भीतर बच्ची को खोजने में सफलता हासिल कर ली। दरअसल, बिजली विभाग के कर्मचारी राम सिंह अपनी तीन साल की पोती को अपने साथ बिजली विभाग की कालोनी लेकर पहुंचे। उन्होंने अपनी पोती को धूप में बिठा दिया और स्वयं अपने कार्यालय में जाकर कामकाज निपटाने में जुट गए। जैसे ही दस मिनट के बाद वह ऑफिस के बाहर निकले तो उसके पांव तले जमीन की खिसक गई।
बच्ची उस स्थान पर नहीं थी, जहां उसे धूप सेकने बिठाया गया था। चारों तरफ खोजने के बाद भी गुड़िया नहीं मिली। राम सिंह ने शोर मचाया और अपने साथी कर्मचारी को पूरा मामला से अवगत करवाया। प्रदीप भारद्वाज ने बताया कि कर्मचारियों द्वारा पहले तो अपने ऑफिस के इधर-उधर सारे में गुड़िया को ढूंढा गया लेकिन जब गुड़िया नहीं मिली तो पुलिस थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज करवाई गई, पुलिस विभाग के एएसआई सीताराम, हरिंद्र व जयपाल तुरंत ही गुड़िया को खोजने के लिए निकल पड़े। चारों तरफ पुलिस ने नाके लगवा दिए। हर आने जाने वाली गाड़ियों की चेकिंग भी की गई लेकिन सीताराम के दिमाग में कुछ और ही आइडिया था। उन्होंने गुड़िया के छोटे छोटे पैरों के निशान से गुड़िया को मात्र दो घंटे में खोज निकाला।
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उधर, एएसआई सीताराम से बात की गई तो उन्होंने बताया कि 33 केवी सब स्टेशन से गुड़िया खेलते खेलते शलाना गांव की तरफ निकल पड़ी थी। शलाना गांव से तीन वर्षीय अंजू को पुलिस ने पहले अपने पास रखा, उसके बाद उसके परिजनों को सौंप दिया।
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राजगढ़ (सिरमौर)।
जरा सोचिए, एक छोटी बच्ची कुछ ही मिनट में खेलते खेलते गुम जाए। ऐसी स्थिति में परिजनों की हालत का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। कुछ ऐसा ही मामला शुक्रवार को राजगढ़ में सामने आया। धूप सेंकने बिठाई गई बच्ची कुछ पल में ही गुम हो गई। गनीमत यह रही कि बच्ची को पुलिस की चौकसी से कुछ ही समय में बरामद कर लिया गया।
राजगढ़ पुलिस ने महज दो घंटे के भीतर बच्ची को खोजने में सफलता हासिल कर ली। दरअसल, बिजली विभाग के कर्मचारी राम सिंह अपनी तीन साल की पोती को अपने साथ बिजली विभाग की कालोनी लेकर पहुंचे। उन्होंने अपनी पोती को धूप में बिठा दिया और स्वयं अपने कार्यालय में जाकर कामकाज निपटाने में जुट गए। जैसे ही दस मिनट के बाद वह ऑफिस के बाहर निकले तो उसके पांव तले जमीन की खिसक गई।
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बच्ची उस स्थान पर नहीं थी, जहां उसे धूप सेकने बिठाया गया था। चारों तरफ खोजने के बाद भी गुड़िया नहीं मिली। राम सिंह ने शोर मचाया और अपने साथी कर्मचारी को पूरा मामला से अवगत करवाया। प्रदीप भारद्वाज ने बताया कि कर्मचारियों द्वारा पहले तो अपने ऑफिस के इधर-उधर सारे में गुड़िया को ढूंढा गया लेकिन जब गुड़िया नहीं मिली तो पुलिस थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज करवाई गई, पुलिस विभाग के एएसआई सीताराम, हरिंद्र व जयपाल तुरंत ही गुड़िया को खोजने के लिए निकल पड़े। चारों तरफ पुलिस ने नाके लगवा दिए। हर आने जाने वाली गाड़ियों की चेकिंग भी की गई लेकिन सीताराम के दिमाग में कुछ और ही आइडिया था। उन्होंने गुड़िया के छोटे छोटे पैरों के निशान से गुड़िया को मात्र दो घंटे में खोज निकाला।
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उधर, एएसआई सीताराम से बात की गई तो उन्होंने बताया कि 33 केवी सब स्टेशन से गुड़िया खेलते खेलते शलाना गांव की तरफ निकल पड़ी थी। शलाना गांव से तीन वर्षीय अंजू को पुलिस ने पहले अपने पास रखा, उसके बाद उसके परिजनों को सौंप दिया।