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Sirmour News: अदालत,
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आम की लकड़ी आपूर्ति का भुगतान न करने
पर व्यापारी से 1.48 लाख की वसूली के आदेश
-वरिष्ठ सिविल न्यायालय का फैसला, साल 2020 में यूपी के व्यापारी ने खरीदी थी आम की लकड़ी
- कोर्ट ने 1,48,416 रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित चुकाने के दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। लकड़ी के व्यापार में भुगतान टालना एक व्यापारी को भारी पड़ गया। वरिष्ठ सिविल न्यायालय ने उत्तरप्रदेश के एक टिंबर कारोबारी नदीम खान को बड़ा झटका देते हुए 1.48 लाख रुपये ब्याज सहित अदा करने का आदेश दिया है। न्यायाधीश उपासना शर्मा ने यह फैसला एकतरफा (एक्स-पार्टी) सुनाया, क्योंकि प्रतिवादी सुनवाई के दौरान पेश ही नहीं हुआ।
यह मामला साल 2020 का है। नाहन निवासी वन ठेकेदार शाहिद खान ने अदालत में 3.70 लाख रुपये की वसूली का मुकदमा दायर किया था। आरोप था कि जुलाई महीने में सहारनपुर स्थित न्यू खान टिंबर ने आम की लकड़ी (मैंगो लॉग्स) का ऑर्डर दिया था। तय शर्तों के अनुसार लकड़ी की सप्लाई भी कर दी गई, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। वादी के अनुसार लकड़ी की डिलीवरी के समय भुगतान एक सप्ताह के भीतर करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन महीनों बीतने के बाद भी रकम नहीं मिली। करीब छह माह इंतजार के बाद जनवरी 2021 में कानूनी नोटिस भेजा गया, फिर भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद अदालत का दरवाजा खटखटाया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान प्रतिवादी अदालत में पेश नहीं हुआ। इसके चलते उसे एकतरफा घोषित कर दिया गया। अदालत में तौल पर्चियां, बिल, वन बैरियर की रसीदें और गवाहों के बयान पेश किए गए। इससे यह साबित हुआ कि लकड़ी की सप्लाई की गई थी और भुगतान बाकी था। हालांकि, दावे की पूरी राशि स्वीकार नहीं की गई और अदालत ने 1,48,416 रुपये की वसूली का आदेश दिया। साथ ही, यह राशि मुकदमा दायर करने की तिथि से अदायगी तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित वसूल करने को कहा गया है। अदालत के इस फैसले को व्यापारिक लेन-देन में भुगतान की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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पर व्यापारी से 1.48 लाख की वसूली के आदेश
-वरिष्ठ सिविल न्यायालय का फैसला, साल 2020 में यूपी के व्यापारी ने खरीदी थी आम की लकड़ी
- कोर्ट ने 1,48,416 रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित चुकाने के दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। लकड़ी के व्यापार में भुगतान टालना एक व्यापारी को भारी पड़ गया। वरिष्ठ सिविल न्यायालय ने उत्तरप्रदेश के एक टिंबर कारोबारी नदीम खान को बड़ा झटका देते हुए 1.48 लाख रुपये ब्याज सहित अदा करने का आदेश दिया है। न्यायाधीश उपासना शर्मा ने यह फैसला एकतरफा (एक्स-पार्टी) सुनाया, क्योंकि प्रतिवादी सुनवाई के दौरान पेश ही नहीं हुआ।
यह मामला साल 2020 का है। नाहन निवासी वन ठेकेदार शाहिद खान ने अदालत में 3.70 लाख रुपये की वसूली का मुकदमा दायर किया था। आरोप था कि जुलाई महीने में सहारनपुर स्थित न्यू खान टिंबर ने आम की लकड़ी (मैंगो लॉग्स) का ऑर्डर दिया था। तय शर्तों के अनुसार लकड़ी की सप्लाई भी कर दी गई, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। वादी के अनुसार लकड़ी की डिलीवरी के समय भुगतान एक सप्ताह के भीतर करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन महीनों बीतने के बाद भी रकम नहीं मिली। करीब छह माह इंतजार के बाद जनवरी 2021 में कानूनी नोटिस भेजा गया, फिर भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद अदालत का दरवाजा खटखटाया गया।
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मामले की सुनवाई के दौरान प्रतिवादी अदालत में पेश नहीं हुआ। इसके चलते उसे एकतरफा घोषित कर दिया गया। अदालत में तौल पर्चियां, बिल, वन बैरियर की रसीदें और गवाहों के बयान पेश किए गए। इससे यह साबित हुआ कि लकड़ी की सप्लाई की गई थी और भुगतान बाकी था। हालांकि, दावे की पूरी राशि स्वीकार नहीं की गई और अदालत ने 1,48,416 रुपये की वसूली का आदेश दिया। साथ ही, यह राशि मुकदमा दायर करने की तिथि से अदायगी तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित वसूल करने को कहा गया है। अदालत के इस फैसले को व्यापारिक लेन-देन में भुगतान की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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