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चूड़धार की पवित्रता और पर्यावरण को बचाना हमारा दायित्व : बीएम नांटा
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चूड़धार की पवित्रता और पर्यावरण को बचाना हमारा दायित्व : बीएम नांटा
श्रद्धालु खाने-पीने की वस्तुओं के कचरे का करें निष्पादन, लगाए जाएं कूड़ेदान
संवाद न्यूज एजेंसी
सतौन (सिरमौर)। श्रीखंड में बादल फटने से शिमला जिले में भारी तबाही हुई। इससे पहले केदारनाथ में भारी तबाही हो चुकी हैं। प्रेस को जारी बयान में चूड़ेश्वर सेवा समिति के अध्यक्ष बीएम नांटा ने कहा कि पवित्र स्थलों की पवित्रता बनाए रखना हमारा दायित्व है।
उन्होंने कहा कि शिरगुल महाराज की तपोस्थली चूड़धार में लाखों की संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। वह अपने साथ खाने-पीने की वस्तुएं ले जाते हैं। इन्हीं के खाली पैकेट, बोतलें, डब्बे आदि रास्ते में फेंक देते हैं, जो हवा से उड़कर सारे जंगल में बिखर कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वह दुर्लभ जड़ी बूटियों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जागरूक युवाओं की ओर से समय-समय पर रास्ते के आसपास पड़ा कचरा अवश्य उठाया जा रहा है लेकिन जब तक पर्यटक अपना उत्तरदायित्व नहीं निभाएगा तब तक ऐसे सभी प्रयास अधूरे ही रह जाएंगे।
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उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस ओर ध्यान देकर कड़ी कार्रवाई अमल में लानी चाहिए। प्रशासन को चाहिए जगह-जगह कूड़ेदान लगाएं और उल्लंघन करने वालों पर नजर रखी जाए। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी खाने-पीने की वस्तुओं के कचरे का निष्पादन खुद करने की अपील की है।
-- -संवाद
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श्रद्धालु खाने-पीने की वस्तुओं के कचरे का करें निष्पादन, लगाए जाएं कूड़ेदान
संवाद न्यूज एजेंसी
सतौन (सिरमौर)। श्रीखंड में बादल फटने से शिमला जिले में भारी तबाही हुई। इससे पहले केदारनाथ में भारी तबाही हो चुकी हैं। प्रेस को जारी बयान में चूड़ेश्वर सेवा समिति के अध्यक्ष बीएम नांटा ने कहा कि पवित्र स्थलों की पवित्रता बनाए रखना हमारा दायित्व है।
उन्होंने कहा कि शिरगुल महाराज की तपोस्थली चूड़धार में लाखों की संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। वह अपने साथ खाने-पीने की वस्तुएं ले जाते हैं। इन्हीं के खाली पैकेट, बोतलें, डब्बे आदि रास्ते में फेंक देते हैं, जो हवा से उड़कर सारे जंगल में बिखर कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वह दुर्लभ जड़ी बूटियों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि जागरूक युवाओं की ओर से समय-समय पर रास्ते के आसपास पड़ा कचरा अवश्य उठाया जा रहा है लेकिन जब तक पर्यटक अपना उत्तरदायित्व नहीं निभाएगा तब तक ऐसे सभी प्रयास अधूरे ही रह जाएंगे।
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उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस ओर ध्यान देकर कड़ी कार्रवाई अमल में लानी चाहिए। प्रशासन को चाहिए जगह-जगह कूड़ेदान लगाएं और उल्लंघन करने वालों पर नजर रखी जाए। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी खाने-पीने की वस्तुओं के कचरे का निष्पादन खुद करने की अपील की है।