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Sirmour News: हाथी ने क्यारदा में धान की फसल को नुकसान पहुंचाया
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पांवटा के क्यारदा गांव में आए जंगली हाथी के पांव के निशान। स्रोत: विभाग
बातामंडी, सतीवाला, घुतनपुर और क्यारदा में फसलों को कर चुका नष्ट
लोगों में दहशत, वन विभाग से कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। वन क्षेत्र से निकलकर हाथियों के गांवों में पहुंचने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार रात एक हाथी आरएफ क्यारदा सी-1 जॉर्डो बीट से होते हुए क्यारदा गांव में पहुंच गया। उसने धान के खेतों में घुसकर फसल को नुकसान पहुंचाया। इससे ग्रामीणों में दहशत है।
ग्रामीण जसबीर सिंह, याकूब, अनवर, सागर सिंह और महबूब ने बताया कि जून से ही जंगलों के आसपास बसे गांवों में हाथियों की आवाजाही बनी हुई है। हाथी अब तक आम के बागों, ट्यूबवेल, फार्म हाउस और धान की फसल को नुकसान पहुंचा चुके हैं। जून में क्षेत्र में दो से तीन हाथियों की मौजूदगी रही, जबकि पिछले सप्ताह से एक हाथी लगातार क्षेत्र में घूम रहा है। पिछले दो सप्ताह में बहराल, सतीवाला, बातामंडी, घुतनपुर और क्यारदा क्षेत्र में हाथी फसलों और बागों को नुकसान पहुंचा चुका है।
ग्रामीणों का कहना है कि वन क्षेत्र से सटे गांवों में हाथियों की बढ़ती आवाजाही के कारण किसान अपनी फसलों और बागों को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और किसानों को नुकसान से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
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वन विभाग ने ग्रामीणों से हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। विभाग ने कहा कि हाथी दिखाई देने पर उन्हें छेड़ने या भगाने का प्रयास न करें। बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित रखें। हाथी की मौजूदगी की सूचना तत्काल वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें। वन विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक और सतर्क कर रही हैं।
डीएफओ पांवटा साहिब वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में हाथी पहुंचने की सूचना मिली है। इसके बाद जंगलों के आसपास बसे गांवों में वन विभाग की टीमों को अलर्ट कर दिया गया है और लोगों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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लोगों में दहशत, वन विभाग से कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। वन क्षेत्र से निकलकर हाथियों के गांवों में पहुंचने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार रात एक हाथी आरएफ क्यारदा सी-1 जॉर्डो बीट से होते हुए क्यारदा गांव में पहुंच गया। उसने धान के खेतों में घुसकर फसल को नुकसान पहुंचाया। इससे ग्रामीणों में दहशत है।
ग्रामीण जसबीर सिंह, याकूब, अनवर, सागर सिंह और महबूब ने बताया कि जून से ही जंगलों के आसपास बसे गांवों में हाथियों की आवाजाही बनी हुई है। हाथी अब तक आम के बागों, ट्यूबवेल, फार्म हाउस और धान की फसल को नुकसान पहुंचा चुके हैं। जून में क्षेत्र में दो से तीन हाथियों की मौजूदगी रही, जबकि पिछले सप्ताह से एक हाथी लगातार क्षेत्र में घूम रहा है। पिछले दो सप्ताह में बहराल, सतीवाला, बातामंडी, घुतनपुर और क्यारदा क्षेत्र में हाथी फसलों और बागों को नुकसान पहुंचा चुका है।
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ग्रामीणों का कहना है कि वन क्षेत्र से सटे गांवों में हाथियों की बढ़ती आवाजाही के कारण किसान अपनी फसलों और बागों को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और किसानों को नुकसान से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
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वन विभाग ने ग्रामीणों से हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। विभाग ने कहा कि हाथी दिखाई देने पर उन्हें छेड़ने या भगाने का प्रयास न करें। बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित रखें। हाथी की मौजूदगी की सूचना तत्काल वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें। वन विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक और सतर्क कर रही हैं।
डीएफओ पांवटा साहिब वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में हाथी पहुंचने की सूचना मिली है। इसके बाद जंगलों के आसपास बसे गांवों में वन विभाग की टीमों को अलर्ट कर दिया गया है और लोगों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

पांवटा के क्यारदा गांव में आए जंगली हाथी के पांव के निशान। स्रोत: विभाग