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कई ने कक्षा कमरे तो कइयों ने विद्यालय परिसर में बैठकर खाया खाना
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राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नाहन में परिसर में बैठकर दोपहर का भोजन करतीं छात्राएं।
- फोटो : NAHAN
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नाहन (सिरमौर)। समय दोपहर 12 बजे। स्थान कन्या राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नाहन। यहां बच्चे हाथों में खाली टिफिन लिए कतारबद्ध खड़े थे। सभी को बारी-बारी से खाना परोसा जा रहा था। इस दौरान किसी ने क्लास रूम में खाना खाया तो कई छात्राओं ने स्कूल परिसर में भोजन ग्रहण किया।
खाना वितरण के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का खास ध्यान रखा गया। स्कूल प्रबंधन की ओर से खाना वितरण का विशेष ध्यान रखा गया। सबसे पहले छठी कक्षाओं की छात्राओें को खाना परोसा गया। इसके बाद सातवीं और अंत में आठवीं कक्षा की छात्राओं को खाना दिया गया।
मिड-डे मील कर्मियों ने सफाई का विशेष ध्यान रखा। खाना वितरण 12:35 बजे तक किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्य मीरा बंसल ने बताया कि बुधवार को बच्चों के दोपहर के भोजन के लिए कोविड नियमों को ध्यान में रखते हुए इंतजाम किए गए थे। छठी से आठवीं कक्षा तक के 142 बच्चों में 113 बच्चे पहले दिन उपस्थित हुए थे। इन सभी को दोपहर का भोजन दिया गया।
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उन्होंने बताया कि खाना पकाने और वितरण करने के दौरान उन्होंने स्वयं निरीक्षण किया। मिड-डे मील कर्मियों को हाईजिनिक किट जिसमें बाजू में बांधने का कपड़ा (एप्रेन), दस्तानें और मास्क दिए गए। खाना पकाने और बांटने के समय सिर का ढके रखने के निर्देश दिए थे।
उधर, शमशेर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, राजकीय उच्च पाठशाला कैंट नाहन सहित अन्य स्कूलों में भी विद्यालय प्रबंधन ने भोजन वितरण किया गया। गौरतलब है कि कोरोना महामारी के चलते प्रदेश के स्कूलों में बीते लंबे अरसे से दोपहर का भोजन बंद था। ऐसे में बच्चों को घर से टिफिन बांध कर अपना खाना लाना पड़ रहा था।
जिला उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा गुरजीवन शर्मा ने सिरमौर जिले के पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों को दोपहर का भोजन दिया गया। इस दौरान कोविड नियमों को ध्यान में रखते हुए सामाजिक दूरी का पालन कर बच्चों को खाना खिलाया गया।
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खाना वितरण के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का खास ध्यान रखा गया। स्कूल प्रबंधन की ओर से खाना वितरण का विशेष ध्यान रखा गया। सबसे पहले छठी कक्षाओं की छात्राओें को खाना परोसा गया। इसके बाद सातवीं और अंत में आठवीं कक्षा की छात्राओं को खाना दिया गया।
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मिड-डे मील कर्मियों ने सफाई का विशेष ध्यान रखा। खाना वितरण 12:35 बजे तक किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्य मीरा बंसल ने बताया कि बुधवार को बच्चों के दोपहर के भोजन के लिए कोविड नियमों को ध्यान में रखते हुए इंतजाम किए गए थे। छठी से आठवीं कक्षा तक के 142 बच्चों में 113 बच्चे पहले दिन उपस्थित हुए थे। इन सभी को दोपहर का भोजन दिया गया।
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उन्होंने बताया कि खाना पकाने और वितरण करने के दौरान उन्होंने स्वयं निरीक्षण किया। मिड-डे मील कर्मियों को हाईजिनिक किट जिसमें बाजू में बांधने का कपड़ा (एप्रेन), दस्तानें और मास्क दिए गए। खाना पकाने और बांटने के समय सिर का ढके रखने के निर्देश दिए थे।
उधर, शमशेर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, राजकीय उच्च पाठशाला कैंट नाहन सहित अन्य स्कूलों में भी विद्यालय प्रबंधन ने भोजन वितरण किया गया। गौरतलब है कि कोरोना महामारी के चलते प्रदेश के स्कूलों में बीते लंबे अरसे से दोपहर का भोजन बंद था। ऐसे में बच्चों को घर से टिफिन बांध कर अपना खाना लाना पड़ रहा था।
जिला उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा गुरजीवन शर्मा ने सिरमौर जिले के पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों को दोपहर का भोजन दिया गया। इस दौरान कोविड नियमों को ध्यान में रखते हुए सामाजिक दूरी का पालन कर बच्चों को खाना खिलाया गया।