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कौन रोकेगा नैनीधार, कोदावाला जैसी घटनाएं
Sirmour
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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कौन रोकेगा नैनीधार, कोदावाला जैसी घटनाएं
नाहन (सिरमौर)। वर्ष 2011-12 के पूर्वाध में ही जिले में फूड प्वायजनिंग के दो बड़े मामले सामने आए। एक मामला शिलाई के नैनीधार क्षेत्र में बच्चों की खेलकूद प्रतियोगिताओं में सामने आया। जबकि दूसरा मामला नाहन ब्लाक के हरिपुर खोल में कोदावाला गांव में सामने आया। उक्त दोनों ही मामले फूड प्वायजनिंग से संबंधित थे। जबकि दोनों ही घटनाओं में कुल मिलाकर 300 के करीब लोगों को विभिन्न अस्पतालों में अपना इलाज करवाना पड़ा था। अकेले हरिपुर खोल के कोदावाला घटना में ही 200 से अधिक लोगों को इलाज के लिए जिला मुख्यालय स्थित क्षेत्रीय अस्पताल नाहन लाना पड़ा था।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हरिपुर खोल के कोदावाला गांव में विवाह समारोह के भोजन को खाने से इतनी बड़ी घटना किस कारण और कैसे हो गई? साथ ही नैनीधार क्षेत्र में खेलकूद प्रतियोगिता के मैस में हुई लापरवाही की भी कोई संतोषजनक रिपोर्ट सामने नहीं आ पाई।
कोदावाला तथा नैनीधार क्षेत्र जैसी घटनाएं इलाके में फिर न हाें, इसको जांचने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग के पास जिला स्तर पर फूड इंस्पेक्टर का पद नहीं है। उक्त पद का कार्य फिलहाल सोलन से ही चलाया जा रहा है। नाहन में उक्त पद कई महीनों से खाली चल रहा है। अगर ऐसे हालतों में खाद्य सामग्री की इमरजेंसी जांच पड़ताल करनी पड़े तो कौन इस जिम्मेदारी को निभाएगा। इधर, जिला स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जिले में किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए विभाग सक्षम है। साथ ही ऐसे मामलों को संज्ञान में लाते हुए फौरन सोलन स्थित फूड इंस्पेक्टर से संपर्क साधा जाता है। उन्हें नाहन आने को कहा जाता है। ताकि समय पड़ने पर खाद्य वस्तुओं की जांच की जरूरत पड़े तो पूरी हो सके। जानकारों तथा स्थानीय नागरिकों रमेश वर्मा, मोहन सिंगटा, सुदीप अग्रवाल, अतुल सचदेव, मीनाक्षी सिंह, रजत कपूर, महेंद्र नागपाल आदि का कहना है कि यदि आपके पास जिले में नियमित फूड इंस्पेक्टर का पद ही नहीं तो ऐसे में किस अधिकारी को आप आपातकाल में प्रयोग में लाएंगे।
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रेणुका मेले में होगी विशेष जांच : सीएमओ
डा. एसके गांधी सीएमओ सिरमौर का कहना है कि पदों की कमी के चलते ऐसा हो रहा है। सोलन स्थित अधिकारी से जिला का काम लिया जाता है। फिलहाल सिरमौर ही नहीं, राज्य के कुछ अन्य जिलों में भी उक्त पद खाली चल रहे हैं। आशा है कि उक्त पद जल्द भर लिया जाएगा। साथ ही रेणुका मेले में भी खाद्य वस्तुओं की विशेष जांच करवाई जाएगी।
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नाहन (सिरमौर)। वर्ष 2011-12 के पूर्वाध में ही जिले में फूड प्वायजनिंग के दो बड़े मामले सामने आए। एक मामला शिलाई के नैनीधार क्षेत्र में बच्चों की खेलकूद प्रतियोगिताओं में सामने आया। जबकि दूसरा मामला नाहन ब्लाक के हरिपुर खोल में कोदावाला गांव में सामने आया। उक्त दोनों ही मामले फूड प्वायजनिंग से संबंधित थे। जबकि दोनों ही घटनाओं में कुल मिलाकर 300 के करीब लोगों को विभिन्न अस्पतालों में अपना इलाज करवाना पड़ा था। अकेले हरिपुर खोल के कोदावाला घटना में ही 200 से अधिक लोगों को इलाज के लिए जिला मुख्यालय स्थित क्षेत्रीय अस्पताल नाहन लाना पड़ा था।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हरिपुर खोल के कोदावाला गांव में विवाह समारोह के भोजन को खाने से इतनी बड़ी घटना किस कारण और कैसे हो गई? साथ ही नैनीधार क्षेत्र में खेलकूद प्रतियोगिता के मैस में हुई लापरवाही की भी कोई संतोषजनक रिपोर्ट सामने नहीं आ पाई।
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कोदावाला तथा नैनीधार क्षेत्र जैसी घटनाएं इलाके में फिर न हाें, इसको जांचने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग के पास जिला स्तर पर फूड इंस्पेक्टर का पद नहीं है। उक्त पद का कार्य फिलहाल सोलन से ही चलाया जा रहा है। नाहन में उक्त पद कई महीनों से खाली चल रहा है। अगर ऐसे हालतों में खाद्य सामग्री की इमरजेंसी जांच पड़ताल करनी पड़े तो कौन इस जिम्मेदारी को निभाएगा। इधर, जिला स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जिले में किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए विभाग सक्षम है। साथ ही ऐसे मामलों को संज्ञान में लाते हुए फौरन सोलन स्थित फूड इंस्पेक्टर से संपर्क साधा जाता है। उन्हें नाहन आने को कहा जाता है। ताकि समय पड़ने पर खाद्य वस्तुओं की जांच की जरूरत पड़े तो पूरी हो सके। जानकारों तथा स्थानीय नागरिकों रमेश वर्मा, मोहन सिंगटा, सुदीप अग्रवाल, अतुल सचदेव, मीनाक्षी सिंह, रजत कपूर, महेंद्र नागपाल आदि का कहना है कि यदि आपके पास जिले में नियमित फूड इंस्पेक्टर का पद ही नहीं तो ऐसे में किस अधिकारी को आप आपातकाल में प्रयोग में लाएंगे।
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डा. एसके गांधी सीएमओ सिरमौर का कहना है कि पदों की कमी के चलते ऐसा हो रहा है। सोलन स्थित अधिकारी से जिला का काम लिया जाता है। फिलहाल सिरमौर ही नहीं, राज्य के कुछ अन्य जिलों में भी उक्त पद खाली चल रहे हैं। आशा है कि उक्त पद जल्द भर लिया जाएगा। साथ ही रेणुका मेले में भी खाद्य वस्तुओं की विशेष जांच करवाई जाएगी।