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पुराने प्रस्तावों पर स्वीकृत करवाए लाखों रुपये
Updated Thu, 06 Dec 2018 10:49 PM IST
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पुराने प्रस्तावों पर मंजूर करवा दिए लाखों रुपये
पंचायत प्रतिनिधियों के सस्पेंड मामले में खुलासा
रिकॉर्ड से छेड़छाड़ और अनियमितता पर गिरी गाज
अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)। जिला सिरमौर के शिलाई में मनरेगा के कार्यों में अनियमितता और पुराने रिकार्ड से छेड़छाड़ करना पंचायत प्रतिनिधियों को भारी पड़ गया है। पुराने प्रस्तावों के आधार पर ही लाखों रुपये की राशि विकास कार्यों के लिए मंजूर भी करवा दी गई। इस मामले की शिकायत पर तीन पंचायतों के जन प्रतिनिधियों पर निलंबन की गाज गिरी है। जांच के लिए गठित कमेटी ने रिपोर्ट तैयार कर कुल दस जन प्रतिनिधियों के निलंबन के आदेश जारी किए हैं। इनमें तीन पंचायत प्रधान, दो पंचायत उपप्रधान जबकि अन्य वार्ड सदस्य शामिल हैं। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।
अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने जांच के बाद आरोपों को प्रारंभिक दृष्टया सही पाया है। पनोग पंचायत में प्रधान, उपप्रधान के साथ दो वार्ड सदस्य निलंबित हुए हैं। हलाहां पंचायत में प्रधान, उप प्रधान और तीन पंचायत सदस्यों पर निलंबन की गाज गिरी। इसी प्रकार रास्त पंचायत के प्रधान पर भी अनियमितता के आरोप लगे हैं। पंचायत के रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर पुराने पंचायत प्रस्तावों को पुन: खंड विकास कार्यालयों को प्रेषित कर 37 विकास कार्यों के लिए 103.95 लाख की राशि स्वीकृति प्रदान की गई। जबकि, हलां पंचायत में लोगों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। जांच टीम की रिपोर्ट पर प्रधान, उप-प्रधान तथा तीन वार्ड सदस्यों को निलंबित किया गया है। आरोप है कि मनरेगा के मस्टररोल का सत्यापन बिना तथ्यों के आधार पर अनियमित अदायगी हुई। शिलाई के विकास खंड अधिकारी कंवर सिंह ने पंचायत प्रतिनिधियों के निलंबन की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पंचायत अधिकारी ने निलंबन आदेश जारी किए हैं। हालांकि, जन प्रतिनिधि इस मामले की उपायुक्त कार्यालय में अपील कर सकते हैं।
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पंचायत प्रतिनिधियों के सस्पेंड मामले में खुलासा
रिकॉर्ड से छेड़छाड़ और अनियमितता पर गिरी गाज
अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)। जिला सिरमौर के शिलाई में मनरेगा के कार्यों में अनियमितता और पुराने रिकार्ड से छेड़छाड़ करना पंचायत प्रतिनिधियों को भारी पड़ गया है। पुराने प्रस्तावों के आधार पर ही लाखों रुपये की राशि विकास कार्यों के लिए मंजूर भी करवा दी गई। इस मामले की शिकायत पर तीन पंचायतों के जन प्रतिनिधियों पर निलंबन की गाज गिरी है। जांच के लिए गठित कमेटी ने रिपोर्ट तैयार कर कुल दस जन प्रतिनिधियों के निलंबन के आदेश जारी किए हैं। इनमें तीन पंचायत प्रधान, दो पंचायत उपप्रधान जबकि अन्य वार्ड सदस्य शामिल हैं। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।
अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने जांच के बाद आरोपों को प्रारंभिक दृष्टया सही पाया है। पनोग पंचायत में प्रधान, उपप्रधान के साथ दो वार्ड सदस्य निलंबित हुए हैं। हलाहां पंचायत में प्रधान, उप प्रधान और तीन पंचायत सदस्यों पर निलंबन की गाज गिरी। इसी प्रकार रास्त पंचायत के प्रधान पर भी अनियमितता के आरोप लगे हैं। पंचायत के रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर पुराने पंचायत प्रस्तावों को पुन: खंड विकास कार्यालयों को प्रेषित कर 37 विकास कार्यों के लिए 103.95 लाख की राशि स्वीकृति प्रदान की गई। जबकि, हलां पंचायत में लोगों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। जांच टीम की रिपोर्ट पर प्रधान, उप-प्रधान तथा तीन वार्ड सदस्यों को निलंबित किया गया है। आरोप है कि मनरेगा के मस्टररोल का सत्यापन बिना तथ्यों के आधार पर अनियमित अदायगी हुई। शिलाई के विकास खंड अधिकारी कंवर सिंह ने पंचायत प्रतिनिधियों के निलंबन की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पंचायत अधिकारी ने निलंबन आदेश जारी किए हैं। हालांकि, जन प्रतिनिधि इस मामले की उपायुक्त कार्यालय में अपील कर सकते हैं।
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