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भारत देश हमारा गुरु है और तिब्बत शिष्य है: चेक्योंग वांग्चुक
Updated Tue, 10 Apr 2018 10:34 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
स्वास्थ्य मंत्री निर्वासित तिब्बत सरकार चेक्योंग वांग्चुक ने कहा कि भारत गुरु और तिब्बत शिष्य है। निर्वासन के बावजूद विश्वभर में तिब्बती समुदाय के लोगों ने अपनी संस्कृति, वेशभूषा, भाषा व अपने संस्कार नहीं भूले हैं। भारत के सहयोग से 90 फीसदी साक्षरता है। देश में धर्मशाला, सिक्किम व असम समेत विभिन्न राज्यों में रह रहे तिब्बती मठ में भिक्षु व भिक्षुणियां रहते हैं जिनमें आध्यात्मिक अध्ययन होता है।
चेक्योंग वांग्चुक मंगलवार को पांवटा नगर परिषद मैदान में निर्वासन के 60 वर्ष पूरे होने पर तिब्बती समुदाय की ओर से आयोजित धन्यवाद भारत कार्यक्रम में रहे थे। उन्होंने कहा कि तिब्बत में स्वराज की उमींदे हैं। तिब्बती स्वास्थ्य मंत्री ने सिरमौर के तिलोरधार व भूपपुर में शिक्षा के दौरान बिताए पलों को याद किया। इससे पहले कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक पांवटा सुखराम चौधरी ने कहा कि भारत समुदाय के साथ हमेशा खड़ा रहा है। भारत के उदय से लेकर विश्व में तेजी से शक्ति के रुप में उभरने के दौर में भी देश साथ है। हिंद-तिब्बत भाई-भाई रहे हैं। चीन के साथ तिब्बत का विवाद रहा है। हर सुख दुख में भारत के नागरिक सहयोग करते रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक पांवटा विस क्षेत्र सुखराम चौधरी, एसडीएम पांवटा एलआर वर्मा, तिब्बत-हिंद मैत्री संघ अध्यक्ष मदन लाल खुराना, महासचिव गीता राम ठाकुर, पांवटा प्रेस क्लब अध्यक्ष आरपी तिवारी, गुरुद्वारा पांवटा प्रबंधक कुलवंत चौधरी, व्यापार मंडल अध्यक्ष अनिंद्र सिंह नौटी, चतर सिंह तोमर, पूर्व नप कमेटी अध्यक्ष अवतार सिंह तारी, सुभाष कुमार, अरविंद गुप्ता, राधा, पेमा व सचिन मौजूद रहे।
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ऐ हिंद तेरी सरजमीं से दीपक का तोहफा मिला
पांवटा साहिब (सिरमौर)। कार्यक्रम के दौरान तिब्बती व हिंदी गीतों व कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। ऐ हिंद तेरी सरजमीं से दीपक का तोहफा मिला, हिंद तुझको सलाम, छोटे बच्चों ने नृत्य व तिब्बती युवाओं की टीम ने यॉक डांस किया। इस दौरान धर्मगुरु दलाई लामा के जीवन के यादगार पलों की
फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई।
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पांवटा साहिब (सिरमौर)।
स्वास्थ्य मंत्री निर्वासित तिब्बत सरकार चेक्योंग वांग्चुक ने कहा कि भारत गुरु और तिब्बत शिष्य है। निर्वासन के बावजूद विश्वभर में तिब्बती समुदाय के लोगों ने अपनी संस्कृति, वेशभूषा, भाषा व अपने संस्कार नहीं भूले हैं। भारत के सहयोग से 90 फीसदी साक्षरता है। देश में धर्मशाला, सिक्किम व असम समेत विभिन्न राज्यों में रह रहे तिब्बती मठ में भिक्षु व भिक्षुणियां रहते हैं जिनमें आध्यात्मिक अध्ययन होता है।
चेक्योंग वांग्चुक मंगलवार को पांवटा नगर परिषद मैदान में निर्वासन के 60 वर्ष पूरे होने पर तिब्बती समुदाय की ओर से आयोजित धन्यवाद भारत कार्यक्रम में रहे थे। उन्होंने कहा कि तिब्बत में स्वराज की उमींदे हैं। तिब्बती स्वास्थ्य मंत्री ने सिरमौर के तिलोरधार व भूपपुर में शिक्षा के दौरान बिताए पलों को याद किया। इससे पहले कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक पांवटा सुखराम चौधरी ने कहा कि भारत समुदाय के साथ हमेशा खड़ा रहा है। भारत के उदय से लेकर विश्व में तेजी से शक्ति के रुप में उभरने के दौर में भी देश साथ है। हिंद-तिब्बत भाई-भाई रहे हैं। चीन के साथ तिब्बत का विवाद रहा है। हर सुख दुख में भारत के नागरिक सहयोग करते रहे हैं।
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इस अवसर पर विधायक पांवटा विस क्षेत्र सुखराम चौधरी, एसडीएम पांवटा एलआर वर्मा, तिब्बत-हिंद मैत्री संघ अध्यक्ष मदन लाल खुराना, महासचिव गीता राम ठाकुर, पांवटा प्रेस क्लब अध्यक्ष आरपी तिवारी, गुरुद्वारा पांवटा प्रबंधक कुलवंत चौधरी, व्यापार मंडल अध्यक्ष अनिंद्र सिंह नौटी, चतर सिंह तोमर, पूर्व नप कमेटी अध्यक्ष अवतार सिंह तारी, सुभाष कुमार, अरविंद गुप्ता, राधा, पेमा व सचिन मौजूद रहे।
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ऐ हिंद तेरी सरजमीं से दीपक का तोहफा मिला
पांवटा साहिब (सिरमौर)। कार्यक्रम के दौरान तिब्बती व हिंदी गीतों व कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। ऐ हिंद तेरी सरजमीं से दीपक का तोहफा मिला, हिंद तुझको सलाम, छोटे बच्चों ने नृत्य व तिब्बती युवाओं की टीम ने यॉक डांस किया। इस दौरान धर्मगुरु दलाई लामा के जीवन के यादगार पलों की
फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई।