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ढाई करोड़ का प्रोजेक्ट, दो दशकों बाद भी जनता का सपना अधूरा
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फाइल सात के साथ पांवटा साहिब में प्रस्तावित सामुदायिक भवन का निर्माण स्थल, जहां पिल्लरलदेकर काम ?
- फोटो : NAHAN
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पांवटा साहिब (सिरमौर)। शहर में सामुदायिक भवन और पार्किंग योजना का कार्य अधर में लटक गया है। ढाई करोड़ रुपये की इस योजना पर दो दशक बाद भी नगर परिषद काम शुरू नहीं कर सकी। लिहाजा, लोगों का सपना आज भी अधूरा है। इस बीच कई नगर परिषदें आई और गईं लेकिन किसी ने भी इस योजना को सिरे नहीं चढ़ाया।
शहर के निर्धन और गरीब परिवारों को महंगाई के दौर में लाभ दिलाने के मकसद से इस योजना पर कार्य शुरू किया गया था। हैरानी की बात है कि योजना का आधा अधूरा ढांचा तैयार करने के बाद कोई कार्य नहीं हो पाया। साल 2001-02 में सामुदायिक भवन के साथ-साथ
आईडीएसएमटी योजना के तहत शॉपिंग कांप्लेक्स का कार्य एक साथ शुरू हुआ था। 1.60 करोड़ रुपये की लागत वाला व्यावसायिक परिसर (शॉपिंग कांप्लेक्स) तो बनकर तैयार हो गया लेकिन सामुदायिक भवन के अधूरे ढांचे को कोई गति नहीं मिली। इस योजना के तहत भूमिगत पार्किंग का निर्माण किए जाने के बाद प्रथम तल पर सामुदायिक भवन का निर्माण होना था। पार्किंग बनाने के लिए पिल्लर तो खड़े कर दिए। इस पर आजतक लेंटर नहीं डाला जा सका।
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बता दें कि देहरादून-पांवटा एनएच-07 पर विश्वकर्मा मंदिर के समीप से पांवटा साहिब नगर परिषद ने 21 साल पहले अवैध कब्जे हटवाए थे, जहां शॉपिंग कांप्लेक्स बन गया है। इसके साथ लगती भूमि पर भूमिगत पार्किंग व प्रथम तल पर सामुदायिक भवन योजना तैयार होनी थी।
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योजना के कार्य को पूरा करवाने के लिए नगर परिषद गंभीर : निर्मल कौर
पांवटा साहिब नगर परिषद की अध्यक्ष निर्मल कौर ने कहा कि इस योजना के कार्य को पूरा करवाने के लिए नगर परिषद गंभीर है। 26 फरवरी 2022 को करीब 1.36 करोड़ रुपये का बजट निदेशक शहरी विकास विभाग को मंजूरी को भेज दिया गया है, जिसमें भूमिगत पार्किंग स्थल पर लेंटर-छत डलेगी। प्रथम तल पर सामुदायिक भवन बनेगा।
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लोगों की राय...
दूरदर्शी और महत्वपूर्ण योजना लटकना हैरानजनक : नंदलाल परवाल
दो दशक पहले दूरदर्शी सोच के साथ योजना प्रस्तावित थी, जिससे शहरी क्षेत्र के सैकड़ों गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को शादी-विवाहों व विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए सामुदायिक भवन योजना बनाने से सुविधा मिल पाती।
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योजना बनने से महंगाई के दौर में आमजन को मिलती सुविधा : अखिल शर्मा
योजना बनने से बढ़ती महंगाई और कम खर्चों में निर्धन व मध्यम वर्ग के लोगों को विवाह व अन्य कार्यक्रम में कम खर्च पर सुविधा मिलती। भारी भरकम खर्च से ऐसे परिवारों की आर्थिक रुप से कमर टूटने से बच जाती।
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योजना को प्राथमिकता पर रखा जाए : आत्माराम शर्मा
दो दशक पहले इस योजना का निर्माण शुरू करवाया गया था लेकिन आम आदमी की सुविधा से जुड़ी योजना के अधर में लटकने से लोगों में काफी निराशा है। इस योजना कार्य को प्राथमिकता पर रखा जाए।
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इस योजना के बनने से लोगों को मिलनी थी ये सुविधाएं
1. भूमिगत तल पर 120 कारों के लिए पार्किंग की सुविधा
2. वाहन मालिकों को वाजिब दामों पर पार्किंग मिलती
3. अंदरूनी सड़कों किनारे खड़े वाहनों से जाम से छुटकारा मिलता
4. शहर में धार्मिक समेत विवाह समारोहों के लिए सामुदायिक भवन
5. गरीब और मध्यवर्गीय परिवारों को सस्ते दामों पर आयोजन स्थल मिलता
6. सामुदायिक भवन के ऊपर लोगों को ठहरने की सुविधा भी मिल पाती
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योजना के लिए कब क्या-क्या हुआ
- 2001-02 में पार्किंग और सामुदायिक भवन की योजना तैयार हुई
- लंबे अरसे बाद 2014 में भूमिगत पार्किंग के लिए एक करोड़ रुपये जारी हुए
- ठेकेदार ने काम शुरू किया, पिल्लर खड़े करने के बाद काम छोड़ दिया
- 26 फरवरी 2022 को फाइल निदेशक शहरी विकास विभाग को भेजी
- 1.36 करोड़ की राशि जारी करने की मांग नगर परिषद ने भेजी
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शहर के निर्धन और गरीब परिवारों को महंगाई के दौर में लाभ दिलाने के मकसद से इस योजना पर कार्य शुरू किया गया था। हैरानी की बात है कि योजना का आधा अधूरा ढांचा तैयार करने के बाद कोई कार्य नहीं हो पाया। साल 2001-02 में सामुदायिक भवन के साथ-साथ
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आईडीएसएमटी योजना के तहत शॉपिंग कांप्लेक्स का कार्य एक साथ शुरू हुआ था। 1.60 करोड़ रुपये की लागत वाला व्यावसायिक परिसर (शॉपिंग कांप्लेक्स) तो बनकर तैयार हो गया लेकिन सामुदायिक भवन के अधूरे ढांचे को कोई गति नहीं मिली। इस योजना के तहत भूमिगत पार्किंग का निर्माण किए जाने के बाद प्रथम तल पर सामुदायिक भवन का निर्माण होना था। पार्किंग बनाने के लिए पिल्लर तो खड़े कर दिए। इस पर आजतक लेंटर नहीं डाला जा सका।
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बता दें कि देहरादून-पांवटा एनएच-07 पर विश्वकर्मा मंदिर के समीप से पांवटा साहिब नगर परिषद ने 21 साल पहले अवैध कब्जे हटवाए थे, जहां शॉपिंग कांप्लेक्स बन गया है। इसके साथ लगती भूमि पर भूमिगत पार्किंग व प्रथम तल पर सामुदायिक भवन योजना तैयार होनी थी।
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योजना के कार्य को पूरा करवाने के लिए नगर परिषद गंभीर : निर्मल कौर
पांवटा साहिब नगर परिषद की अध्यक्ष निर्मल कौर ने कहा कि इस योजना के कार्य को पूरा करवाने के लिए नगर परिषद गंभीर है। 26 फरवरी 2022 को करीब 1.36 करोड़ रुपये का बजट निदेशक शहरी विकास विभाग को मंजूरी को भेज दिया गया है, जिसमें भूमिगत पार्किंग स्थल पर लेंटर-छत डलेगी। प्रथम तल पर सामुदायिक भवन बनेगा।
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लोगों की राय...
दूरदर्शी और महत्वपूर्ण योजना लटकना हैरानजनक : नंदलाल परवाल
दो दशक पहले दूरदर्शी सोच के साथ योजना प्रस्तावित थी, जिससे शहरी क्षेत्र के सैकड़ों गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को शादी-विवाहों व विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए सामुदायिक भवन योजना बनाने से सुविधा मिल पाती।
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योजना बनने से महंगाई के दौर में आमजन को मिलती सुविधा : अखिल शर्मा
योजना बनने से बढ़ती महंगाई और कम खर्चों में निर्धन व मध्यम वर्ग के लोगों को विवाह व अन्य कार्यक्रम में कम खर्च पर सुविधा मिलती। भारी भरकम खर्च से ऐसे परिवारों की आर्थिक रुप से कमर टूटने से बच जाती।
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योजना को प्राथमिकता पर रखा जाए : आत्माराम शर्मा
दो दशक पहले इस योजना का निर्माण शुरू करवाया गया था लेकिन आम आदमी की सुविधा से जुड़ी योजना के अधर में लटकने से लोगों में काफी निराशा है। इस योजना कार्य को प्राथमिकता पर रखा जाए।
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इस योजना के बनने से लोगों को मिलनी थी ये सुविधाएं
1. भूमिगत तल पर 120 कारों के लिए पार्किंग की सुविधा
2. वाहन मालिकों को वाजिब दामों पर पार्किंग मिलती
3. अंदरूनी सड़कों किनारे खड़े वाहनों से जाम से छुटकारा मिलता
4. शहर में धार्मिक समेत विवाह समारोहों के लिए सामुदायिक भवन
5. गरीब और मध्यवर्गीय परिवारों को सस्ते दामों पर आयोजन स्थल मिलता
6. सामुदायिक भवन के ऊपर लोगों को ठहरने की सुविधा भी मिल पाती
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योजना के लिए कब क्या-क्या हुआ
- 2001-02 में पार्किंग और सामुदायिक भवन की योजना तैयार हुई
- लंबे अरसे बाद 2014 में भूमिगत पार्किंग के लिए एक करोड़ रुपये जारी हुए
- ठेकेदार ने काम शुरू किया, पिल्लर खड़े करने के बाद काम छोड़ दिया
- 26 फरवरी 2022 को फाइल निदेशक शहरी विकास विभाग को भेजी
- 1.36 करोड़ की राशि जारी करने की मांग नगर परिषद ने भेजी
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