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गिरिपार इलाके में डेंगू का कहर, एक दर्जन हुए बीमार
Updated Sat, 29 Sep 2018 10:25 PM IST
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गिरिपार के एक दर्जन लोगों को डेंगू
मरीज निजी अस्पतालों में करवा रहे इलाज
अस्पताल में नहीं पहुंचा ऐसा मामला : डॉ. अनिरुद्ध
अमर उजाला ब्यूरो
सतौन (सिरमौर)। गिरिपार इलाके में डेंगू ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ दिन से सतौन पंचायत के लोगों को डेंगू बुखार ने जकड़ रखा है। करीब एक दर्जन लोग डेंगू की चपेट में आ गए हैं। पांवटा के निजी अस्पताल के अलावा देहरादून में लोग अपना उपचार करवा रहे हैं। हैरत यह है कि इलाके में डेंगू फैलने की स्वास्थ्य विभाग के पास पुख्ता जानकारी तक नहीं है।
सतौन क्षेत्र में डेंगू फैलने से लोगों में हड़कंप है। डेंगू से एकता कॉलोनी का क्षेत्र काफी प्रभावित है। कुछ मरीज पांवटा, जबकि कुछ उत्तराखंड में इलाज करवा रहे हैं। ग्रामीण पहले निजी अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर उन्हें देहरादून या फिर पीजीआई के लिए रेफर किया जा रहा है। हर साल सतौन में डेंगू दस्तक दे रहा है लेकिन, स्वास्थ्य विभाग की ओर से किसी दवाई का छिड़काव या इसकी रोकथाम को कोई उचित प्रबंध नहीं किया जाता है। इस बार भी सतौन में डेंगू ने दस्तक दे दी है। करीब एक दर्जन ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। सतौन के महेंद्र गुप्ता और गुरदत्त सिंह ने बताया कि वे डेंगू की चपेट में हैं। वे निजी अस्पतालों में अपना इलाज करवा रहे हैं। महेंद्र सिंह को पांवटा के निजी अस्पताल से देहरादून रेफर किया गया है।
सतौन पंचायत प्रधान रजनीश चौहान ने बताया कि पंचायत में एक हफ्ते पहले दवाई का छिड़काव किया जा चुका है और आगे भी छिड़काव किया जाएगा। पीएचसी सतौन के डॉ. अनिरुद्ध ने बताया के पीएचसी में डेंगू के टेस्ट करने की सुविधा उपलब्ध है। यहां पर कोई भी डेंगू का मरीज अभी तक नहीं पहुंचा है। उधर, सीएमओ डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि स्थानीय इलाकों में कार्ड टेस्ट किए जाते हैं, जिनमें मरीज को डेंगू होने की कुछ प्रतिशत तक की आशंका की पुष्टि होती है। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं होता कि मरीज को डेंगू है। कन्फरमेटरी टेस्ट के बाद ही डेंगू की पुष्टि होती है। सतौन इलाके में डेंगू से ग्रस्त कोई भी मरीज सरकारी अस्पतालों में नहीं पहुंचा है।
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मरीज निजी अस्पतालों में करवा रहे इलाज
अस्पताल में नहीं पहुंचा ऐसा मामला : डॉ. अनिरुद्ध
अमर उजाला ब्यूरो
सतौन (सिरमौर)। गिरिपार इलाके में डेंगू ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ दिन से सतौन पंचायत के लोगों को डेंगू बुखार ने जकड़ रखा है। करीब एक दर्जन लोग डेंगू की चपेट में आ गए हैं। पांवटा के निजी अस्पताल के अलावा देहरादून में लोग अपना उपचार करवा रहे हैं। हैरत यह है कि इलाके में डेंगू फैलने की स्वास्थ्य विभाग के पास पुख्ता जानकारी तक नहीं है।
सतौन क्षेत्र में डेंगू फैलने से लोगों में हड़कंप है। डेंगू से एकता कॉलोनी का क्षेत्र काफी प्रभावित है। कुछ मरीज पांवटा, जबकि कुछ उत्तराखंड में इलाज करवा रहे हैं। ग्रामीण पहले निजी अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर उन्हें देहरादून या फिर पीजीआई के लिए रेफर किया जा रहा है। हर साल सतौन में डेंगू दस्तक दे रहा है लेकिन, स्वास्थ्य विभाग की ओर से किसी दवाई का छिड़काव या इसकी रोकथाम को कोई उचित प्रबंध नहीं किया जाता है। इस बार भी सतौन में डेंगू ने दस्तक दे दी है। करीब एक दर्जन ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। सतौन के महेंद्र गुप्ता और गुरदत्त सिंह ने बताया कि वे डेंगू की चपेट में हैं। वे निजी अस्पतालों में अपना इलाज करवा रहे हैं। महेंद्र सिंह को पांवटा के निजी अस्पताल से देहरादून रेफर किया गया है।
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सतौन पंचायत प्रधान रजनीश चौहान ने बताया कि पंचायत में एक हफ्ते पहले दवाई का छिड़काव किया जा चुका है और आगे भी छिड़काव किया जाएगा। पीएचसी सतौन के डॉ. अनिरुद्ध ने बताया के पीएचसी में डेंगू के टेस्ट करने की सुविधा उपलब्ध है। यहां पर कोई भी डेंगू का मरीज अभी तक नहीं पहुंचा है। उधर, सीएमओ डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि स्थानीय इलाकों में कार्ड टेस्ट किए जाते हैं, जिनमें मरीज को डेंगू होने की कुछ प्रतिशत तक की आशंका की पुष्टि होती है। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं होता कि मरीज को डेंगू है। कन्फरमेटरी टेस्ट के बाद ही डेंगू की पुष्टि होती है। सतौन इलाके में डेंगू से ग्रस्त कोई भी मरीज सरकारी अस्पतालों में नहीं पहुंचा है।
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