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सिरमौर में 60744 बच्चों ने गटकी दो बूंद जिंदगी की
Updated Sun, 11 Mar 2018 10:44 PM IST
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polio
- फोटो : PTI
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
जनपद सिरमौर में पल्स पोलियो अभियान के दूसरे चरण में 538 पोलियो बूथों पर 60744 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय शर्मा ने पांवटा सिविल अस्पताल में बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाने के बाद बताया कि अभियान के तहत सिरमौर जिले के 6 खंडों में पोलियो की खुराक पिलाने के लिए पोलियो बूथ स्थापित किए गए थे ताकि प्रत्येक अभिभावक अपने निकटतम बूथ पर बच्चों को दवा पिला सकें। इसके लिए लगभग 2200 कर्मचारियों को तैनात किया गया था।
उन्होंने बताया कि जिला के सीमा पर लगते बैरियरों व विभिन्न बस अड्डों पर यात्रा करने वाले बच्चों को पल्स पोलियो की दवा पिलाने के लिए चार मोबाइल टीमें अलग से लगाई गईं। जिला में विशेषकर औद्योगिक क्षेत्रों और खानों इत्यादि में विभिन्न निर्माण कार्यों से जुड़े प्रवासी परिवारों के बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। साथ ही मोबाइल टीम को निर्देश दिए गए कि झुग्गी झोंपड़ी में रहने वाला कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की दवा पीने से वंचित न रह जाए। उन्होंने बताया कि इस अभियान के दूसरे चरण के दौरान जो बच्चे पोलियो दवा पीने से वंचित रह जाएंगे, उन्हें 12 और 13 मार्च को स्वास्थ्य, आयुर्वेद विभाग, आशा कार्यकर्ता व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर दवा पिलाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा इंद्रधनुष नामक एक कार्यक्रम चलाया गया है। इसके तहत11 प्रकार के रोगों से बचने के लिए बच्चों में विभिन्न प्रकार के टीके लगाए जा रहे हैं ताकि बच्चों का जीवन स्वस्थ एवं खुशहाल बन सके।
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नाहन (सिरमौर)।
जनपद सिरमौर में पल्स पोलियो अभियान के दूसरे चरण में 538 पोलियो बूथों पर 60744 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय शर्मा ने पांवटा सिविल अस्पताल में बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाने के बाद बताया कि अभियान के तहत सिरमौर जिले के 6 खंडों में पोलियो की खुराक पिलाने के लिए पोलियो बूथ स्थापित किए गए थे ताकि प्रत्येक अभिभावक अपने निकटतम बूथ पर बच्चों को दवा पिला सकें। इसके लिए लगभग 2200 कर्मचारियों को तैनात किया गया था।
उन्होंने बताया कि जिला के सीमा पर लगते बैरियरों व विभिन्न बस अड्डों पर यात्रा करने वाले बच्चों को पल्स पोलियो की दवा पिलाने के लिए चार मोबाइल टीमें अलग से लगाई गईं। जिला में विशेषकर औद्योगिक क्षेत्रों और खानों इत्यादि में विभिन्न निर्माण कार्यों से जुड़े प्रवासी परिवारों के बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। साथ ही मोबाइल टीम को निर्देश दिए गए कि झुग्गी झोंपड़ी में रहने वाला कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की दवा पीने से वंचित न रह जाए। उन्होंने बताया कि इस अभियान के दूसरे चरण के दौरान जो बच्चे पोलियो दवा पीने से वंचित रह जाएंगे, उन्हें 12 और 13 मार्च को स्वास्थ्य, आयुर्वेद विभाग, आशा कार्यकर्ता व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर दवा पिलाई जाएगी।
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उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा इंद्रधनुष नामक एक कार्यक्रम चलाया गया है। इसके तहत11 प्रकार के रोगों से बचने के लिए बच्चों में विभिन्न प्रकार के टीके लगाए जा रहे हैं ताकि बच्चों का जीवन स्वस्थ एवं खुशहाल बन सके।
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