फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   टोकन के लिए तेज धूप में खड़ी कीं गर्भवती महिलाएं

टोकन के लिए तेज धूप में खड़ी कीं गर्भवती महिलाएं

Mon, 21 May 2018 10:41 PM IST
Updated Mon, 21 May 2018 10:41 PM IST
विज्ञापन
टोकन के लिए तेज धूप में खड़ी कीं गर्भवती महिलाएं
doctor shimla
हितेश शर्मा
विज्ञापन

नाहन (सिरमौर)।
मेडिकल कॉलेज नाहन की गायनी ओपीडी के बाहर भीड़ कम करने के लिए शुरू की गई टोकन व्यवस्था गर्भवती महिलाओं पर भारी पड़ गई है। सोमवार को कॉलेज प्रबंधन ने टोकन के लिए गर्भवती महिलाओं को प्रचंड धूप में लाइन में खड़ा कर दिया जिससे टोकन प्राप्त करने के लिए गर्भवती महिलाओं और उनके साथ आए तीमारदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मेडिकल कॉलेज बनने के बाद भी नाहन ही स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हुआ है। सोमवार को कॉलेज प्रबंधन ने पर्ची बनाने के बाद गर्भवती महिलाओं को अलग से टोकन देने आरंभ किए। कॉलेज गेट के समीप ही प्रचंड गर्मी में टोकन के लिए महिलाएं घंटों तक लाइनों में खड़ी रहीं। इससे कई महिलाएं पसीने से तर हो गईं।
विज्ञापन

हैरत यह है कि टोकन मिलने के बाद भी कई महिलाओं का चेकअप नहीं हो पाया। हालांकि, कॉलेज प्रबंधन का तर्क है कि ओपीडी के बाहर भीड़ कम करने के लिए टोकन सिस्टम ट्रायल पर शुरू किया है। यदि यह सफल हो जाता है तो इसे जारी रखा जाएगा लेकिन सवाल यही है कि टोकन देने के ट्रायल के चक्कर में प्रशासन ने जज्जा बच्चा की सुविधा का कोई ध्यान नहीं रखा। न ही यह तय है कि टोकन के बाद महिला का नंबर कब आएगा?
विज्ञापन
विज्ञापन

बॉक्स के लिए--
सिर्फ 40 महिलाओं को टोकन
मेडिकल कॉलेज नाहन में पहली शिफ्ट में 40 महिलाओं को ही टोकन दिया जा रहा है। इसमें 30 सामान्य व 10 कॉलेज स्टाफ के लिए टोकन देने की व्यवस्था की गई है। जबकि, अस्पताल में दुर्गम क्षेत्रों से भी गर्भवती महिलाएं रोजाना जांच के लिए पहुंच रही हैं। ऐसे में दूसरी महिलाओं को नंबर के लिए काफी इंतजार करना पड़ रहा है।

ट्रायल पर शुरू की है व्यवस्था
अभी टोकन सिस्टम को ट्रायल पर शुरू किया है। दो सप्ताह पहले यह व्यवस्था शुरू की थी लेकिन, मरीज से टोकन वापस नहीं मिल रहा था। सोमवार से इसे मरीजों को अलग से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। पहली शिफ्ट के बाद दूसरी भी शुरू की जा सकती है।
- डॉ. केके पराशर, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed