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कहां मिलते हैं अब प्यार के रंग... कविता ने लूटी वाहवाही
Updated Wed, 28 Feb 2018 10:12 PM IST
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कहां मिलते हैं अब प्यार के रंग... से लूटी वाहवाही
नाहन में सजा कवियों का दरबार
दर्जनों कवियों ने किया कविता पाठ
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
शंखनाद संस्था और भाषा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस मौके पर उपायुक्त सिरमौर ललित जैन ने कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। जबकि, जिला कोषाधिकारी सतीश कुमार बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित हुए। साहित्यकार विद्यानंद सरैक ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस मौके पर कवि पंकज तन्हा ने कहां मिलते हैं अब प्यार के रंग से खूब वाहवाही लूटी। श्रीकांत अकेला ने कुछ लोग मुझे यूं बहलाने लगे, अनु भारद्वाज ने चलो इस बार कुछ अलग धुन सजाते हैं, सरला गौतम ने हरा-हरा घाघरा, उस पर सोलह शृंगार, शिवा धरावेश ने घिरा बैठा हूं भीड़ में कौरवों की कविता पेश की। इसके अलावा गीता तोमर ने बदली नहीं तो मेरी दादी, धनवीर सिंह परमार ने गर्भ सागर में कुंठित सी, सुरेंद्र कुमार सूर्या ने चाहे करोड़ों कमा लेंगे चंद लोग, मुरारी लता शर्मा ने याद करें हम उन वीरों को कविता पेश कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। इस मौके पर करुण नागर, अर्चना शर्मा, प्रभात कुमार, दीपचंद कौशल, भरत धीमान, जयगोपाल, डॉ. विनोद बंसल, चिर आनंद और लायकराम शास्त्री ने भी कविता पाठ किया। इस अवसर पर जिला भाषा अधिकारी अनिल हारटा, डॉ. केसी शर्मा के अलावा दर्जनों लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शंखनाद संस्थान के पदाधिकारियों ने जिला कोषाधिकारी सतीश कुमार, अरावली संगठन के निदेशक डॉ. यशपाल शर्मा, साहित्यकार अनंत आलोक, साहित्यकार विद्यानंद सरैक और दीनदयाल वर्मा को सम्मानित भी किया।
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नाहन में सजा कवियों का दरबार
दर्जनों कवियों ने किया कविता पाठ
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
शंखनाद संस्था और भाषा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस मौके पर उपायुक्त सिरमौर ललित जैन ने कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। जबकि, जिला कोषाधिकारी सतीश कुमार बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित हुए। साहित्यकार विद्यानंद सरैक ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस मौके पर कवि पंकज तन्हा ने कहां मिलते हैं अब प्यार के रंग से खूब वाहवाही लूटी। श्रीकांत अकेला ने कुछ लोग मुझे यूं बहलाने लगे, अनु भारद्वाज ने चलो इस बार कुछ अलग धुन सजाते हैं, सरला गौतम ने हरा-हरा घाघरा, उस पर सोलह शृंगार, शिवा धरावेश ने घिरा बैठा हूं भीड़ में कौरवों की कविता पेश की। इसके अलावा गीता तोमर ने बदली नहीं तो मेरी दादी, धनवीर सिंह परमार ने गर्भ सागर में कुंठित सी, सुरेंद्र कुमार सूर्या ने चाहे करोड़ों कमा लेंगे चंद लोग, मुरारी लता शर्मा ने याद करें हम उन वीरों को कविता पेश कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। इस मौके पर करुण नागर, अर्चना शर्मा, प्रभात कुमार, दीपचंद कौशल, भरत धीमान, जयगोपाल, डॉ. विनोद बंसल, चिर आनंद और लायकराम शास्त्री ने भी कविता पाठ किया। इस अवसर पर जिला भाषा अधिकारी अनिल हारटा, डॉ. केसी शर्मा के अलावा दर्जनों लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शंखनाद संस्थान के पदाधिकारियों ने जिला कोषाधिकारी सतीश कुमार, अरावली संगठन के निदेशक डॉ. यशपाल शर्मा, साहित्यकार अनंत आलोक, साहित्यकार विद्यानंद सरैक और दीनदयाल वर्मा को सम्मानित भी किया।