{"_id":"59f72faf4f1c1bd9538b9e1d","slug":"101509371823-sirmour-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खूनी बन गईं रेणुका हलके की सड़कें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खूनी बन गईं रेणुका हलके की सड़कें
Updated Mon, 30 Oct 2017 07:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
खूनी बन गईं रेणुका हलके की सड़कें
ढांक से मुख्य सड़कों पर गिर रही चट्टानें
चार माह में दो हादसे, दो लोगों की गई जान
अमर उजाला ब्यूरो
संगड़ाह (सिरमौर)।
रेणुका इलाके की सड़कें खूनी बन गई हैं। सड़कों पर करोड़ों खर्च करने के दावे धरातल पर बेमानी साबित हो रहे हैं। ढांक से गिर रही चट्टानों से ददाहू-संगड़ाह-हरिपुरधार का सफर खतरनाक बन गया है। वाहन चालकों व यात्रियों के लिए इन सड़कों पर सफर किसी दहशत से कम नहीं है।
गिरिपार क्षेत्र की सड़कों को सुधारने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी कोई विशेष सुधार देखने को नहीं मिल पाया है। सुधरने की बजाय सड़कों की दशा दिन प्रतिदिन बिगड़ रही है। केंद्र सरकार की ओर से ब्लैक स्पॉट को सुधारने के लिए बजट लोक निर्माण विभाग को मुहैया करवाया गया है।
हैरानी की बात है कि ब्लैक स्पॉट की बजाय अधिकतर राशि को विभाग द्वारा अन्य कार्यों पर खर्च किया जा रहा है। विभाग ने ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए सुविधा अनुसार उन स्थानों पर कटिंग करवाई जहां पहले ही सड़कें चौड़ी थीं। तीखे मोड़ों के स्थान पर उन मोड़ों को काटा गया है जो पहले ही चौडे़ थे।
विज्ञापन
हाल ही में हरिपुुरधार के समीप पहाड़ी से गिरे पत्थर से एक महिला की जान गई। जबकि, चार माह पहले खड़कोली के पास भी ऐसी ही घटना में एक ठेकेदार की जान जा चुकी है। इसी स्थल पर बाइक सवार भी घायल हो चुके हैं।
--
शालना ढांक और खड़कोली डेंजर प्वाइंट
सोलन-मीनस, रेणुका-संगड़ाह-हरिपुरधार, संगड़ाह-पालर-बोगधार-नोहराधार मार्ग पर दर्जनों ब्लैक स्पॉट हैं। हरिपुरधार से बियोंग तक के 5 किमी के दायरे में ही वाहन चालक आधा दर्जन से अधिक ब्लैक स्पॉट का सामना करते हैं लेकिन विभाग का कभी इन स्पॉट की तरफ ध्यान ही नहीं गया। हरिपुरधार से दो किमी दूर शालना ढांक में 150 मीटर सड़क काफी तंग है। हरिपुरधार-कुपवी मार्ग पर भी कई ब्लैक स्पॉट हैं। खड़कोली के पास भी खराब सड़क व उंगरकांडो मार्ग से गिर रही चट्टानों से हो रहे हादसे भी किसी से छिपे नहीं हैं।
ब्लैक स्पॉट पर 45 लाख खर्च
उधर, एक्सईएन केएल चौधरी ने बताया कि संगड़ाह डिविजन के अंतर्गत ब्लैक स्पॉट को सुधारने के लिए 45 लाख की राशि खर्च की जा रही है। शालना ढांक में जो दरार आई है उसे देखने के लिए एसडीओ को आदेश दिए हैं।
----------हितेश, योगेंद्र कपिला
ढांक से मुख्य सड़कों पर गिर रही चट्टानें
चार माह में दो हादसे, दो लोगों की गई जान
अमर उजाला ब्यूरो
संगड़ाह (सिरमौर)।
रेणुका इलाके की सड़कें खूनी बन गई हैं। सड़कों पर करोड़ों खर्च करने के दावे धरातल पर बेमानी साबित हो रहे हैं। ढांक से गिर रही चट्टानों से ददाहू-संगड़ाह-हरिपुरधार का सफर खतरनाक बन गया है। वाहन चालकों व यात्रियों के लिए इन सड़कों पर सफर किसी दहशत से कम नहीं है।
गिरिपार क्षेत्र की सड़कों को सुधारने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी कोई विशेष सुधार देखने को नहीं मिल पाया है। सुधरने की बजाय सड़कों की दशा दिन प्रतिदिन बिगड़ रही है। केंद्र सरकार की ओर से ब्लैक स्पॉट को सुधारने के लिए बजट लोक निर्माण विभाग को मुहैया करवाया गया है।
विज्ञापन
हैरानी की बात है कि ब्लैक स्पॉट की बजाय अधिकतर राशि को विभाग द्वारा अन्य कार्यों पर खर्च किया जा रहा है। विभाग ने ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए सुविधा अनुसार उन स्थानों पर कटिंग करवाई जहां पहले ही सड़कें चौड़ी थीं। तीखे मोड़ों के स्थान पर उन मोड़ों को काटा गया है जो पहले ही चौडे़ थे।
विज्ञापन
हाल ही में हरिपुुरधार के समीप पहाड़ी से गिरे पत्थर से एक महिला की जान गई। जबकि, चार माह पहले खड़कोली के पास भी ऐसी ही घटना में एक ठेकेदार की जान जा चुकी है। इसी स्थल पर बाइक सवार भी घायल हो चुके हैं।
--
शालना ढांक और खड़कोली डेंजर प्वाइंट
सोलन-मीनस, रेणुका-संगड़ाह-हरिपुरधार, संगड़ाह-पालर-बोगधार-नोहराधार मार्ग पर दर्जनों ब्लैक स्पॉट हैं। हरिपुरधार से बियोंग तक के 5 किमी के दायरे में ही वाहन चालक आधा दर्जन से अधिक ब्लैक स्पॉट का सामना करते हैं लेकिन विभाग का कभी इन स्पॉट की तरफ ध्यान ही नहीं गया। हरिपुरधार से दो किमी दूर शालना ढांक में 150 मीटर सड़क काफी तंग है। हरिपुरधार-कुपवी मार्ग पर भी कई ब्लैक स्पॉट हैं। खड़कोली के पास भी खराब सड़क व उंगरकांडो मार्ग से गिर रही चट्टानों से हो रहे हादसे भी किसी से छिपे नहीं हैं।
ब्लैक स्पॉट पर 45 लाख खर्च
उधर, एक्सईएन केएल चौधरी ने बताया कि संगड़ाह डिविजन के अंतर्गत ब्लैक स्पॉट को सुधारने के लिए 45 लाख की राशि खर्च की जा रही है। शालना ढांक में जो दरार आई है उसे देखने के लिए एसडीओ को आदेश दिए हैं।
----------हितेश, योगेंद्र कपिला