Shimla Kidnapping Case Update: एक दिन पहले नानी के घर गया था आरोपी, टेप लगाकर बदला नंबर; जानें पूरा खुलासा
Shimla BCS Students Kidnapping Case: बीसीएस स्कूल के तीन बच्चों के अपहरण मामले में पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी सुमित सूद शिमला अपने नाना-नानी के घर आया था। 9 अगस्त की सुबह 5.30 बजे वह नाना-नानी के घर बीसीएस स्कूल के लिए चला। आगे क्या हुआ विस्तार से जानें...
विस्तार
पुलिस जांच में पता चला है कि आठ अगस्त को आरोपी सुमित सूद अपनी गाड़ी नंबर डीएल 8 सीएस 0654 से शिमला अपने नाना-नानी के घर आया था। इस दौरान वह अपने साथ पिता की रिवॉल्वर और 8 रौंद, एक तेजधार हथियार, मास्क, रस्सी के टुकड़े और डक टेप लेकर आया था। वह करीब 9.00 बजे शिमला के रामबाजार में अपने नाना-नानी के घर पहुंचा जहां पर यह माता-पिता और पत्नी तथा बच्चों से भी मिला। वह अपने साथ अपना मोबाइल नहीं लाया क्योंकि इसे पता था कि मोबाइल से वह ट्रेस हो सकता है।
ये भी पढ़ें- Shimla News: बीसीएस के गेट से छठी के छात्रों का अपहरण, कोटखाई से तीनों बरामद, आरोपी गिरफ्तार; जानें मामला
9 अगस्त की सुबह 5.30 बजे वह नाना-नानी के घर बीसीएस स्कूल के लिए चला। बैम्लोई से कनलोग जाने वाले रोड पर इसने गाड़ी की नंबर प्लेट बदलकर नंबर प्लेट की पिछली साइड टेप से डीएल-5 सीएस-6117 नंबर बना दिया। इसके बाद सुबह 5.45 बजे बीसीएस स्कूल के गेट से करीब 100 मीटर पहले गाड़ी मोड़कर पार्क कर दी और गाड़ी की पिछली सीट पर बैठ गया। आरोपी ने पिछली सीट पर सन शेड लगा रखी थी, जिससे बाहर से बच्चों को नहीं देखा जा सके।
पूछताछ में आरोपी सुमित ने पुलिस को बताया कि इसके सेब के बगीचे में मार्च में आग लग गई थी। इसमें उसके करीब 1200 सेब के पेड़ जल गए थे। बगीचे से आरोपी ने यूको बैंक कोटखाई में 10 लाख रुपये की लिमिट बनाई थी। इसके अलावा इसको शेयर मार्केट और ऑनलाइन ट्रेडिंग दोनों को मिलाकर करीब 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ था। इस वजह से यह परेशान चल रहा था। इसने वर्ष 2023-2024 में कुफरी में मीट चावल की रेहड़ी भी लगाई थी लेकिन उसे कोर्ट के ऑर्डर से बंद करना पड़ा। इस वजह से यह मानसिक दबाव था। इसके बाद उसने बच्चों के अपहरण की साजिश रची।
अभी तक की जांच में पता चला है कि घर पहुंचने पर आरोपी ने बच्चों से उनके अभिभावकों के मोबाइल नंबर मांगे। दो बच्चों ने अपनी मां के नंबर दिए और एक बच्चे ने पिताजी का नंबर दिया। इसके बाद आरोपी ने (टेक्सट मी एप) से सबसे पहले करनाल के रहने वाले बच्चे की मां के नंबर पर फोन किया और बताया कि आपका बेटा किडनैप हो चुका है। विश्वास करो कि यह काफी खतरनाक लोग हैं और पूछ रहे हैं कि तुम कितना पैसा दे सकती हो। तो वहां से जवाब आया कि ओके।
आरोपी ने कहा कि तुम्हारा बड़ा बेटा भी यहीं पढ़ रहा है, जिससे महिला उसकी बातों पर विश्वास हो जाए। फिर आरोपी ने कहा कि आप थोड़ी देर बाद कॉल करें और चेताया कि स्कूल प्रबंधन तथा न्यूज चैनल में यह बात न बताएं। इसके बाद जब उन्होंने एक अन्य बच्चों के अभिभावकों को फोन किया। इसमें एक अभिभावक ने कहा कि उसका बेटा चंडीगढ़ में है। आरोपी के मुताबिक उसे लगा कि अभिभावक इसे प्रैंक समझ रहा था। आरोपी ने अभिभावकों को बताया कि उसके ऊपर नाइजीरियन हैं। आरोपी फेसबुक को चेक करता रहा कि क्या न्यूज आ रही है।