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Shimla News: शिमला में चेरी का उत्पादन घटा, मंडी में कम पहुंचीं 1.75 लाख पेटी

Sun, 29 Jun 2025 11:44 AM IST
अंकेश डोगरा भारती शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
भारती शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Sun, 29 Jun 2025 11:44 AM IST
सार

शिमला जिले के बागवानों का कहना है कि बेमौसम गर्मी और जलवायु के उतार-चढ़ाव के कारण चेरी उत्पादन में कमी आई है। पढ़ें पूरी खबर...

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Shimla News Cherry production decreased in Shimla 1.75 lakh boxes less reached the mandi
चेरी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

शिमला जिले में इस साल चेरी की पैदावार में गिरावट आई है। बीते वर्ष के मुकाबले इस साल जिले की फल मंडियों में एक लाख 75 हजार 995 बॉक्स (पेटी) चेरी का कम कारोबार हुआ है। इसका मुख्य कारण अनियमित मौसम को माना का जा रहा है। चेरी का सीजन अब खत्म हो चुका है। पिछले साल जहां जिला की फल मंडियों में 5,46,544 बॉक्स चेरी के पहुंचे थे, वहीं इस वर्ष 3,70,549 बॉक्स ही मंडी में पहुंचे। इससे शिमला जिला के फागू, ठियोग, कुमारसैन और नारकंडा सहित अन्य प्रमुख चेरी उत्पादक क्षेत्रों के बागवान निराश हैं। 

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बागवानों का कहना है कि बेमौसम गर्मी और जलवायु के उतार-चढ़ाव के कारण चेरी उत्पादन में कमी आई है। वर्तमान में हिमाचल में चेरी की खेती करीब 600 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में होती है। इसमें से 75 प्रतिशत शिमला जिले में होती है। औसतन राज्य में सालाना छह हजार मीट्रिक टन से अधिक चेरी का उत्पादन होता है। चेरी का एक किलो का बॉक्स 550 रुपये तक बिका, वहीं पिछले साल 650 रुपये प्रतिकिलो तक चेरी के दाम मिले थे। शिमला जिले में नारकंडा, कंडियाली, कोटगढ़-कुमारसैन, रामपुर, रोहड़ू और कोटखाई क्षेत्रों में चेरी का उत्पादन होता है। इसके अलावा इस वर्ष जुलाई के आखिरी हफ्ते तक खुमानी के 53,984, प्लम के 5,42,923, आड़ू के 15,502, नेक्टेरिन 12,207, शक्कर पारा 41,026, बादाम के 29,465 बॉक्स और 624 बैग भट्ठाकुफर फल मंडी में पहुंचे हैं।
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वर्ष   बॉक्स
2021-22 2,50,297
2022-23 4,86,665
2023-24 87,014
2024-25 5,46,544
2025-26 3,70,549
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अच्छी गुणवत्ता वाली नहीं थी चेरी 
बीते साल के मुकाबले इस वर्ष भट्ठाकुफर फल मंडी में कम चेरी की फसल पहुंची है। गुणवत्ता भी अच्छी नहीं थी। बारिश की वजह से चेरी खराब हो गई थी। इस साल भट्ठाकुफर और पराला मंडी में 3,70,549 पेटी चेरी पहुंची है।- देवानंद वर्मा, चेयरमैन, एपीएमसी शिमला किन्नौर
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