{"_id":"68e90f0e0e4a2abc41057c69","slug":"rohit-thakur-said-bjp-should-not-adopt-double-standards-corporation-elections-postponed-for-a-year-in-2022-2025-10-10","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर बोले- दोहरे मापदंड न अपनाए भाजपा, 2022 में एक साल के लिए टले थे निगम चुनाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर बोले- दोहरे मापदंड न अपनाए भाजपा, 2022 में एक साल के लिए टले थे निगम चुनाव
Fri, 10 Oct 2025 07:21 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Fri, 10 Oct 2025 07:21 PM IST
सार
शुक्रवार को राज्य सचिवालय में पत्रकार वार्ता में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि भाजपा नेता दोहरे मापदंड न अपनाए। 2022 में एक साल के लिए निगम चुनाव टले थे।
विज्ञापन
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि भाजपा नेता दोहरे मापदंड न अपनाए। 2022 में एक साल के लिए निगम चुनाव टले थे। भाजपा शासित कई अन्य राज्यों में भी विभिन्न कारणों से चुनाव टाले गए थे। हिमाचल में कांग्रेस सरकार की आलोचना करते समय भाजपा को ऐसे संदर्भों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
विज्ञापन
शुक्रवार को राज्य सचिवालय में पत्रकार वार्ता में शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्थिति सामान्य होने पर पंचायत चुनाव करवाएं जाएंगे। नागरिकों की सुरक्षा प्रदेश सरकार की सर्वोपरि प्राथमिकता है। पंचायत चुनावों का स्थगन विशुद्ध रूप से प्रशासनिक है, जो अधिकारियों की वैध सिफारिशों पर आधारित है। राज्य हाल ही में प्राकृतिक आपदाओं से बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
विज्ञापन
रोहित ठाकुर ने कहा कि रचनात्मक विपक्ष की तरह कार्य करने की जगह भाजपा जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने और उनके कैबिनेट सहयोगियों ने राज्य की स्थिति से अवगत कराने के लिए कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की और प्रभावित परिवारों के लिए सहायता की अपील की। इन लगातार प्रयासों के बावजूद केंद्र ने आवश्यक समर्थन नही दिया। विपक्ष ने बार-बार इस प्रक्रिया में बाधा डाली। विपक्ष हिमाचल प्रदेश के अधिकारों का केंद्र में प्रतिनिधित्व करने में पूरी तरह विफल रहा है।
विज्ञापन
रोहित ठाकुर ने कहा कि भाजपा नेता निराधार आलोचना और राजनीतिक स्कोरिंग में लिप्त हैं, वहीं कांग्रेस सरकार लोगों के कल्याण और राज्य के पुनर्निर्माण के साथ-साथ शिक्षा में बदलाव और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। साक्षरता, स्कूल के बुनियादी ढांचे, सीखने के परिणामों और छात्र कल्याण में हुए ठोस सुधार सभी क्षेत्रों में दीर्घकालिक विकास, समानता और उत्कृष्टता पर सरकार के ध्यान को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।
शिक्षकों के लिए ट्रांसफर नीति बनाने के पक्ष में
रोहित ठाकुर ने कहा कि मैं व्यक्तिगत तौर पर शिक्षकों के लिए ट्रांसफर नीति बनाने का पक्षधर हूं। सरकार ने शैक्षणिक सत्र के बीच में तबादले बंद कर दिए हैं। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। सरकार ने कक्षा 1 से अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा शुरू की गई है। 100 स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया जा रहा है। हर विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ स्थापित किए जा रहे हैं। बीते ढाई वर्षों में 7,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। शिक्षकों को केवल शैक्षणिक सत्र के अंत में सेवानिवृत्त करने का निर्णय छात्रों की निर्बाध शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया था।
रोहित ठाकुर ने कहा कि मैं व्यक्तिगत तौर पर शिक्षकों के लिए ट्रांसफर नीति बनाने का पक्षधर हूं। सरकार ने शैक्षणिक सत्र के बीच में तबादले बंद कर दिए हैं। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। सरकार ने कक्षा 1 से अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा शुरू की गई है। 100 स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया जा रहा है। हर विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ स्थापित किए जा रहे हैं। बीते ढाई वर्षों में 7,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। शिक्षकों को केवल शैक्षणिक सत्र के अंत में सेवानिवृत्त करने का निर्णय छात्रों की निर्बाध शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया था।