Budget 2025: आयकर सीमा बढ़ने से चमकेगा कारोबार, सुरक्षा बीमा न मिलने से निराश, क्या बोले शिमला के कारोबारी
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के कारोबारी केंद्रीय बजट में आयकर सीमा बढ़ाने की घोषणा से खुश हैं। कारोबारियों के अनुसार आयकर सीमा बढ़ने से छोटे और मध्यम दुकानदारों को भी फायदा होगा। पढ़ें पूरी खबर...
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केंद्रीय बजट में आयकर सीमा बढ़ाने की घोषणा से राजधानी के कारोबारी खुश हैं। इनका कहना है कि आयकर सीमा बढ़ने से हजारों रुपये टैक्स की बचत होगी। महंगाई के दौर में लोगों की क्रय शक्ति बढ़ेगी। यह पैसा किसी न किसी रूप में बाजार में आएगा जिससे कारोबार बढ़ेगा। वहीं, कुछ कारोबारी बजट में सुरक्षा बीमा न मिलने से निराश भी हैं।
कारोबारियों के अनुसार आयकर सीमा बढ़ने से छोटे और मध्यम दुकानदारों को भी फायदा होगा। कर्मचारियों की तरह इन्हें भी अब पहले से कम आयकर देना होगा। इस तरह आयकर में होने वाली बचत से इनके कारोबार को लाभ मिलेगा। केंद्रीय बजट में इलेक्ट्रॉनिक्स समेत कई उत्पाद सस्ते भी हुए हैं जिससे खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है। दुकानदारों की बीमा या पेंशन को की उम्मीद पूरी नहीं हुई।
टैक्स बचत से बढ़ेगी खरीदारी
केंद्र सरकार ने आयकर सीमा बढ़ाकर करदाताओं को बड़ी राहत दी है। अब टैक्स की जो बचत होगी, वह बाजार में पहुंचेगी जिससे कारोबार बढ़ेगा। छोटे कारोबारियों को भी अब टैक्स से राहत मिलेगी। यह राहत भरा फैसला है- संजीव ठाकुर, अध्यक्ष्र, व्यापार मंडल, शिमला
कारोबारियों के लिए कोई घोषणा नहीं
केंद्रीय बजट में आयकर सीमा को लेकर ही एक राहत मिली है। इसके अलावा कारोबारियों के लिए केंद्र सरकार के बजट में कुछ नहीं मिला है। बीमा सुरक्षा का बजट में कोई जिक्र नहीं है। महंगाई कैसे कम होगी, इसके लिए भी कोई प्रावधान नहीं है - हरजीत मंगा, अध्यक्ष व्यापार मंडल, शिमला
हिमाचल प्रदेश विवि के वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर कुलभूषण चंदेल ने केंद्रीय बजट को विकसित भारत के मिशन को पूरा करने की दिशा में एक मील का पत्थर बताया है। उनके अनुसार बजट में विकास को गति देने वाले मुख्य घटकों कृषि, एमएसएमई, एफडीआई, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग को ध्यान में रखकर एक साल के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। बजट का मुख्य केंद्र गरीबों, युवाओं, किसानों, महिलाओं, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्योग को बनाया गया है। सरकार ने अपने विकसित भारत मिशन को पूरा करने के लिए आने वाले वर्षों के लिए अपना एजेंडा तय कर कदम उठाने की बात की है। आयकर विधेयक से उम्मीद है कि इसमें टैक्स में रियायतें देकर आम जनता को महंगाई से राहत और मांग को बढ़ाने के लिए आम आदमी के हाथ में खर्च करने को पैसा उपलब्ध करवाने के लिए अहम कदम लिए जा सकते हैं।