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Rampur Bushahar News: सीमा कॉलेज में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत
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प्राचार्य डॉ. प्रेम प्रकाश चौहान ने विद्यार्थियों को दिए टिप्स
संवाद न्यूज़ एजेंसी
रोहड़ू। राजा वीरभद्र सिंह राजकीय महाविद्यालय सीमा में वीरवार को नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए प्राचार्य संबोधन एवं अभिविन्यास (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन, सुविधाओं और विभिन्न सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से परिचित कराना रहा।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रेम प्रकाश चौहान ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय जीवन व्यक्तित्व निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित कक्षाओं में उपस्थिति सुनिश्चित करने, समय का सदुपयोग करने तथा पुस्तकालय सहित शैक्षणिक संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, एनएसएस, एनसीसी, स्काउट एंड गाइड सहित अन्य रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी पर भी जोर दिया। प्राचार्य ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में निरंतर अध्ययन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और कठिन परिश्रम ही सफलता की कुंजी हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया और डिजिटल तकनीक का उपयोग केवल ज्ञानवर्धन और रचनात्मक कार्यों के लिए करने की सलाह दी। कार्यक्रम की शुरुआत डीन छात्र कल्याण डॉ. अनिल चौहान के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने महाविद्यालय के इतिहास, शैक्षणिक उपलब्धियों, विभिन्न संकायों, छात्रवृत्ति योजनाओं, एनएसएस, एनसीसी, रोवर-रेंजर, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और छात्र कल्याण योजनाओं की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से उपलब्ध अवसरों का भरपूर लाभ उठाने का आग्रह किया। अंत में डीन ऑफ स्टडीज डॉ. रवि किरण शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए नवप्रवेशी विद्यार्थियों से अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ महाविद्यालय की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक, गैर-शिक्षण कर्मचारी और बड़ी संख्या में नवप्रवेशी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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रोहड़ू। राजा वीरभद्र सिंह राजकीय महाविद्यालय सीमा में वीरवार को नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए प्राचार्य संबोधन एवं अभिविन्यास (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन, सुविधाओं और विभिन्न सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से परिचित कराना रहा।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रेम प्रकाश चौहान ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय जीवन व्यक्तित्व निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित कक्षाओं में उपस्थिति सुनिश्चित करने, समय का सदुपयोग करने तथा पुस्तकालय सहित शैक्षणिक संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, एनएसएस, एनसीसी, स्काउट एंड गाइड सहित अन्य रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी पर भी जोर दिया। प्राचार्य ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में निरंतर अध्ययन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और कठिन परिश्रम ही सफलता की कुंजी हैं।
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उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया और डिजिटल तकनीक का उपयोग केवल ज्ञानवर्धन और रचनात्मक कार्यों के लिए करने की सलाह दी। कार्यक्रम की शुरुआत डीन छात्र कल्याण डॉ. अनिल चौहान के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने महाविद्यालय के इतिहास, शैक्षणिक उपलब्धियों, विभिन्न संकायों, छात्रवृत्ति योजनाओं, एनएसएस, एनसीसी, रोवर-रेंजर, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और छात्र कल्याण योजनाओं की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से उपलब्ध अवसरों का भरपूर लाभ उठाने का आग्रह किया। अंत में डीन ऑफ स्टडीज डॉ. रवि किरण शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए नवप्रवेशी विद्यार्थियों से अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ महाविद्यालय की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक, गैर-शिक्षण कर्मचारी और बड़ी संख्या में नवप्रवेशी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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