{"_id":"6ae4807a8055ffaaab0526db","slug":"weather-news-rampur-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1033-173709-2026-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: बर्फबारी से शीतलहर की चपेट में चौपाल और कुपवी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: बर्फबारी से शीतलहर की चपेट में चौपाल और कुपवी
विज्ञापन
तापमान में गिरावट से बढ़ी ठिठुरन, ग्रामीणों ने सर्दियों के लिए चारे और ईंधन का भंडारण शुरू किया
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। चौपाल और कुपवी उपमंडल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम के करवट बदलते ही ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। वीरवार सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश और ठंडी हवाओं के कारण क्षेत्र शीतलहर की चपेट में है।
अचानक बढ़ी ठंड का असर जनजीवन पर भी पड़ने लगा है। सुबह और शाम के समय कड़ाके की ठंड के चलते बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम हो गई है। ठंड से बचने के लिए लोगों ने गर्म कपड़ों के साथ ब्लोअर, हीटर और पारंपरिक अंगीठियों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। लोग जरूरी कामकाज निपटाने के लिए दोपहर के समय घरों से बाहर निकल रहे हैं।
आने वाले दिनों में ठंड और बर्फबारी बढ़ने की आशंका के चलते ग्रामीणों ने सर्दियों की तैयारियां तेज कर दी हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के दौरान पशुओं के लिए चारे की कमी न हो, इसके लिए घासनियों से सूखी घास एकत्र कर घरों के समीप सुरक्षित स्थानों पर रखी जा रही है। सूखी लकड़ियों का भी भंडारण किया जा रहा है, ताकि सर्दियों में चूल्हा जलाने और ठंड से बचाव के लिए ईंधन की कमी न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। चौपाल और कुपवी उपमंडल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम के करवट बदलते ही ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। वीरवार सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश और ठंडी हवाओं के कारण क्षेत्र शीतलहर की चपेट में है।
अचानक बढ़ी ठंड का असर जनजीवन पर भी पड़ने लगा है। सुबह और शाम के समय कड़ाके की ठंड के चलते बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम हो गई है। ठंड से बचने के लिए लोगों ने गर्म कपड़ों के साथ ब्लोअर, हीटर और पारंपरिक अंगीठियों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। लोग जरूरी कामकाज निपटाने के लिए दोपहर के समय घरों से बाहर निकल रहे हैं।
विज्ञापन
आने वाले दिनों में ठंड और बर्फबारी बढ़ने की आशंका के चलते ग्रामीणों ने सर्दियों की तैयारियां तेज कर दी हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के दौरान पशुओं के लिए चारे की कमी न हो, इसके लिए घासनियों से सूखी घास एकत्र कर घरों के समीप सुरक्षित स्थानों पर रखी जा रही है। सूखी लकड़ियों का भी भंडारण किया जा रहा है, ताकि सर्दियों में चूल्हा जलाने और ठंड से बचाव के लिए ईंधन की कमी न हो।
विज्ञापन