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Rampur Bushahar News: ठियोग में आग की घटनाएं रोकने के लिए वार्ड स्तरीय समितियों का गठन
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आग लगने की संभावनाओं को रोकने और वन संपदा को बचाने का कार्य करेंगी समितियां
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। उपमंडल ठियोग में खेतों, बगीचों और कृषि भूमि में झाड़ियां, टहनियां और घास जलाने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान हुआ है। इन घटनाओं को रोकने के लिए उपमंडलीय प्रशासन ने वार्ड स्तरीय समितियों का गठन किया है। इन समितियों के गठन के निर्देश एसडीएम शशांक गुप्ता ने दिए हैं। एसडीएम शशांक गुप्ता ने बताया कि इन समितियों के गठन का उद्देश्य आग लगने की संभावनाओं को रोकना, वन संपदा, कृषि भूमि और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इन समितियों में संबंधित पंचायत के प्रधान, उप प्रधान, वार्ड सदस्य, थाना प्रभारी, बागवानी और कृषि विभाग के विषय विशेषज्ञ, पटवारी हल्का, वन रक्षक और पंचायत सचिवों को शामिल किया गया है। ये समितियां अपने-अपने क्षेत्रों में खेत-बगीचों में आग की घटनाओं पर निगरानी रखेंगी। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि उपमंडल के किसी भी क्षेत्र में बगीचों, खेतों, चरागाह और वनों में आग न लगाई जाए। यदि किसी किसान या बागवान की ओर से आग लगाने का मामला सामने आता है, तो संबंधित समिति तत्काल अधिकारी को सूचित करेगी, ताकि नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके। आम जनता को जागरूक करने के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई है। इसके माध्यम से किसानों, बागवानों और नागरिकों से अपील की गई है कि वे खेतों, बगीचों और वनों के समीप किसी भी प्रकार की झाड़ियां, टहनियां और घास न जलाएं। समितियां इस एडवाइजरी का अपने क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करेंगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। उपमंडल ठियोग में खेतों, बगीचों और कृषि भूमि में झाड़ियां, टहनियां और घास जलाने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान हुआ है। इन घटनाओं को रोकने के लिए उपमंडलीय प्रशासन ने वार्ड स्तरीय समितियों का गठन किया है। इन समितियों के गठन के निर्देश एसडीएम शशांक गुप्ता ने दिए हैं। एसडीएम शशांक गुप्ता ने बताया कि इन समितियों के गठन का उद्देश्य आग लगने की संभावनाओं को रोकना, वन संपदा, कृषि भूमि और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इन समितियों में संबंधित पंचायत के प्रधान, उप प्रधान, वार्ड सदस्य, थाना प्रभारी, बागवानी और कृषि विभाग के विषय विशेषज्ञ, पटवारी हल्का, वन रक्षक और पंचायत सचिवों को शामिल किया गया है। ये समितियां अपने-अपने क्षेत्रों में खेत-बगीचों में आग की घटनाओं पर निगरानी रखेंगी। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि उपमंडल के किसी भी क्षेत्र में बगीचों, खेतों, चरागाह और वनों में आग न लगाई जाए। यदि किसी किसान या बागवान की ओर से आग लगाने का मामला सामने आता है, तो संबंधित समिति तत्काल अधिकारी को सूचित करेगी, ताकि नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके। आम जनता को जागरूक करने के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई है। इसके माध्यम से किसानों, बागवानों और नागरिकों से अपील की गई है कि वे खेतों, बगीचों और वनों के समीप किसी भी प्रकार की झाड़ियां, टहनियां और घास न जलाएं। समितियां इस एडवाइजरी का अपने क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करेंगी।