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Rampur Bushahar News: करसोग अस्पताल में पहली बार मरीज की बदली ट्रैकियोस्टॉमी ट्यूब
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स्वास्थ्य कर्मियों की टीम मरीज की लगातार कर रही निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
करसोग (मंडी)। नागरिक चिकित्सालय करसोग में सोमवार को एक मरीज की ट्रैकियोस्टॉमी ट्यूब पहली बार सफलतापूर्वक बदली गई। यह ट्यूब वेंटिलेटर को सीधे फेफड़ों से जोड़ती है और संक्रमण व अन्य जटिलताओं से बचाव के लिए इसे लगभग हर 21 दिन में बदलना आवश्यक होता है। यह प्रक्रिया विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ की टीम की ओर से सफलतापूर्वक संपन्न की गई। ट्यूब का मुख्य उद्देश्य मरीज को मुंह और नाक के जरिये सांस लेने में दिक्कत होने पर सीधे फेफड़ों तक हवा और ऑक्सीजन पहुंचाना है। इस टीम में डॉ. कृतिका, डॉ. संदीप, डॉ. ओम प्रकाश, ओटीए उपासना, स्टाफ नर्स रोशनी, स्टाफ नर्स अनीता तथा वार्ड सिस्टर कौशल्या शामिल रहीं। पूरी प्रक्रिया खंड चिकित्सा अधिकारी करसोग डॉ. गोपाल चौहान की देखरेख में संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि मरीज को नागरिक चिकित्सालय करसोग में भर्ती हुए 18 दिन हो चुके हैं और उसकी स्थिति वर्तमान में स्थिर बनी हुई है। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की टीम मरीज की लगातार निगरानी कर रही है और उसका उपचार सुचारु रूप से जारी है। यह मरीज लंबे समय तक उच्च चिकित्सा संस्थान में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रहने के बाद नागरिक चिकित्सालय करसोग में स्थानांतरित किया गया था। अस्पताल में ट्रैकियोस्टॉमी ट्यूब का सफल परिवर्तन और मरीज की स्थिर स्थिति से परिजनों एवं क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करसोग (मंडी)। नागरिक चिकित्सालय करसोग में सोमवार को एक मरीज की ट्रैकियोस्टॉमी ट्यूब पहली बार सफलतापूर्वक बदली गई। यह ट्यूब वेंटिलेटर को सीधे फेफड़ों से जोड़ती है और संक्रमण व अन्य जटिलताओं से बचाव के लिए इसे लगभग हर 21 दिन में बदलना आवश्यक होता है। यह प्रक्रिया विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ की टीम की ओर से सफलतापूर्वक संपन्न की गई। ट्यूब का मुख्य उद्देश्य मरीज को मुंह और नाक के जरिये सांस लेने में दिक्कत होने पर सीधे फेफड़ों तक हवा और ऑक्सीजन पहुंचाना है। इस टीम में डॉ. कृतिका, डॉ. संदीप, डॉ. ओम प्रकाश, ओटीए उपासना, स्टाफ नर्स रोशनी, स्टाफ नर्स अनीता तथा वार्ड सिस्टर कौशल्या शामिल रहीं। पूरी प्रक्रिया खंड चिकित्सा अधिकारी करसोग डॉ. गोपाल चौहान की देखरेख में संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि मरीज को नागरिक चिकित्सालय करसोग में भर्ती हुए 18 दिन हो चुके हैं और उसकी स्थिति वर्तमान में स्थिर बनी हुई है। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की टीम मरीज की लगातार निगरानी कर रही है और उसका उपचार सुचारु रूप से जारी है। यह मरीज लंबे समय तक उच्च चिकित्सा संस्थान में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रहने के बाद नागरिक चिकित्सालय करसोग में स्थानांतरित किया गया था। अस्पताल में ट्रैकियोस्टॉमी ट्यूब का सफल परिवर्तन और मरीज की स्थिर स्थिति से परिजनों एवं क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है।