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Rampur Bushahar News: पशुओं की गणना का कार्य पंचायत सचिवों को देने का किया विरोध
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कहा - पशु जनगणना का कार्य पशु पालन विभाग से संबंधित
चौपाल (रोहड़ू)। हिमाचल प्रदेश सरकार की अधिसूचना अनुसार प्रत्येक पंचायतों में ऑनलाइन पशु गणना का कार्य पंचायत सचिवों को सौंपा जा रहा है। हिमाचल प्रदेश सरकार के इस फैसले का पंचायत सचिव संगठन ने विरोध किया है। पंचायत सचिव संगठन का कहना है कि पशु जनगणना का कार्य पशु पालन विभाग से संबंधित है। पंचायत सचिव संघ के राज्य सह प्रवक्ता नरेंद्र पांटा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश की लगभग सभी पंचायतों में पशु औषधालय खुले हैं। हर औषधालय में कर्मचारी तैनात हैं, जबकि पंचायत सचिव पहले से दो से तीन पंचायतों का जिम्मा संभाले हुए हैं और अपने विभाग के कार्यों में ही इतने व्यस्त हैं कि उन्हें अपने परिवार के लिए तक समय नहीं मिल पाता है। नरेंद्र पांटा ने बताया कि पंचायत सचिवों के पास पीएमएवाई, एमएमएवाई, मनरेगा, एसबीएम, 15 एफसी, प्लानिंग से संबंधित बहुत सी योजनाओं के अलावा ग्राम पंचायत स्तर के सभी कार्यालय से संबंधित कार्य शामिल हैं। इसलिए पंचायत सचिव संगठन हिमाचल प्रदेश पंचायती राज, ग्रामीण विकास विभाग और प्रदेश सरकार से आग्रह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशु गणना और उसे ऑनलाइन अपलोड करने का कार्य पशु पालन विभाग को ही दें।
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चौपाल (रोहड़ू)। हिमाचल प्रदेश सरकार की अधिसूचना अनुसार प्रत्येक पंचायतों में ऑनलाइन पशु गणना का कार्य पंचायत सचिवों को सौंपा जा रहा है। हिमाचल प्रदेश सरकार के इस फैसले का पंचायत सचिव संगठन ने विरोध किया है। पंचायत सचिव संगठन का कहना है कि पशु जनगणना का कार्य पशु पालन विभाग से संबंधित है। पंचायत सचिव संघ के राज्य सह प्रवक्ता नरेंद्र पांटा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश की लगभग सभी पंचायतों में पशु औषधालय खुले हैं। हर औषधालय में कर्मचारी तैनात हैं, जबकि पंचायत सचिव पहले से दो से तीन पंचायतों का जिम्मा संभाले हुए हैं और अपने विभाग के कार्यों में ही इतने व्यस्त हैं कि उन्हें अपने परिवार के लिए तक समय नहीं मिल पाता है। नरेंद्र पांटा ने बताया कि पंचायत सचिवों के पास पीएमएवाई, एमएमएवाई, मनरेगा, एसबीएम, 15 एफसी, प्लानिंग से संबंधित बहुत सी योजनाओं के अलावा ग्राम पंचायत स्तर के सभी कार्यालय से संबंधित कार्य शामिल हैं। इसलिए पंचायत सचिव संगठन हिमाचल प्रदेश पंचायती राज, ग्रामीण विकास विभाग और प्रदेश सरकार से आग्रह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशु गणना और उसे ऑनलाइन अपलोड करने का कार्य पशु पालन विभाग को ही दें।