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सरकार गुठलीदार फलों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध : जगत सिंह नेगी

Thu, 06 Nov 2025 11:56 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 06 Nov 2025 11:56 PM IST
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The state's first National Stone Fruit Conference was organised in Thanadhar.
थानाधार में आयोजित राष्ट्रीय गुठलीदार फल सम्मेलन में मौजूद प्रतिभागी। स्रोत : डीपीआरओ
थानाधार में प्रदेश का पहला राष्ट्रीय गुठलीदार फल सम्मेलन हुआ आयोजित
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बागवानों से उच्च गुणवत्ता वाले फलों के उत्पादन का किया आह्वान
संवाद न्यूज एजेंसी
कुमारसैन(रामपुर बुशहर)। उपमंडल कुमारसैन के थानाधार में प्रदेश का पहला राष्ट्रीय गुठलीदार फल सम्मेलन आयोजित हुआ। इसका आयोजन गुठलीदार फल उत्पादक संघ, बागवानी विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। सम्मेलन में नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों, फल उत्पादकों और बागवानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सेब के साथ अन्य गुठलीदार फलों की वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देकर राज्य की बागवानी अर्थव्यवस्था को समृद्ध बनाया जाए। राज्य सरकार गुठलीदार फलों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक नीति समर्थन, प्रशिक्षण, अनुसंधान और विपणन ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बागवानों से हाई डेंसिटी प्लांटेशन प्रणाली को अपनाने का आह्वान किया ताकि कम क्षेत्र में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड जैसे देश सीमित भूमि पर उच्च गुणवत्ता का सर्वाधिक उत्पादन कर रहे हैं। हिमाचल में भी हमें इसी दिशा में कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती उच्च गुणवत्ता वाले पौधरोपण सामग्री (प्लांट मटेरियल) की उपलब्धता है। जब तक हम अपने राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण पौधे तैयार नहीं करेंगे, तब तक हाई डेंसिटी तकनीक का पूर्ण लाभ नहीं मिल सकेगा। प्रदेश सरकार ने हाल ही में इटली की एक कंपनी के साथ एमओयू किया है। इसके तहत शीघ्र ही 50 हजार हाई डेंसिटी पौधे तैयार किए जाएंगे ताकि गुणवत्तापूर्ण पौधों की कमी को दूर किया जा सके। उन्होंने बागवानी विभाग को समय-समय पर ऐसे सम्मेलन आयोजित कर बागवानों और किसानों को हाई डेंसिटी तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाले फलों के बारे में जानकारी प्रदान करें। सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों ने गुठलीदार फलों की खेती की आधुनिक तकनीकों, जलवायु अनुकूल प्रजातियों के चयन, फलों में होने वाले रोगों की रोकथाम, कटाई के बाद प्रबंधन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन रणनीतियों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया। वहीं बागवानी विभाग और विभिन्न कंपनियों ने इस दौरान प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए, जिनमें गुठलीदार फलों की विभिन्न उन्नत किस्मों की जानकारी और तकनीकी नवाचारों का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल, निदेशक बागवानी विभाग विनय सिंह, सचिव सी पॉलरासु, पूर्व विधायक राकेश सिंघा, संजय मेहता, विजय स्टोक्स, दीपक सिंघा, दिनेश ठाकुर, नीना चौहान सहित अन्य मौजूद रहे।

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ऐसे सम्मेलन बागवानी क्षेत्र के समग्र विकास में होंगे अत्यंत उपयोगी : राठौर
विशिष्ट अतिथि कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन बागवानी क्षेत्र के समग्र विकास में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे। क्योंकि यह किसानों, वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं को एक साझा मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि वे बागवानों के बगीचे में जाकर व्यावहारिक परीक्षण एवं सुझाव दें।

थानाधार में आयोजित राष्ट्रीय गुठलीदार फल सम्मेलन में मौजूद प्रतिभागी। स्रोत : डीपीआरओ

थानाधार में आयोजित राष्ट्रीय गुठलीदार फल सम्मेलन में मौजूद प्रतिभागी। स्रोत : डीपीआरओ

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