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Rampur Bushahar News: नोगवैली में टरू नारायण देवता के मंदिर की हुई प्राण प्रतिष्ठा
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नोग वैली स्थित देवता टरू नारायण मंदिर की कलश स्थापना करते मंदिर कमेटी के सदस्य। संवाद
आराध्य देवता दमुख डंसा के सानिध्य में निभाई कलश स्थापना की रस्म
. दशोटी क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने लिया धार्मिक अनुष्ठान में भाग
. पूर्णाहुति के साथ एक दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का हुआ समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)।
नोगवैली में बीते दिसंबर को आग से क्षतिग्रस्त हुए देवता टरू नारायण का नवनिर्मित मंदिर बनकर तैयार हो गया है। वीरवार को देव परंपराओं के साथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। क्षेत्र के आराध्य देवता साहिब दमुख की उपस्थिति में यह धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में दशोटी क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। नोगवैली में साढ़े सात हजार की फीट की ऊंचाई पर बाहली में स्थित देवता टरू नारायण के मंदिर का करीब तीन लाख रुपये की लागत से नवनिर्माण किया गया है। वीरवार को टरू नारायण मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ दोपहर को संपन्न हुई। इससे पहले बुधवार को देवता साहिब की उपस्थिति में बेर शांति की विधिवत स्थापना की गई थी। वाद्ययंत्रों की ध्वनियों पर वीरवार पूर्वाह्न 11 बजे मंदिर में धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया गया। देवता के गूर और कार-कारिंदों ने देव परंपरा की रस्म निभाई। मंदिर की शिखा पर पंडितों के मंत्रोच्चारण के साथ कलश की स्थापना की गई। इसके बाद कार्यक्रम को धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए पूर्णाहुति दी गई। प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में शामिल श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण करवाने के बाद सैकड़ों लोगों ने भंडारे का प्रसाद चखा और देवता से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। बीते वर्ष दिसंबर में जंगल में भड़की आग की चपेट में देवता टरू नारायण का मंदिर आ गया था, जिससे मंदिर को काफी क्षति पहुंची थी। इसके बाद परशुराम मंदिर समिति ने मंदिर का नवनिर्माण किया। तीन माह के भीतर मंदिर समिति ने मंदिर का नवनिर्माण किया। वीरवार को देव विदाई के साथ यह धार्मिक कार्यक्रम समाप्त हुआ। परशुराम मंदिर समिति प्रधान खेलचंद नेगी, उपप्रधान गौरीदत्त नेगी, महासचिव जीएल डमालू और कोषाध्यक्ष दुर्गादत्त शर्मा ने बताया कि मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने उपस्थिति दर्ज करवाई। उन्होंने इस धार्मिक अनुष्ठान को सफलतापूर्वक संपन्न करवाने के लिए मंदिर के कार-कारिंदों और ग्रामीणों का आभार जताया।
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. दशोटी क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने लिया धार्मिक अनुष्ठान में भाग
. पूर्णाहुति के साथ एक दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का हुआ समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)।
नोगवैली में बीते दिसंबर को आग से क्षतिग्रस्त हुए देवता टरू नारायण का नवनिर्मित मंदिर बनकर तैयार हो गया है। वीरवार को देव परंपराओं के साथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। क्षेत्र के आराध्य देवता साहिब दमुख की उपस्थिति में यह धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में दशोटी क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। नोगवैली में साढ़े सात हजार की फीट की ऊंचाई पर बाहली में स्थित देवता टरू नारायण के मंदिर का करीब तीन लाख रुपये की लागत से नवनिर्माण किया गया है। वीरवार को टरू नारायण मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ दोपहर को संपन्न हुई। इससे पहले बुधवार को देवता साहिब की उपस्थिति में बेर शांति की विधिवत स्थापना की गई थी। वाद्ययंत्रों की ध्वनियों पर वीरवार पूर्वाह्न 11 बजे मंदिर में धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया गया। देवता के गूर और कार-कारिंदों ने देव परंपरा की रस्म निभाई। मंदिर की शिखा पर पंडितों के मंत्रोच्चारण के साथ कलश की स्थापना की गई। इसके बाद कार्यक्रम को धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए पूर्णाहुति दी गई। प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में शामिल श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण करवाने के बाद सैकड़ों लोगों ने भंडारे का प्रसाद चखा और देवता से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। बीते वर्ष दिसंबर में जंगल में भड़की आग की चपेट में देवता टरू नारायण का मंदिर आ गया था, जिससे मंदिर को काफी क्षति पहुंची थी। इसके बाद परशुराम मंदिर समिति ने मंदिर का नवनिर्माण किया। तीन माह के भीतर मंदिर समिति ने मंदिर का नवनिर्माण किया। वीरवार को देव विदाई के साथ यह धार्मिक कार्यक्रम समाप्त हुआ। परशुराम मंदिर समिति प्रधान खेलचंद नेगी, उपप्रधान गौरीदत्त नेगी, महासचिव जीएल डमालू और कोषाध्यक्ष दुर्गादत्त शर्मा ने बताया कि मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने उपस्थिति दर्ज करवाई। उन्होंने इस धार्मिक अनुष्ठान को सफलतापूर्वक संपन्न करवाने के लिए मंदिर के कार-कारिंदों और ग्रामीणों का आभार जताया।