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Rampur Bushahar News: बच्चों ने अपने दादा-दादी का जीता दिल
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स्प्रिंगडेल स्कूल खनेरी में प्री प्राइमरी विंग के छात्रों ने ''ग्रैंड पेरेंट्स डे'' मनाया
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। स्प्रिंगडेल स्कूल खनेरी में प्री प्राइमरी विंग (जेकेजी और एसकेजी) के छात्रों ने ''ग्रैंड पेरेंट्स डे'' मनाया। कार्यक्रम में प्री-प्राइमरी, जेकेजी और एसकेजी के छात्रों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों ने गीतों, कविताओं और नृत्यों के माध्यम से अपने दादा-दादी के प्रति प्रेम व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य मनीष आनंद ने सभी बुजुर्ग अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि दादा-दादी और नाना-नानी परिवार की वह नींव हैं, जिस पर संस्कारों की इमारत खड़ी होती है। बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास में उनका योगदान अमूल्य है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को अपने बुजुर्गों के साथ समय बिताने के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम में नवचेतना समिति के अध्यक्ष एचके आनंद और रमा आनंद, उप-प्रधानाचार्य आशा सॉफ्टा और मीनाक्षी कौल विशेष रूप से उपस्थित रहीं। आयोजन को सफल बनाने में स्कूल के मुख्य समन्वयक चिंतामणि देष्टा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंत में दादा-दादी और नाना-नानी के लिए कुछ मनोरंजक खेल भी आयोजित किए गए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। स्प्रिंगडेल स्कूल खनेरी में प्री प्राइमरी विंग (जेकेजी और एसकेजी) के छात्रों ने ''ग्रैंड पेरेंट्स डे'' मनाया। कार्यक्रम में प्री-प्राइमरी, जेकेजी और एसकेजी के छात्रों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों ने गीतों, कविताओं और नृत्यों के माध्यम से अपने दादा-दादी के प्रति प्रेम व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य मनीष आनंद ने सभी बुजुर्ग अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि दादा-दादी और नाना-नानी परिवार की वह नींव हैं, जिस पर संस्कारों की इमारत खड़ी होती है। बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास में उनका योगदान अमूल्य है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को अपने बुजुर्गों के साथ समय बिताने के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम में नवचेतना समिति के अध्यक्ष एचके आनंद और रमा आनंद, उप-प्रधानाचार्य आशा सॉफ्टा और मीनाक्षी कौल विशेष रूप से उपस्थित रहीं। आयोजन को सफल बनाने में स्कूल के मुख्य समन्वयक चिंतामणि देष्टा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंत में दादा-दादी और नाना-नानी के लिए कुछ मनोरंजक खेल भी आयोजित किए गए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।