फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Shrimad Bhagwat Katha in Theog

जीवन में मित्रता से बड़ा नहीं कोई धर्म : राकेश शास्त्री

Mon, 02 Jun 2025 11:35 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 02 Jun 2025 11:35 PM IST
विज्ञापन
Shrimad Bhagwat Katha in Theog
ठियोग में श्रीमद भागवत कथा का आनंद लेते श्रद्धालु। संवाद
ठियोग में श्रीमद् भागवत कथा, भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का किया उल्लेख
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। शाली बाजार के लक्ष्मी नारायण मंदिर में श्रीजी महिला समूह और सनातन धर्म सभा की ओर से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन चल रहा है। सातवें दिन कथा व्यास राकेश शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जीवन में मित्रता से बड़ा कोई धर्म नहीं है। उन्होंने श्रद्धालुओं को अपने जीवन में सादगी और प्रेम का भाव जागृत करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि किस तरह राजा होने के बावजूद श्रीकृष्ण ने अपने बचपन के दोस्त सुदामा को महल आने पर अपने से ऊंचा स्थान देकर दोस्ती के रिश्ते को मान दिया। हमें श्री कृष्ण के जीवन से जुड़ी बातों से प्रेरणा लेने का मौका कभी गंवाना नहीं चाहिए। उन्होंने श्रीकृष्ण के प्रेम और कोमल व्यक्तित्व के विपरीत योद्धा के रूप का चित्रण किया। उन्होंने बताया कि किस तरह कंस का वध करने के लिए एक योद्धा के रूप में भगवान कृष्ण ने अपने भक्तों का कल्याण किया था। मंगलवार को कथा की समाप्ति होगी। सोमवार को बाबा बालक नाथ सेवा दल की ओर से श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। आसपास की पंचायतों और कस्बे के करीब 1500 श्रद्धालुओं ने कथा का आनंद लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed