फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   SFI Rampur Unit Conference Concludes

Rampur Bushahar News: विक्रांत एसएफआई इकाई अध्यक्ष और मृदुल बने सचिव

Tue, 22 Sep 2026 11:02 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Sep 2026 11:02 PM IST
विज्ञापन
एसएफआई रामपुर इकाई का सम्मेलन संपन्न
विज्ञापन

शिक्षा और छात्र अधिकारों के सवालों पर संघर्ष तेज करने का लिया संकल्प
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
एसएफआई रामपुर इकाई के 38वें इकाई सम्मेलन का मंगलवार को रामपुर महाविद्यालय में आयोजन हुआ। सम्मेलन का शुभारंभ एसएफआई जिला अध्यक्ष विवेक नेहरा ने किया। सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और हिमाचल प्रदेश की वर्तमान परिस्थितियों पर चर्चा की। इस दौरान नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। विक्रांत को अध्यक्ष का पद सौंपा गया। मृदुल सचिव, चमन, डिंपल, हर्षिता और पीयूष को उपाध्यक्ष बनाया गया। इनके अलावा प्रवीण, अंकिता, कृतिका को सहसचिव, मोनिका को सहसचिव और राहुल विद्यार्थी को सचिवालय मंडल सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई। साथ ही प्रियंका, सूर्यांश, जितेन, चिराग, सुजल, मनीषा, सोनाली, रोहित, नेहा, गुनगुन और मोहित को कार्यकारिणी सदस्य चुना गया। नई कार्यकारिणी ने सम्मेलन में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों और छात्रों का धन्यवाद किया। विक्रांत ने कहा कि आने वाले समय में छात्र मांगों को लेकर संघर्ष को तेज किया जाएगा। सम्मेलन में इकाई सचिव राहुल विद्यार्थी ने वार्षिक, राजनीतिक और संगठनात्मक रिपोर्ट सम्मेलन के समक्ष प्रस्तुत की। रिपोर्ट पर प्रतिनिधियों ने चर्चा की और आगामी कार्यों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए। सम्मेलन में एसएफआई रामपुर इकाई ने एमएससी फिजिक्स में प्रवेश बहाल करने, कंप्यूटर साइंस में प्रवेश बहाल करने, बंद पड़े बस रूटों को बहाल करने और बसों को निर्धारित समय पर चलाने की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया। सम्मेलन ने शिक्षा और छात्र अधिकारों के सवालों को लेकर संगठित संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। विवेक नेहरा ने कहा कि देश के विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन सभी को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध नहीं हो रही है। सरकारी शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की कमी, आधारभूत सुविधाओं का अभाव और बढ़ती फीस विद्यार्थियों के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। निजी विद्यालयों, महाविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों के बढ़ते विस्तार के कारण शिक्षा महंगी होती जा रही है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के संबंध में एसएफआई ने शिक्षा के निजीकरण और व्यापारीकरण को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। रोजगार, हिमाचल प्रदेश के आर्थिक और शैक्षणिक चुनौतियों, विद्यार्थियों के अधिकार बारे सभी ने अपने विचार रखे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article