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Rampur Bushahar News: बूढ़ा महादेव मंदिर में धूमधाम से मनाया बैसाख का साजा
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आउटर सराज के मंदिरों में बैसाख के साजे की धूम, लगा भक्तों का तांता, लोगों ने मंदिर और घर बुरांश के फूलों से सजाए
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)। आउटर सराज में बैसाख का साजा धूमधाम से मनाया गया। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालु जुटने शुरू हुए और दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा। इस दौरान ग्रामीणों ने बुरांश के फूलों से घरों और मंदिरों को सजाया। गौर हो कि आउटर सराज में बैसाख माह का बहुत महत्व है। हिंदू नववर्ष भी इसी महीने शुरू होता है। बूढ़ा महादेव के मंदिर, भुवनेश्वरी माता मंदिर चेबड़ी, कुई कंडा नाग मंदिर तांदी, भुवनेश्वरी मंदिर दुराह में भी इस मौके पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसमें नित्थर क्षेत्र के हर गांव के ग्रामीण अपने ईष्ट देव के दर्शनों के लिए पहुंचे। नित्थर के हर मंदिर में लोगों में देवी-देवताओं के प्रति खासी आस्था देखनी को मिलती है। क्षेत्र के लोग बैसाख के साजे से पूर्व घरों की लिपाई-पुताई के बाद खूब सजाते हैं। बूढ़ा महादेव मंदिर के पुजारी सदानंद और मंदिर कमेटी के कारदार ताबे राम ठाकुर ने कहा कि बैसाख का साजा आउटर सराज के हर मंदिर में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस मौसम में नए फल फूलों से आउटर सराज की घाटी गुलजार होती है। नित्थर क्षेत्र में दो मेले इस महीने में मनाए जाते हैं। इसमें 8 बैसाख का धनाह के रखाऊ नाग मंदिर में सजने वाला मेला और 18 बैसाख को चेबड़ी के भुवनेश्वरी माता मंदिर के प्रांगण में सजने वाला मेला शामिल है। इन दोनों मेलों की आउटर सराज में बड़ा महत्व है। सदियों पहले जब दूरसंचार के माध्यम नहीं थे। परिवहन के साधन कम थे तो ये मेले अपने सगे संबंधियों से मिलने के माध्यम हुआ करते थे। आज भी पारंपरिक तरीके से ये मेले धूमधाम से मनाए जाते हैं। इसमें स्वांग नृत्य से लेकर नाटी का आयोजन किया जाता है, जो की पहाड़ी संस्कृति को दर्शाता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)। आउटर सराज में बैसाख का साजा धूमधाम से मनाया गया। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालु जुटने शुरू हुए और दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा। इस दौरान ग्रामीणों ने बुरांश के फूलों से घरों और मंदिरों को सजाया। गौर हो कि आउटर सराज में बैसाख माह का बहुत महत्व है। हिंदू नववर्ष भी इसी महीने शुरू होता है। बूढ़ा महादेव के मंदिर, भुवनेश्वरी माता मंदिर चेबड़ी, कुई कंडा नाग मंदिर तांदी, भुवनेश्वरी मंदिर दुराह में भी इस मौके पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसमें नित्थर क्षेत्र के हर गांव के ग्रामीण अपने ईष्ट देव के दर्शनों के लिए पहुंचे। नित्थर के हर मंदिर में लोगों में देवी-देवताओं के प्रति खासी आस्था देखनी को मिलती है। क्षेत्र के लोग बैसाख के साजे से पूर्व घरों की लिपाई-पुताई के बाद खूब सजाते हैं। बूढ़ा महादेव मंदिर के पुजारी सदानंद और मंदिर कमेटी के कारदार ताबे राम ठाकुर ने कहा कि बैसाख का साजा आउटर सराज के हर मंदिर में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस मौसम में नए फल फूलों से आउटर सराज की घाटी गुलजार होती है। नित्थर क्षेत्र में दो मेले इस महीने में मनाए जाते हैं। इसमें 8 बैसाख का धनाह के रखाऊ नाग मंदिर में सजने वाला मेला और 18 बैसाख को चेबड़ी के भुवनेश्वरी माता मंदिर के प्रांगण में सजने वाला मेला शामिल है। इन दोनों मेलों की आउटर सराज में बड़ा महत्व है। सदियों पहले जब दूरसंचार के माध्यम नहीं थे। परिवहन के साधन कम थे तो ये मेले अपने सगे संबंधियों से मिलने के माध्यम हुआ करते थे। आज भी पारंपरिक तरीके से ये मेले धूमधाम से मनाए जाते हैं। इसमें स्वांग नृत्य से लेकर नाटी का आयोजन किया जाता है, जो की पहाड़ी संस्कृति को दर्शाता है।