{"_id":"64b2d9da1c61a530a304ecc7","slug":"rampur-news-rain-apple-orchard-deases-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1033-2756-2023-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: लगातार बारिश से स्प्रे करने में बागवान असमर्थ, बगीचों में फैल रहा संक्रमण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: लगातार बारिश से स्प्रे करने में बागवान असमर्थ, बगीचों में फैल रहा संक्रमण
विज्ञापन
रोहड़ू। जिले में लगातार हो रही बारिश ने बागवानों की परेशानिया बढ़ा दी है। बारिश के कारण बागवान सेब के बागीचों में फंफूदनाशक और कीटनाशक से बचाव के लिए छिड़काव नहीं कर पा रहे हैं। इससे बगीचों में अल्टनेरिया और मार्सोनिना कोरोनिया रोग तेजी से फैल रहा है।
संक्रमण के कारण समय से पूर्व पत्तझड़ होने का खतरा बढ़ गया है। रोग के फैलने से इसका विपरीत असर फल पर भी पड़ रहा है। बागवानी विशेषज्ञों के पास रोग फैलने के विभिन्न क्षेत्र से मामले सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों ने बागवानों को आवश्यक दवाइयों के छिड़काव करने की सलाह दी है।
अधिक नमी वाले बगीचों में अल्टरनेरिया रोग के अधिक लक्षण दिखाई दे रहे हैं। प्रारंभिक चरण में रोग सेब की पत्तियों पर दिखाई दे रहा है। रोग से ग्रस्त पत्तियों की ऊपरी सतह पर गोलाकार गहरे रंग के धब्बे नजर आते हैं। धब्बे पहले भूरे और फिर गहरे भूरे रंग के हो जाते हैं। पत्तियों का शेष भाग पीले रंग का होता जाता है। रोग के पनपने से समय से पूर्व ही पतझड़ शुरू हो जाता है। इससे फल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। संक्रमित फलों पर भी भूरे रंग के धब्बे दिखाई देते हैं और फलों का विकास भी रुक जाता है। अधिक वर्षा, नमी और तापमान में गिरावट के कारण यह रोग फैलता है।
विज्ञापन
लगातार हो रही वर्षा से रोग फैल रहा है लेकिन लगातार हो रही बारिश से बागवानों को दवाइयों के छिड़काव का समय नहीं मिल रहा है। इससे संक्रमण लगातार फैलता जा रहा है। पूर्व उद्यान विकास अधिकारी और बागवानी विशेषज्ञ डॉ. आगर दास के अनुसार अल्टरनेरिया रोग के पूरे क्षेत्र से मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बागवानों को उद्यान विभाग की ओर से जारी की स्प्रे सारिणी के अनुसार छिड़काव की जरूरत है।
बागवानी विशेषज्ञ एवं कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डाॅ नरेंद्र कायथ का कहना है कि समय पर रोक की रोकथाम नहीं की गई तो मार्सोनिना कोरोनेरिया और अल्टरनेरिया रोग की चपेट में बगीचे पूरी तरह से आ जाएंगे। यह रोग सेब के लिए बहुत घातक है। सेब तुड़ान से पहले ही सेब के पौधे से पत्तियां झड़ जाएंगी। उन्होंने कहा फंगस से अधिक संक्रमण फैलता है। बारिश में इसके लक्षण लगातार बढ़ रहे है।
विज्ञापन
संक्रमण के कारण समय से पूर्व पत्तझड़ होने का खतरा बढ़ गया है। रोग के फैलने से इसका विपरीत असर फल पर भी पड़ रहा है। बागवानी विशेषज्ञों के पास रोग फैलने के विभिन्न क्षेत्र से मामले सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों ने बागवानों को आवश्यक दवाइयों के छिड़काव करने की सलाह दी है।
विज्ञापन
अधिक नमी वाले बगीचों में अल्टरनेरिया रोग के अधिक लक्षण दिखाई दे रहे हैं। प्रारंभिक चरण में रोग सेब की पत्तियों पर दिखाई दे रहा है। रोग से ग्रस्त पत्तियों की ऊपरी सतह पर गोलाकार गहरे रंग के धब्बे नजर आते हैं। धब्बे पहले भूरे और फिर गहरे भूरे रंग के हो जाते हैं। पत्तियों का शेष भाग पीले रंग का होता जाता है। रोग के पनपने से समय से पूर्व ही पतझड़ शुरू हो जाता है। इससे फल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। संक्रमित फलों पर भी भूरे रंग के धब्बे दिखाई देते हैं और फलों का विकास भी रुक जाता है। अधिक वर्षा, नमी और तापमान में गिरावट के कारण यह रोग फैलता है।
विज्ञापन
लगातार हो रही वर्षा से रोग फैल रहा है लेकिन लगातार हो रही बारिश से बागवानों को दवाइयों के छिड़काव का समय नहीं मिल रहा है। इससे संक्रमण लगातार फैलता जा रहा है। पूर्व उद्यान विकास अधिकारी और बागवानी विशेषज्ञ डॉ. आगर दास के अनुसार अल्टरनेरिया रोग के पूरे क्षेत्र से मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बागवानों को उद्यान विभाग की ओर से जारी की स्प्रे सारिणी के अनुसार छिड़काव की जरूरत है।
बागवानी विशेषज्ञ एवं कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डाॅ नरेंद्र कायथ का कहना है कि समय पर रोक की रोकथाम नहीं की गई तो मार्सोनिना कोरोनेरिया और अल्टरनेरिया रोग की चपेट में बगीचे पूरी तरह से आ जाएंगे। यह रोग सेब के लिए बहुत घातक है। सेब तुड़ान से पहले ही सेब के पौधे से पत्तियां झड़ जाएंगी। उन्होंने कहा फंगस से अधिक संक्रमण फैलता है। बारिश में इसके लक्षण लगातार बढ़ रहे है।