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Rampur Bushahar News: किन्नौर जिले में सूखे की चपेट में आए सेब के बगीचे
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चिलिंग ऑवर्स पूरे नहीं होने से बागवानों को फसल उत्पादन की सताने लगी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में बीते लंबे समय से बर्फबारी और बारिश न होने के कारण सेब के बगीचे सूखे की चपेट में आ गए हैं। ऐसे में बागवान आने वाले सीजन में सेब की पैदावार को लेकर चिंतित है। बागवान शमशेर नेगी, खुशाल नेगी, अशोक नेगी, प्रीतम नेगी, दावा नेगी और गुरमीत नेगी का कहना है कि मौसम लंबे समय तक सूखा रहने से सेब के उत्पादन पर असर पड़ सकता है। इसका सेब की पैदावार पर विपरीत असर पड़ेगा। चिलिंग ऑवर्स पूरे नहीं हुए तो किन्नौर के बागवानों को काफी नुकसान झेलना पड़ेगा। जब तक सेब के पौधे की चिलिंग ऑवर्स 1,000 से 1,600 घंटे पूरे नहीं होते हैं तो फ्लावरिंग और गुणवत्ता प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि कमजोर फ्लावरिंग से फूल झड़ जाते हैं। अगर कुछ दिनों में अच्छी बर्फबारी और बारिश हो जाए तो फसल को चिलिंग ऑवर्स पूरा करने में मदद मिलेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में बीते लंबे समय से बर्फबारी और बारिश न होने के कारण सेब के बगीचे सूखे की चपेट में आ गए हैं। ऐसे में बागवान आने वाले सीजन में सेब की पैदावार को लेकर चिंतित है। बागवान शमशेर नेगी, खुशाल नेगी, अशोक नेगी, प्रीतम नेगी, दावा नेगी और गुरमीत नेगी का कहना है कि मौसम लंबे समय तक सूखा रहने से सेब के उत्पादन पर असर पड़ सकता है। इसका सेब की पैदावार पर विपरीत असर पड़ेगा। चिलिंग ऑवर्स पूरे नहीं हुए तो किन्नौर के बागवानों को काफी नुकसान झेलना पड़ेगा। जब तक सेब के पौधे की चिलिंग ऑवर्स 1,000 से 1,600 घंटे पूरे नहीं होते हैं तो फ्लावरिंग और गुणवत्ता प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि कमजोर फ्लावरिंग से फूल झड़ जाते हैं। अगर कुछ दिनों में अच्छी बर्फबारी और बारिश हो जाए तो फसल को चिलिंग ऑवर्स पूरा करने में मदद मिलेगी।