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Rampur Bushahar News: दलाश क्षेत्र के पेयजल स्रोतों में 45 से 50 प्रतिशत पानी सूखा, पेयजल संकट का खतरा

Sun, 28 Jan 2024 06:40 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jan 2024 06:40 PM IST
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दो महीने से सूखे के कारण आने वाले दिनों में बढ़ेगी लोगों की समस्याएं, कंडी नाला से होती है क्षेत्र को पेयजल आपूर्ति
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आशीष शर्मा

दलाश (कुल्लू)। दो महीने से बारिश और बर्फबारी नहीं होने से क्षेत्र के पेयजल स्रोत सूखना शुरू हो गए हैं। क्षेत्र में पड़े सूखे के कारण पेयजल स्रोतों में 45 से 50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इस कारण आने वाले दिनों में क्षेत्र में जल संकट की समस्या पैदा हो सकती है। जल शक्ति विभाग दलाश सबडिवीजन के तहत दलाश क्षेत्र की सात पंचायतें आती हैं। इस उपमंडल में हजारों पेयजल उपभोक्ता हैं। क्षेत्र में सितंबर के बाद बारिश न होने के कारण सूखे की स्थिति पैदा हो गई है। इससे पेयजल स्रोत सूखने के कगार पर आ गए हैं। इसके कारण क्षेत्र की लोगों की समस्याएं भी बढ़ गई हैं। दलाश उपमंडल का पानी का मुख्य स्रोत कंडी नाला है। लंबे समय से बारिश न होने के कारण इसके पानी में 45 से 50 प्रतिशत की गिरावट आ गई है। अगर मौसम बेरुखी आने वाले दिनों में भी जारी रही तो क्षेत्र में जल संकट गहरा सकता है। स्थानीय निवासी विनोद शर्मा, देवराज चौहान, जियालाल वर्मा, एनडी ठाकुर, भारद्वाज शर्मा और मिलाप सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि सर्दियों के मौसम में बारिश-बर्फबारी न होने के कारण गर्मी के मौसम में भी बड़े जलसंकट की संभावना बन गई है। दलाश सबडिवीजन एसडीओ डीडी ठाकुर का कहना है कि पेयजल के सोर्स में 45 से 50 प्रतिशत की कमी आ गई है। क्षेत्र की जनता को पानी की समस्या न हो, इसके लिए विभाग काम कर रहा है। इसके साथ ही उठाऊ पेयजल योजनाओं से भी पानी की आपूर्ति की जा रही है।
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