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Rampur Bushahar News: रिकांगपिओ, कल्पा और पांगी में शोपीस बने सीसीटीवी कैमरे
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तीन माह से 13 कैमरे फांक रहे धूल, पुलिस प्रशासन बेखबर, आपराधिक गतिविधियां को रोकना बना चुनौती
जिला प्रशासन ने लाखों की लागत से स्थापित किए हैं कैमरे, उचित रखरखाव नहीं होने से नहीं मिल रहा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिला किन्नौर मुख्यालय रिकांगपिओ, कल्पा और पांगी में बीते तीन माह से सीसीटीवी कैमरे शोपीस बने हुए हैं। हालत यह है कि 13 सीसीटीवी कैमरे धूल फांक रहे हैं। ऐसे में कई सवाल उठ रहे हैं कि सीसीटीवी कैमरे खराब होने से आपराधिक गतिविधियां पर कैसे रोक लगेगी। गौर हो कि नवंबर में कल्पा में एक, पांगी में एक और रिकांगपिओ के आसपास 11 सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं। कैमरे खराब होने से स्थानीय लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। जिला प्रशासन ने लाखों की लागत से सीसीटीवी कैमरे स्थापित तो किए हैं, लेकिन उचित देखरेख के अभाव में यह खराब हो गए हैं। हैरानी इस बात की है कि इसको लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से बेखबर है। करीब तीन माह से कैमरे खराब हैं। पंचायत प्रधान कोठी पंचायत ओम प्रकाश नेगी, उपप्रधान कोठी महेश नेगी, प्रधान शुदारंग पंचायत दलीप नेगी, प्रधान पांगी कालजंग मनी नेगी, प्रधान दुनी पंचायत दिवान नेगी, प्रधान कल्पा सरिता नेगी और उपप्रधान कल्पा राजेश नेगी सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे खराब होने से चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं को को बढ़ावा मिलेगा। बिना कैमरों के इन ऐसी वारदातों को कैसे नियंत्रण किया जाएगा। उन्होंने जल्द जिला प्रशासन से सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त करने की मांग उठाई है। वहीं, कार्यवाहक एसपी किन्नौर नवीन जाल्टा ने बताया कि कैमरे खराब हैं, लेकिन इनको दुरुस्त करने के लिए बजट नहीं है। बजट के लिए जिला प्रशासन से पत्राचार किया गया है। बजट का प्रावधान होते ही कैमरों को दुरुस्त किया जाएगा। वहीं उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। संबंधित विभाग से इस बारे पूछा जाएगा। अगर ऐसी समस्या है, इसका समाधान किया जाएगा।
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जिला प्रशासन ने लाखों की लागत से स्थापित किए हैं कैमरे, उचित रखरखाव नहीं होने से नहीं मिल रहा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिला किन्नौर मुख्यालय रिकांगपिओ, कल्पा और पांगी में बीते तीन माह से सीसीटीवी कैमरे शोपीस बने हुए हैं। हालत यह है कि 13 सीसीटीवी कैमरे धूल फांक रहे हैं। ऐसे में कई सवाल उठ रहे हैं कि सीसीटीवी कैमरे खराब होने से आपराधिक गतिविधियां पर कैसे रोक लगेगी। गौर हो कि नवंबर में कल्पा में एक, पांगी में एक और रिकांगपिओ के आसपास 11 सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं। कैमरे खराब होने से स्थानीय लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। जिला प्रशासन ने लाखों की लागत से सीसीटीवी कैमरे स्थापित तो किए हैं, लेकिन उचित देखरेख के अभाव में यह खराब हो गए हैं। हैरानी इस बात की है कि इसको लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से बेखबर है। करीब तीन माह से कैमरे खराब हैं। पंचायत प्रधान कोठी पंचायत ओम प्रकाश नेगी, उपप्रधान कोठी महेश नेगी, प्रधान शुदारंग पंचायत दलीप नेगी, प्रधान पांगी कालजंग मनी नेगी, प्रधान दुनी पंचायत दिवान नेगी, प्रधान कल्पा सरिता नेगी और उपप्रधान कल्पा राजेश नेगी सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे खराब होने से चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं को को बढ़ावा मिलेगा। बिना कैमरों के इन ऐसी वारदातों को कैसे नियंत्रण किया जाएगा। उन्होंने जल्द जिला प्रशासन से सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त करने की मांग उठाई है। वहीं, कार्यवाहक एसपी किन्नौर नवीन जाल्टा ने बताया कि कैमरे खराब हैं, लेकिन इनको दुरुस्त करने के लिए बजट नहीं है। बजट के लिए जिला प्रशासन से पत्राचार किया गया है। बजट का प्रावधान होते ही कैमरों को दुरुस्त किया जाएगा। वहीं उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। संबंधित विभाग से इस बारे पूछा जाएगा। अगर ऐसी समस्या है, इसका समाधान किया जाएगा।