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शिक्षा को वस्तु की तरह बेच रही प्रदेश की कांग्रेस सरकार : एसएफआई
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सरस्वतीनगर कालेज में नव गठित एसएफआई की कैंपस कार्यकारिणी
पूनम बनी सरस्वतीनगर काॅलेज इकाई की कैंपस अध्यक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। एसएफआई सरस्वतीनगर काॅलेज इकाई का 24 वां सम्मेलन शनिवार को आयोजित हुआ। इस दौरान इकाई के चुनाव भी करवाए गए। इसमें पूनम को कैंपस अध्यक्ष और नेहा को कैंपस सचिव चुना गया। पूनम, नेहा, निशिका, कृतिका, मीनाक्षी, कृति, पियूष, मुस्कान, अंकित, संजना, साक्षी, वंशिका, रोहन, मेहक और मनीषा सहित 15 सदस्यों की कार्यकारिणी का गठन किया गया। सम्मेलन में एसएफआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमन थारटा विशेष रूप से उपस्थित रहे। एसएफआई शिमला जिला उपाध्यक्ष पवन कुमार ने कहा कि शिक्षा में हिमाचल प्रदेश का स्थान 21वें नंबर पर पहुंच गया है। प्रदेश में कांग्रेस सरकार शिक्षा को एक वस्तु की तरह बेच रही है। हिमाचल प्रदेश लगातार कर्जे में डूबता जा रहा है। परिणाम स्वरूप प्रदेश सरकार न तो युवाओं को रोजगार दे पा रही है और न ही सरकारी संस्थानों को निजी हाथों में देने से बचा पा रही है। एसएफआई का सम्मेलन हिमाचल प्रदेश के नौ लाख बेरोजगार युवाओं के लिए आंदोलन का एक रास्ता तैयार करेगा। सम्मेलन ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि संजौली महाविद्यालय में तीन महीने से अवैध निष्कासन से पीड़ित छात्र-छात्राओं के लिए संघर्ष को और अधिक तेज किया जाएगा। प्रदेश में बढ़ रही सांप्रदायिकता व महिला उत्पीड़न के खिलाफ यह सम्मेलन आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगा। रमन थारटा ने कहा कि वर्तमान में जिस तरीके से देश और प्रदेश में समावेशी व समतामूलक शिक्षा व्यवस्था पर हमले किए जा रहे हैं, यह हमारी लोकतांत्रिक शिक्षा प्रणाली पर सबसे बड़ी चुनौती है। देश और प्रदेश में जिन महाविद्यालयों व विद्यालयों में तीन हजार से कम विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उनको जबरन बंद किया जा रहा है। वर्तमान में देश में लगभग 13 करोड़ बच्चे ऐसे हैं, जो शिक्षा के मूल अधिकार से वंचित है। देश व प्रदेश में लगातार शैक्षणिक भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। एसएफआई सरस्वतीनगर काॅलेज इकाई का 24 वां सम्मेलन शनिवार को आयोजित हुआ। इस दौरान इकाई के चुनाव भी करवाए गए। इसमें पूनम को कैंपस अध्यक्ष और नेहा को कैंपस सचिव चुना गया। पूनम, नेहा, निशिका, कृतिका, मीनाक्षी, कृति, पियूष, मुस्कान, अंकित, संजना, साक्षी, वंशिका, रोहन, मेहक और मनीषा सहित 15 सदस्यों की कार्यकारिणी का गठन किया गया। सम्मेलन में एसएफआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमन थारटा विशेष रूप से उपस्थित रहे। एसएफआई शिमला जिला उपाध्यक्ष पवन कुमार ने कहा कि शिक्षा में हिमाचल प्रदेश का स्थान 21वें नंबर पर पहुंच गया है। प्रदेश में कांग्रेस सरकार शिक्षा को एक वस्तु की तरह बेच रही है। हिमाचल प्रदेश लगातार कर्जे में डूबता जा रहा है। परिणाम स्वरूप प्रदेश सरकार न तो युवाओं को रोजगार दे पा रही है और न ही सरकारी संस्थानों को निजी हाथों में देने से बचा पा रही है। एसएफआई का सम्मेलन हिमाचल प्रदेश के नौ लाख बेरोजगार युवाओं के लिए आंदोलन का एक रास्ता तैयार करेगा। सम्मेलन ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि संजौली महाविद्यालय में तीन महीने से अवैध निष्कासन से पीड़ित छात्र-छात्राओं के लिए संघर्ष को और अधिक तेज किया जाएगा। प्रदेश में बढ़ रही सांप्रदायिकता व महिला उत्पीड़न के खिलाफ यह सम्मेलन आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगा। रमन थारटा ने कहा कि वर्तमान में जिस तरीके से देश और प्रदेश में समावेशी व समतामूलक शिक्षा व्यवस्था पर हमले किए जा रहे हैं, यह हमारी लोकतांत्रिक शिक्षा प्रणाली पर सबसे बड़ी चुनौती है। देश और प्रदेश में जिन महाविद्यालयों व विद्यालयों में तीन हजार से कम विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उनको जबरन बंद किया जा रहा है। वर्तमान में देश में लगभग 13 करोड़ बच्चे ऐसे हैं, जो शिक्षा के मूल अधिकार से वंचित है। देश व प्रदेश में लगातार शैक्षणिक भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।